Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

Uncategorized

अरुण जेटली ने किया ‘बीते दशक की देश दिशा और वर्तमान चुनौतियां’ का लोकार्पण

पटना। रामजी मिश्र मनोहर मीडिया फाउंडेशन की ओर से 21 अप्रैल को भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। अवसर था आर्थिक विश्लेषक सुरेश रूंगटा की पुस्तक ‘बीते दशक की दशा-दिशा और वर्तमान चुनौतियां‘ पुस्तक का लोकार्पण। स्थानीय होटल पाटलिपुत्र अशोक के सभागार में आयेजित समारोह में राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता अरूण जेटली ने पुस्तक का लोकार्पण किया। समारोह में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के अलावा कई मंत्री और दर्जनाधिक विधायक के अलावा बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी उपस्थित थे। इस मौके पर श्री जेटली ने कहा है कि केन्द्र सरकार में दो तरह की संस्कृति काम कर रही है। एक तो सरकार में फैसला कोई करता है जबकि लागू कोई और। बजट नार्थ ब्लाक से बनाये जा रहे हैं जबकि खर्च 10 जनपथ से हो रहा है। दो-दो पावर सेंटर के कारण यूपीए सरकार का राजनीतिक स्ट्रकचर ही गलत साबित हो रहा है।

पटना। रामजी मिश्र मनोहर मीडिया फाउंडेशन की ओर से 21 अप्रैल को भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। अवसर था आर्थिक विश्लेषक सुरेश रूंगटा की पुस्तक ‘बीते दशक की दशा-दिशा और वर्तमान चुनौतियां‘ पुस्तक का लोकार्पण। स्थानीय होटल पाटलिपुत्र अशोक के सभागार में आयेजित समारोह में राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता अरूण जेटली ने पुस्तक का लोकार्पण किया। समारोह में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के अलावा कई मंत्री और दर्जनाधिक विधायक के अलावा बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी उपस्थित थे। इस मौके पर श्री जेटली ने कहा है कि केन्द्र सरकार में दो तरह की संस्कृति काम कर रही है। एक तो सरकार में फैसला कोई करता है जबकि लागू कोई और। बजट नार्थ ब्लाक से बनाये जा रहे हैं जबकि खर्च 10 जनपथ से हो रहा है। दो-दो पावर सेंटर के कारण यूपीए सरकार का राजनीतिक स्ट्रकचर ही गलत साबित हो रहा है।

फाउंडेशन के इस कार्य की सराहना करते हुए श्री जेटली ने कहा कि आज राजनीतिज्ञों में लिखने की प्रवृत्ति घटी है। चुनावी राजनीति में राजनीतिज्ञों को पढ़ने-लिखने का वक्त नहीं मिल पा रहा है। अब तो ‘क्रास ब्रिडिंग‘ पढ़ने का प्रचलन बढ़ा है। लंबा लेख पढ़ने का अब स्वभाव नहीं रहा। वैसे मैंने लिखने की आदत अब भी नहीं छोड़ी है। जो लिखता हूं उसे बेबसाइट पर डाल देता हूं। आज राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और बिहार की स्थिति पर लिखने की जरूरत है, लेकिन जो भी लिखा जाये उसका मकसद सिर्फ अवसरवादिता न हो। उनकर ईशारा चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों की ओर था। डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजनेताओं में लिखने की प्रवृत्ति घटती जा रही है। वैसे यदि मैं आज राजनीतिज्ञ नहीं होता तो एक पत्रकार रहता। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने पं. रामजी मिश्र मनोहर के संरक्षण में छात्र जीवन के चंद लम्हे पेश करते हुए कहा कि आज के युग में मनोहरजी जैसे पत्रकार होना कठिन है। आरंभ में फाउंडेशन के सचिव प्रदीप जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में संपादक-प्रशन और फाउंडेशन के न्यासी पंकज वत्सल ने मनोहरजी के नाम पर पत्रकारिता पुरस्कार प्रारंभ करने का सरकार से आग्र किया। श्री वत्सल ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में मनोहरजी के परिवार की महती भूमिका रही है। बहुत कम ही लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि मनोहर जी के पिता, दादा और परदादा तो पत्रकार थे ही उनके तीनों पुत्र और अब तो पौत्र ने भी पत्रकारिता के पेशा अपनाया है। एक परिवार की छह पीढ़ी पत्रकारिता में हो, ऐसा उदाहरण देश-दुनिया में खोजे नहीं मिलता।

इस मौके पर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डा. सीपी ठाकुर ने कहा कि पत्रकारिता का मजा ही कुछ और होता है। श्री रूंगटा ने अपनी पुस्तक में भ्रष्टाचार पर अटैक किया है जो प्रशंसनीय है क्यों कि आज की तारीख में भ्रष्टाचार ही देश की गंभीर समस्या बनी हुई है। पुस्तक के लेखक सुरेश रूंगटा ने कहा कि संसाधनों के अभाव में राज्य में कई मोर्चों पर काम करने में दिक्कत हो रही है। इसलिए केन्द्र को चाहिये कि वह बिहार को विशेष राज्य का दर्जा शीघ्र दे। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद धीरेन्द्र प्रधान ने कहा कि रामजी मिश्र मनोहर मीडिया फाउंडेशन का यह कार्य एक नये भाव को दर्शाता है। इस मौके पर पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विकास मंत्री गिरिराज सिंह, विधान परिषद में भाजपा विधायक दल के उप नेता गंगा प्रसाद, पार्टी के महासचिव मंगल पांडेय, एमएलसी, विधान पार्षद सत्येन्द्र कुशवाहा, लाल बाबू प्रसाद, विधायक उषा विद्यार्थी, संजय मयूख, मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह, अशोक भटट, फांडडेशन के न्यासी और वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानवर्द्धन मिश्र, नवीनकुमार मिश्र, मोती लाल खेतान, अमर कुमार अग्रवाल के अलावा बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी एवं साहित्यकार उपस्थित थे।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...