शुक्र है सब ठीक ठाक है

शेषजीअमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के बाद एशिया का कूटनीतिक माहौल बदलना तय है. नए समीकरण उभरेगें और शक्ति का संतुलन बदलेगा. अमरीका की इस इलाके में बढ़ती ताक़त को बैलेंस करने के लिए चीन ने भी अमरीका विरोधियों का एक खेमा तैयार करना शुरू कर दिया है. म्यांमार और इरान के प्रति अमरीकी चिढ़ का उल्लेख कर के ओबामा ने साफ़ संकेत दे दिया है वे भारत की तरफ दोस्ती का जो हाथ बढ़ा रहे हैं उसमें बहुत सारी शर्तें नत्थी हैं. अपने देश का सौभाग्य है कि यहाँ प्रिंट मीडिया में कुछ बहुत ही समझदार किस्म के पत्रकार नौकरी कर रहे हैं. जिसकी वजह से घटना के अगले दिन सही खबर का पता चलता रहा. वरना टेलीविज़न की ख़बरों वाले तो सच्चाई को इतनी मुहब्बत से और बिलकुल अपने दिल की बात समझ कर पेशकर रहे थे कि लगता था सब उल्टा पुल्टा हो रहा था. लेकिन जब अगले दिन अखबारों में खबरें पढ़ी जाती थीं तो सारी बात सही सन्दर्भ में पता लग जाती थीं.