पंजाब केसरी के ब्लैकमेलर व जाली पत्रकार अमित शौरी का एक और काला कारनामा

जालंधर: जालंधर से छपने वाली बाप-बेटे की अखबार के ब्लैकमेलर और जाली पत्रकार अमित शौरी का एक और काला कारनामा सामने आया है। अक्सर लोगों को डरा-धमकाकर अपनी व मालिकों की जेब भरने वाले इस ब्लैकमेलर पत्रकार के सताए एक और नौजवान ने मोर्चा खोलते हुए उसकी काली करतूत जगजाहिर की है। आरोप है कि उसे विदेश भेजने के नाम पर बस स्टैंड के निकट स्थित खन्ना वल्र्ड-वाईड टूर एंड ट्रैवल के मालिक अमरजीत सिंह खन्ना पुत्र चरणजीत सिंह खन्ना ने पौने चार लाख की ठगी की थी। थाना चार में अमरजीत खन्ना के खिलाफ जाली वीजा लगाने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पंजाब केसरी के ब्लैकमेलर पत्रकार अमित शौरी ने दलाल की भूमिका निभाते हुए ज¨तदर टिंकू से 25 हजार की ठगी कर ली। जतिंदर टिंकू ने अमित शौरी के खिलाफ मामला दर्ज करने की गुहार पुलिस से लगाई है।

पक्का बाग निवासी जतिंदर टिंकू ने शुक्रवार को प्रैस कांफ्रैंस के दौरान बताया कि उसकी ज्योति चौक में टिंकू लॉटरी की दुकान है तथा उसके साथ वाली फ्रूट शॉप पर अक्सर अमरजीत खन्ना आता-जाता था। इस दौरान उसकी टिंकू से जान-पहचान हो गई। टिंकू के अनुसार वह पिछले कई सालों से विदेश जाने की इच्छा अपने मन में पाले था, ऐसे में खन्ना ने उसे विदेश भिजवाने के लिए तरह-तरह के सब्जबाग दिखाए। टिंकू ने बताया कि खन्ना ने उसे अपने बस स्टैंड स्थित दफ्तर बुलाया और टिंकू से दस्तावेज व पासपोर्ट के साथ-साथ काम शुरू करने के लिए 1.80 लाख रुपए ले लिए। कुछ दिनों बाद टिंकू को फोन आया कि तुम्हारा जर्मनी का वीजा लग गया है। उसके कहने पर टिंकू 19 दिसंबर, 2014 को जर्मनी एंबैसी पहुंच गया लेकिन वहां पता चला कि वीजा जाली है, जिसके बाद उसने दिल्ली चाणक्यपुरी में शिकायत दर्ज करवाई तो अमरजीत सिंह खन्ना ट्रैवल एजैंट पर आई.पी.सी. की धारा 420,465,467,468,471,120 बी, 12 पी.पी. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। टिंकू ने वापस आकर जालंधर में भी थाना चार में आरोपी अमरजीत सिंह खन्ना के खिलाफ मुकद्दमा नंबर 14 दिनांक 3/2/2015 दर्ज करवाया।

टिंकू का कहना है कि इस मामले में माननीय सी.जी.एम. केवल कृष्ण की अदालत ने 16 अक्तूबर, 2015 को अमरजीत खन्ना को भगौड़ा करार दे दिया। थाना चार के ए.एस.आई. अरजिंदर सिंह ने आरोपी को दबोचने के लिए टिंकू से 35 हजार रुपए ए.सी.पी. सैंट्रल देवदत्त शर्मा के नाम पर रिश्वत के तौर पर ले लिए। यह मामला जब ए.सी.पी. डी.डी. शर्मा के पास पहुंचा तो उन्होंने ए.एस.आई. की जमकर क्लास ली और रिश्वत के रुपए वापस दिलवाए। टिंकू ने बताया कि वह पंजाब केसरी के ब्लैकमेलर और जाली पत्रकार अमित शौरी को अपने साथ ले गया था ताकि वह पुलिस पर दबाव बनाकर अपने रुपए वापस ले सके, मगर उसे क्या पता था कि उसके साथ आने वाला ब्लैकमेलर पत्रकार दूसरी पार्टी के साथ मिलकर गिरगिट की तरह रंग बदल लेगा। टिंकू का आरोप है कि जब वह ए.सी.पी. डी.डी. शर्मा के दफ्तर से बाहर निकलकर जैसे ही कंटीन पर पहुंचे तो शौरी ने उनसे 25 हजार रुपए यह कहकर ले लिए कि वह ट्रैवल एजैंट खन्ना को पुलिस से उठवाकर गिरफ्तार करवाएगा और तुम्हारे 3.80 लाख वापस दिलवाएगा।

