बाबा रामदेव की दस गल्तियां

अन्ना हजारे के आंदोलन को भले ही अभी पूर्णतया सफल कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन इस आंदोलन ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. इस आंदोलन को जितना जनसमर्थन मिला उतना समर्थन बाबा रामदेव के आंदोलन को नहीं मिल पाया. बाबा रामदेव सरकारी चालों में ऐसा उलझे की सुलझना मुश्किल सा ही लग रहा हैं. बाबा, बाबा हैं और अन्ना, अन्ना. दोनों अलग-अलग तरह से आमजन के काफी करीब रहें हैं. बाबा रामदेव ने जिस तरह से अपना आंदोलन आगे बढ़ाया हैं उसके बाद उन्हें बाबा रामदेव न कहकर भोले बाबा कहना ज्यादा उचित होगा.