समाज-सरोकार खरी बात कहने-सुनने की शैली रामानंद ने ही शुरू की थी : शाहन के शाह : सामाजिक सुधार को समर्पित स्वामी रामानंद : भक्ति में जात-पात। ना बाबा ना। यह अनर्थ कम से कम मुझसे... Bhadas4Media.comFebruary 24, 2011