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दुख-सुख

अपात्र पत्रकारों का सरकारी आवास रद किया जाए

प्रति
श्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

विषय- अपात्र पत्रकारों के सरकारी आवास का आवंटन रद करने और पात्र पत्रकारों को आवास सुविधा देने के संबंध में।

महोदय,

राष्टीय राजधानी क्षेत्र नोएडा, गाजियाबाद सहित लखनउ और पूरे उत्तर प्रदेश में सैकड़ों अपात्र पत्रकार ऐसे हैं जिनके नाम पर सरकारी आवास आंवटित है। अपात्र पत्रकार या तो पत्रकारिता छोड़ दिये हैं, या फिर किसी आफिस कॉपी प्रसार संख्या वाले अखबार का पत्रकार बताते हैं, पत्रकार के नाम पर दलाली करने, सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने का काम करने, किसी निजी कंपनियों या फिर किसी धंघे में लगे होते हैं।

अपात्र पत्रकारों के अपने अन्य आवास होने और अपने आश्रितों का आवास होने के बावजूद सरकारी आवास पर कब्जा बनाये बैठे हुए हैं। बेटे-बेटियों का आवास होने के बाद भी इन्हें आवास सुविधा मिली हुई है। 60 साल की उम्र के बाद पत्रकारों को आवास सुविधा सिर्फ मानवीय रूप में ही मिलनी चाहिए।

ऐसे पत्रकारों के पास सरकारी आवास तब तक कब्जा रहता है जब तक उनकी मृत्यु नहीं हो जाती है। इसके अलावा ऐसे अपात्र पत्रकारों के पास चल और अचल संपत्ति भी खूब होती है। सरकारी आवास आंवटन की समय-सीमा निर्धारित होनी चाहिए। किसी भी पत्रकार को जीवन भर के लिए आवास सुविधा का आवंटन नहीं होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में ऐसे सैकड़ों पात्र पत्रकार हैं जो निर्धन होने के साथ ही साथ कम आय वाले हैं। कम आय होने के कारण उनकी आवास की समस्याएं जटिल होती है। निर्धन और कम आय वाले पत्रकारों को आवास सुविधा दी जानी चाहिए।

मेरी आपसे निम्नलिखित मांग है-

अपात्र पत्रकारों से सरकारी आवास का आवंटन वापस लिया जाना चाहिए

अपात्र और आश्रितों के मकान होने के बाद भी सरकारी आवास पर कब्जा रखने वाले पत्रकारों पर 420 का मुकदमा दर्ज करायें और बाजार दर से किराया वसूलें।

किसी भी पत्रकार को आजीवन आवास सुविधा नहीं मिलनी चाहिए, आवास सुविधा को समय सीमा में बांध देना चाहिए।

पात्र, निर्धन और कम आय वाले पत्रकारों को आवास सुविधा उपलब्ध करायें।

निवेदक
आचार्य विष्णु हरि
Mobile- 9315206123
Email- [email protected]

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