इं‍जीनियरिंग परीक्षा घोटाला : सैकड़ों फेल छात्रों को कर दिया गया पास

विनायक विजेता: सुशासन का हाल-2 : कई घोटालों कारण अक्सर सुर्खियों में रहा बिहार के घोटाला अध्याय में एक और अध्याय जुड़ने वाला है। यह अध्याय वीपी मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के नियंत्रणाधीन पूर्णिया के दो इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ा है। पूर्णिया में मीलिया इंस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नॉलाजी और विद्या बिहार इंस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नॉलाजी नामक दो इंजीनियरिंग कालेज है। बीते दिसम्बर माह में जामिया मीलिया के फाइनल ईयर के और विद्या बिहार के प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं हुईं। परीक्षा के बाद मूल्यांकन के लिए दोनों कॉलेजों की कापियां एमआईटी, मुजफ्फरपुर भेजी गई। मूल्यांकन के दौरान इन दोनों इंजीनियरिंग कॉलेजों के लगभग सत्तर प्रतिशत परीक्षार्थी अनुतीर्ण हो गए। इसके बाद इस मामले में खेल शुरू हो गया।

सरकार नहीं वीसीपी का हुक्म चलता है बिहार की जेलों में

विनायक विजेता: सुशासन का हाल-1 : गोपालगंज जेल के डाक्टर भूदेव की हत्या के बाद सरकार की कुंभकर्णी नींद तो खुली है पर सरकार और कारा विभाग के आलाधिकारियों की नाक के नीचे ही जेल का जो खेल चल रहा है उस पर सरकार की नजर नहीं है। यह एक तल्ख और चौकाने वाली सच्चाई है कि बिहार की जेलों पर एक तरह से एक खास व्यक्ति का अघोषित साम्राज्य बीते बीस वर्षों से कायम है। इस शख्स का नाम है वीरचंद प्रसाद सिंह। लालू-राबड़ी सरकार में सरकार और कई नेताओं के काफी करीबी माने वाले व कई वर्षों तक बक्सर सेंट्रल जेल में उपाधीक्षक रहे वीसीपी सिंह को 1992 में प्रमोशन देकर उप-निदेशक जेल उद्योग बनाया गया। तब से लेकर अबतक वह इसी पद पर विराजमान हैं। कारा विभाग में विभागीय गुरु के नाम से जाना जाने वाले वीसीपी सिंह के बारे में यह चर्चा है कि बिना उनकी सहमति के विभाग का पत्ता भी नहीं हिलता।