Connect with us

Hi, what are you looking for?

Uncategorized

डेंगू ने बढ़ाई प्लेटलेट्स की मांग, आसपास के जिले भी आगरा के भरोसे

मदन मोहन सोनी – आगरा

आगरा और आसपास के इलाकों में वायरल फीवर और डेंगू के मरीजों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है। इसकी वजह से बीते 15 दिनों की अपेक्षा प्लेटलेट्स की मांग में तीन गुना से भी ज्यादा की वृद्धि देखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों में ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की प्लेटलेट् की मांग ज्यादा है। सिर्फ आगरा ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों से भी मरीजों के परिजन प्लेटलेट्स के जुगाड़ में आगरा के अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। रोजाना 100 से भी ज्यादा जंबो पैक की डिमांड हो रही है।

बता दें कि पिछले 15 दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़कर 102 तक पहुंच चुकी है। इसमें प्लेटलेट्स कम होने पर जंबो प्लेट रेंडम डोनर प्लेटलेट्स यानी की आरडीपी और फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा की मांग भी तीन गुना तक बढ़ गई है।

मालूम हो कि आगरा में कुल 28 ब्लड बैंक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दो सप्ताह पहले तक आगरा के इन ब्लड बैंकों में 35-40 जंबो पैक, 180-200 आरडीपी और इतने ही फ्रेश फ्रोजम प्लाजमा यूनिट की नियमित रुप से जरुरत पड़ रही थी पर आज की तारीख में स्थिति यह है कि अब रोजाना 100 जंबो पैक, 500-550 आरडीपी और फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा की मांग हो रही है। लगातार बढ़ते हुए इस मांग को पूरा करना आगरा के ब्लड बैंकों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

शहर के समर्पण ब्लड बैंक के कार्यकारी निदेशक अखिलेश अग्रवाल की मानें तो पिछले 15 दिनों में प्लेटलेट्स की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद, टूंडला, एटा समेत आसपास के कई जिलों के डेंगू और वायरल फीवर के मरीज आगरा पहुंच रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आगरा में डेंगू के मरीजों की संख्या 100 के पार जा चुकी है। 04 नए मरीजों के मिलने के बाद अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 102 हो चुकी है। एसएन मेडिकल कॉलेज की नर्स समेत देहात के 03 मरीजों को डेंगू होने का पता चला है। राहत की बात यह है कि इनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। कोई अस्पताल में भर्ती नहीं है। सबका इलाज अस्पताल में ही चल रहा है।

आगरा के जिला मलेरिया पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में 14 नमूनों की जांच हुई जिनमें 04 में डेंगू पाया गया।

एसएन मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ मृदुल चतुर्वेदी के अनुसार डेंगू के जिस मरीज को रक्तस्त्राव नहीं हो रहा है और विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज चल रहा है तो 10 हजार प्लेटलेट्स पर भी जंबो पैक चढ़ाने की जरुरत नहीं पड़ती है। यदि मरीज के नाक, कान, मूंह, मलद्वार से रक्त आता है तो जंबो पैक चढ़ाना अनिवार्य हो जाता है।

You May Also Like

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...

Uncategorized

‘व्यक्ति का केवल इतिहास पुरुष बन जाना तथा/ प्रिया का मात्र प्रतिमा बन जाना/ व्यक्तिगत जीवन की/ सब से बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं राम!’...

Advertisement