डोकलाम विवाद के बाद पहली बार चीनी राष्ट्रपति से मिले भारतीय प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा आज शुरू हो गई. चीन पहुंचने के बाद उन्होंने वहां के राष्ट्रपति शी चिनपिंग के मुलाक़ात की. जिंगपिंग ने वुहान के हूबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में मोदी का स्वागत किया. हालांकि दोनों की देश इसे एक अनौपचारिक मुलाकात बता रहे हैं लेकिन इस मुलाकात में दोनों देशों के प्रतिनिधियों समेत भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल भी मौजूद रहे. 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ कुल 24 घंटों में मोदी और जिंगपिंग का 6 बार एक दूसरे से सामना होगा. इसके बावजूद फिलहाल यह तय किया गया है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच न तो कोई समझौता होगा और न ही कोई संयुक्त बयान जारी किया जाएगा. माना जा रहा है कि डोकलाम में 72 दिनों तक चले सैन्य गतिरोध के चलते दोनों देशों के बीच सैन्य अविश्वास काफी बढ़ गया है और इस बैठक से उस तनाव को कम करने में काफी मदद मिलेगी. गौरतलब है कि इस सम्मेलन को ‘दिल से दिल को जोड़ने वाली पहल’ करार दिया जा रहा है जिसका उद्देश्य दोनों देशों के कुछ अति विवादास्पद मुद्दों पर सहमति की राह खोजना है.

साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है। इसके बाद वह 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन जा सकते हैं।