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मथुरा: पत्रकार परिवार ने किया कविता संग्रह ‘खुली सड़क’ का विमोचन और विचार गोष्ठी का आयोजन

मथुरा: राइटर्स एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकार परिवार के संस्थापक नरेन्द्र मित्र व संरक्षक विजय शंकर वाजपेयी जी की स्मृति में पत्रकार सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी का आयोजन स्थानीय होटल शील गोपाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.बी.वर्मा की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर डा. सुरेश पाण्डेय की कविता संग्रह ‘खुली सड़क’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि विधान सभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय,  वरिष्ठ पत्रकार डा. रहीश सिंह,  अतुल चन्द्रा प्रभारी बी.बी.सी.,  राम मोहन चौकसे,  शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी,  हेमेन्द्र प्रताप सिंह तोमर,  सोमदत्त शास्त्री एवं पी0बी0 वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।

मथुरा: राइटर्स एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकार परिवार के संस्थापक नरेन्द्र मित्र व संरक्षक विजय शंकर वाजपेयी जी की स्मृति में पत्रकार सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी का आयोजन स्थानीय होटल शील गोपाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.बी.वर्मा की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर डा. सुरेश पाण्डेय की कविता संग्रह ‘खुली सड़क’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि विधान सभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय,  वरिष्ठ पत्रकार डा. रहीश सिंह,  अतुल चन्द्रा प्रभारी बी.बी.सी.,  राम मोहन चौकसे,  शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी,  हेमेन्द्र प्रताप सिंह तोमर,  सोमदत्त शास्त्री एवं पी0बी0 वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।

            कविता संग्रह का विमोचन करने के पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाजारीकरण के चलते समय के साथ पत्रकारिता की कार्यशैली बदली है। बाजारीकरण के दौर में आज समाचार पत्रों की निष्पक्षता और निर्भीकता में कमी आयी है। निष्पक्ष और स्वतन्त्र विचारों के प्रसार से ही मजबूत लोकतन्त्र का निर्माण सम्भव है। उन्होंने चिन्ता जताते हुये कहा कि कई बार हमें अखबारों में ऐसी चापलूसी भरी खबरें भी पढ़ने को मिलती है जिनसे समझ नहीं आता उस समाचार का मकसद क्या है। इस अवसर पर विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि पत्रकार अपनी कलम से समाज की विसंगतियों को सामने लाते हैं। अतः पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया करायी जानी चाहिये जिससे वह निष्पक्ष एवं निडर होकर अपना कार्य कर सकें। विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता अपनी पहचान स्वयं बनाती है। वरिष्ठ पत्रकार शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि अखबारों में जब से साहित्य को किनारे किया गया है तभी से पत्रकारिता के पतन की शुरूआत हुई है। आज समाज को सही दिशा देने के लिये साहित्य को पत्रकारिता से जोड़ने की जरूरत है। वरिष्ठ पत्रकार राम मोहन चौकसी जी ने कहा कि इस समय केवल पत्रकारिता ही नहीं सकल समाज ही व्यवसायिकता की चपेट में आ चुका है। पत्रकारिता के गिरते स्तर के लिये केवल पत्रकार ही जिम्मेदार नहीं है। आज पाठकों की रूचियां भी बदल रही हैं। आज पीत पत्रकारिता का स्वरूप बदलकर पेड न्यूज हो गया है। श्री चौकसी ने कहा कि बहुत कम कीमत में अखबारों को रंगीन पेज देने पड़ते हैं। इस कीमत में कोरा कागज नहीं खरीदा जा सकता। रंगीन अखबारों की कीमत वसूलने के लिये अखबारों को बाजार में उतरना पड़ता है। उन्होंने पत्रकारों को इस स्थिति में भी अपनी विश्वसनीयता बनाये रखने की बारीकी बताते हुये कहा कि सच्चे पत्रकार को किसी भी कीमत पर अपनी बात कहने और निशाना लगाने से नहीं चूकना चाहिये। वरिष्ठ पत्रकार हेमेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि साहित्यकारों और पत्रकारों का कार्य लगभग एक जैसा ही है वास्तव में वह एक दूसरे के पूरक बन सकते हैं। दैनिक भास्कर के सम्पादक सोमदत्त शास्त्री ने आधुनिक समय में सोशल मीडिया के उपयोग पर चर्चा करते हुये कहा कि फेसबुक, टवी्टर, व्हाटसअप जैसे आधुनिक तन्त्रों का उपयोग पत्रकारिता को समृद्ध कर रहा है। इंटरनेट पर भ्रामक और सच्ची जानकारियां मौजूद हैं। इन सबके बीच पत्रकारों को सजगता से अपना कार्य करना है। गोष्ठी के प्रमुख वक्ता डा.रहीश सिंह ने अपने ओजस्वी सम्बोधन में कहा कि आज कर्मठ और समर्पित पत्रकारों की जरूरत है और उनकी कद्र भी है। पत्रकारों को मिशन से पहले अपना विजन स्पष्ट करना होगा। स्वीकार और अस्वीकार के बीच की स्थिति अराजकता और संक्रमण की श्रेणी में आती है। दुर्भाग्य से यही आज सबसे ज्यादा व्याप्त है। पत्रकारिता की दयनीय स्थिति पर चिंतन से पहले जरूरी है कि हम जानें कि हम कैसे पत्रकार बना रहे हैं। मीडिया घराने और शिक्षण संस्थान अधूरे पत्रकार पैदा करेगें तो वह झंझावतों में फंसेगा ही। श्री सिंह ने कहा कि पत्रकारिता एजुकेशन, इन्फोरमेशन और एन्टरटेनमेन्ट में बंटी हुई है। हम क्या सीखते हैं, कहां से सूचना पाते हैं तथा उसे कितनी गम्भीरता से प्रस्तुत करते हैं यह सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि केवल गूगल पर देखकर पत्रकारिता नहीं की जा सकती।
राइटर्स एण्ड जर्नलिस्ट ऐशोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी पी वर्मा जी ने कहा कि पहले सम्पादक और पत्रकार नाम के लिये कार्य करते थे आज आर्थिक लाभ के लिये कार्य करने पर जोर दिया जाता है। इसके लिये पत्रकार झुकने को तैयार हो जाते हैं यह चिंतनीय है। आज भी कई एैसे सम्पादक हैं जो मालिक के उद्देश्यों से इतर पत्रकारिता के मायने समझते हैं और उसके अनुसार कार्य करते हैं। अगर सम्पादक स्ट्रांग हो तो स्थानीय स्तर के पत्रकार भी सही अर्थो में कार्य करते हैं। कार्यक्रम संयोजक मदन मोहन मानव, वाजा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल चन्द्रा, अध्यक्ष नटवर नागर, गोपाल शर्मा, सत्यनारायण सिंह, राजकुमार तोमर, मुकेश, प्रवीन पाठक, बी.पी.एन.खुराना, राधेश्याम,  सुरेश सैनी,  जगदीश सैनी,  कलश शर्मा ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार डा.रहीश सिंह को नरेन्द्र मित्र स्मृति सम्मान व पी.बी.वर्मा जी को विजयशंकर वाजपेयी सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अनंत स्वरूप देशभक्त, वकील कुरैशी, हरी किशन राजपूत, योगेश खत्री, शुशील गोस्वामी, अनेक सिंह, जगदीश वर्मा आदि अनेकों पत्रकार मौजूद थे।

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