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इटावा में सिविल जज के भाई की पत्‍नी की रहस्‍यम परिस्थितियों में मौत, हत्‍या की आशंका

इटावा : महोबा मे तैनात सिविल जज रमेश चंद्र के भाई की बीबी की इटावा के कोतवाली इलाके के सतीमुहल्ला मे हत्या करने के बाद शव को घर के ही भीतर जला दिया गया है। सिविल जज के भाई की बीबी की हत्या से इटावा मे हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज वारदात को किसने और किस मकसद से अंजाम दिया इसका अभी कोई पता नही चल पाया है। महोबा में  तैनात सिविल जज रमेश चंद्र के भाई सुरेश चंद्र इटावा शहर के सरस्वती महाविद्यालय में प्रधानाचार्य हैं, उनकी पत्‍नी 34 साल की सुषमा की घर के भीतर उस समय हत्या करके शव को भीतर वाले कमरे में जला दिया गया, जब पति और बच्‍चे क्रमश: महाविद्यालय एवं स्‍कूल गए थे। सुरेश चंद्र सुबह 9.30 बजे के करीब घर से स्कूल के लिये निकले थे।

इटावा : महोबा मे तैनात सिविल जज रमेश चंद्र के भाई की बीबी की इटावा के कोतवाली इलाके के सतीमुहल्ला मे हत्या करने के बाद शव को घर के ही भीतर जला दिया गया है। सिविल जज के भाई की बीबी की हत्या से इटावा मे हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज वारदात को किसने और किस मकसद से अंजाम दिया इसका अभी कोई पता नही चल पाया है। महोबा में  तैनात सिविल जज रमेश चंद्र के भाई सुरेश चंद्र इटावा शहर के सरस्वती महाविद्यालय में प्रधानाचार्य हैं, उनकी पत्‍नी 34 साल की सुषमा की घर के भीतर उस समय हत्या करके शव को भीतर वाले कमरे में जला दिया गया, जब पति और बच्‍चे क्रमश: महाविद्यालय एवं स्‍कूल गए थे। सुरेश चंद्र सुबह 9.30 बजे के करीब घर से स्कूल के लिये निकले थे।

दोपहर करीब 12 बजे के बाद जब दोनों बच्चे स्कूल से आये तो घर से धुंआ निकलता देख आसपास के लोगों को बताया। आसपास के लोग आननफानन में घर के भीतर दाखिल होकर जब तक सुषमा को बचाने की कोशिश करते उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद दिनेश चंद्र भी आ गए। पति और दोनों बच्चे भी हत्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पड़ोसी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर मौके पर विधि विज्ञान की टीम को भी परीक्षण के लिये भेजा गया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के सती मोहल्ला में मंगलवार की दोपहर को हुई सुषमा की मौत कई अनबूझ पहेलियां छोड़ गयी है। मुख्य गेट पर लगा ताला, बैठक का खुला दरवाजा, प्लेट में नमकीन व प्याज का मिलना, आग लगने के बाद भी सुषमा का न चिल्लाना ऐसी गुत्थियां हैं जिन्‍हें पुलिस को सुलझाना है।

मृतका प्राइवेट कंपनी में एजेंट थी और अच्छी आर्टिस्ट भी थी। वह बच्चों व पति को स्कूल भेज कर स्वयं अपने काम पर जाती थी। मंगलवार को भी यही हुआ। बच्चे स्कूल से तकरीबन 12 बजे लौटकर आ जाया करते थे। नित्य की भांति जब बच्चे स्कूल से लौटकर आये तो घर का ताला बंद देखकर चकित रह गये। इसी दौरान बच्चों ने मकान के अंदर धुंआ उठता देखा और शोर मचाया। मोहल्ले वालों व पड़ोसियों का कहना रहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार की चीख पुकार की आवाज नहीं सुनी। बच्चों के शोर मचाने पर ही जानकारी हो सकी।

प्रश्न उठता है कि यदि सुषमा ने आग लगाकर आत्महत्या की तो उनके तड़पने व शोर मचाने की आवाज क्यों नहीं आई। इसके बाद घर में नमकीन व प्याज की प्लेट बताती है कि कोई न कोई व्यक्ति उनके मकान में आया है। हालांकि मौत के कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। सीओ सिटी एमपी सलौनिया ने बताया कि मौत तकरीबन 12 बजे हुई होगी। मृतका का मोबाइल सेट मौके से गायब है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

इटावा से दिनेश शाक्‍य की रिपोर्ट.

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