इक्कीसवीं सदी भारत और अमरीका की है

शेष बराक ओबामा की भारत यात्रा ने भारतीय उप महाद्वीप की राजनीति में एक नया आयाम जोड़ दिया है. पहले दिन ही 10 अरब डालर के अमरीकी निर्यात का बंदोबस्त करके उन्होंने अपने देश में अपनी गिरती लोकप्रियता को थामने का काम किया है. अमरीकी चुनावों में उनकी पार्टी की खासी दुर्दशा भी हुई है. दोबारा चुना जाना उनका सपना है. ज़ाहिर है, भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा देकर उन्होंने अपना रास्ता आसान किया है. भारत में उनकी यात्रा को कूटनीतिक स्तर पर सफलता भी माना जा रहा है. बराक ओबामा भारत  को एक महान शक्ति मानते हैं. मुंबई के एक कालेज में उन्होंने कहा कि वे इस बात को सही नहीं मानते कि भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है, क्योंकि उनका कहना है कि भारत एक महाशक्ति के रूप में उभर चुका है.