टिंकू का आरोप है कि ब्लैकमेलर शौरी ने अपने चश्माधारी आका सुनील धवन (जो कभी आदमपुर से साइकिल पर आया करता था और आज उसकी बसें चलती हैं) के साथ मिलकर आरोपी अमरजीत खन्ना व उसे (पीड़ित जतिंदर टिंकू) को अपने दफ्तर बुलाया और गुरु-चेला उन दोनों को अपने मालिकों के सामने ले गए और राजीनामा के लिए दबाव बनाया गया। टिंकू का आरोप है कि चश्माधारी सुनील धवन ने धमकाया कि राजीनामा करो नहीं तो सी.पी. से कहकर किसी आपराधिक मामले में फंसवा दूंगा। टिंकू पर दबाव बनाया गया था कि 3.80 लाख की जगह डेढ़ लाख ले लो और चलते बनो। पीड़ित ने अमित शौरी को दिए 25 हजार वापस मांगे तो शौरी व सुनील धवन ने उसे जान से मारने की धमकियां दीं। टिंकू बिना राजीनामा के वापस आ गया और उसने अमरजीत खन्ना के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी जिसका नंबर सी.आर.एम.एम.10758/2015 है। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने खन्ना की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए हैं। आरोप है कि ए.डी.सी.पी. क्राइम रीडर तथा थाना चार के ए.एस.आई. अरजिंदर सिंह निजी स्वार्थ के लिए कोर्ट में चालान पेश नहीं कर रहे हैं जबकि आरोपी कोर्ट से भगौड़ा घोषित हो चुका है।

राजीनामा नहीं किया तो शौरी व चश्माधारी आका ने अफीम तस्कर बनवा दिया

पंजाब प्रैस क्लब में कांफ्रैस के दौरान अपना दु:ख जाहिर करते हुए ज¨तदर टिंकू की आंखें छलक आईं। उसने कहा कि अमित शौरी व उसका चश्माधारी आका सुनील धवन लोगों की भावनाओं व उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं। आपबीती सुनाते हुए टिंकू ने बताया कि 8 जून 2015 को दोपहर जब वह दुकान पर छबील लगाकर बांट रहा था, इसी दौरान पुलिस आई और उसके जानकार शेरू निवासी पक्का बाग, जो पहले से ही पुलिस के पास था और पुलिस ने अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर रखा था, के बारे में पूछताछ करने लगी। उसके बाद पुलिस ने 8 जून को सब्जी मंडी में कूड़े के ढेर से 600 ग्राम अफीम बरामद करके उसके खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उस पर आरोप लगाया कि यह अफीम की खेप का पर्चा तस्कर शेरू के बयान पर किया गया था। टिंकू का आरोप है कि मेरा शेरू से कोई लेना-देना नहीं है और न ही मैं नशे का कारोबारी हूं।

मुझ पर अफीम तस्करी का झूठा मामला दर्ज किया गया है। सच्चई यह है कि अमित शौरी के खुद शेरू तस्कर से मधुर संबंध हैं और वह खुद भी अफीम खाता है और उसके कुछ करीबी भी खाते हैं। शेरू के पकड़े जाने से पहले शौरी शेरू के घर गया था और फ्रिज में रखी अफीम की खेप निकालकर अपने साथ ले गया था। टिंकू का दावा है कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच करे तो पूरे मामले की परतें खुलेंगी। उसने कहा कि उसके खिलाफ मामला ब्लैकमेलर पत्रकार अमित शौरी व उसके चश्माधारी आका सुनील धवन के दबाव में पुलिस ने दर्ज किया है। वहीं, टिंकू ने इंसाफ के लिए हाईकोर्ट में रिट नंबर सी.आर.एम.एम. 35404/2015 दायर कर रखी है। टिंकू का यह भी आरोप है कि जब उसने इंसाफ के लिए कमिश्नरेट पुलिस के पास मामले की गहराई से जांच करने के लिए गुहार लगाई तो गुरु-चेले ने अपनी ऊंची पहुंच के बल पर वहां भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।

साभार- दैनिक सवेरा

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