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यूरोप में प्रवासियों के लिए कहीं समर्थन रैली तो कहीं विरोध प्रदर्शन

यूरोप: यूरोप में इन दिनों लाखों की तादाद में अपने देश से बेघर हुए शरणार्थियों का मुद्दा चिंता का विषय बना हुआ है। जर्मनी के म्यूनिख शहर में शनिवार को क़रीब नौ हज़ार शरणार्थी पहुँचे। जिनके अधिकारों को लेकर यूरोप के कई शहरों में प्रवासियों के समर्थन में रैलियां निकाली गई। इन रैलियों में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया है। लोग सरकारों से प्रवासियों के लिए अधिक क़दम उठाने की मांग कर रहे हैं। कुछ देशों में इसके विरोध में भी प्रदर्शन हुए हैं। यूरोप मध्य-पूर्व और अफ़्रीका से बड़ी तादाद में आ रहे शरणार्थियों के संकट से निबटने के लिए संघर्ष कर रहा है।

यूरोप: यूरोप में इन दिनों लाखों की तादाद में अपने देश से बेघर हुए शरणार्थियों का मुद्दा चिंता का विषय बना हुआ है। जर्मनी के म्यूनिख शहर में शनिवार को क़रीब नौ हज़ार शरणार्थी पहुँचे। जिनके अधिकारों को लेकर यूरोप के कई शहरों में प्रवासियों के समर्थन में रैलियां निकाली गई। इन रैलियों में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया है। लोग सरकारों से प्रवासियों के लिए अधिक क़दम उठाने की मांग कर रहे हैं। कुछ देशों में इसके विरोध में भी प्रदर्शन हुए हैं। यूरोप मध्य-पूर्व और अफ़्रीका से बड़ी तादाद में आ रहे शरणार्थियों के संकट से निबटने के लिए संघर्ष कर रहा है।

  लंदन में दसियों हज़ार लोगों ने प्रधानमंत्री निवास की ओर रैली निकाली। जर्मनी में इस सप्ताहांत में 40 हज़ार शरणार्थी पहुँच सकते हैं। चांसलर अंगेला मैर्कल ने बड़ी तादाद में शरणार्थियों को स्वीकार करने के फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें लगता है कि यही सही है। हालांकि उन्हें सहयोगी राजनीतिक दलों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। बवेरिया प्रांत के प्रीमियर ने कहा है कि जर्मनी में हालात बेकाबू हो सकते हैं। लंदन में भी दसियों हज़ार लोगों ने प्रधानमंत्री निवास तक शरणार्थियों के समर्थन में रैली निकाली है।
कई अन्य ब्रितानी शहरों में भी बड़ी रैलियां निकाली गईं। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में भी क़रीब एक हज़ार लोगों ने रैली निकाली। कोपेनहेगन में हज़ारों लोग प्रवासियों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में तीस हज़ार से अधिक लोग संसद के बाहर इकट्ठा हुए। सिडनी में भी हज़ारों लोग प्रवासियों के समर्थन में बाहर निकले।
वहीं दूसरी ओर कई पू्र्वी यूरोपीय देशों में प्रवासियों के विरोध में रैलियां निकाली गईं। ब्रातिस्लावा में प्रवासियों के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे। सैन्य सहायता देने के लिए चार हज़ार सैनिक लगाए गए हैं। पोलैंड की राजधानी वारसॉ में इस्लाम विरोधी नारे लगाए गए। स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातीस्लावा और चैक गणराज्य की राजधानी प्राग में भी प्रवासियों के विरोध में रैली निकली।

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