इस बार किसी को नहीं मिलेगा साहित्य का नोबल


इस साल साहित्य के क्षेत्र में मिलने वाला नोबेल पुरस्कार किसी को भी नहीं दिया जाएगा.नोबल पुरस्कार देने वाली संस्था के सेक्स स्कैंडल में फंस जाने के चलते यह फैसला लिया गया है. अब इस साल का यह पुरस्कार सीधे 2019 में ही दिया जाएगा. गौरतलब है कि स्वीडिश अकादमी यह पुरस्कार देती है. 

अकादमी ने अपनी एक बैठक के बाद यह जानकारी सार्वजनिक की कि इस साल वे यह सम्मान किसी को नहीं देंगे. इस संदर्भ में अकादमी ने बताया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों और फाइनेंशियल अपराधों के घोटालों के बाद अभी अकादमी नोबेल पुरस्कार के लिए विजेता चुनने की स्थिति में नहीं है. हमें अगले पुरस्कार विजेता घोषित होने से पहले लोगों का भरोसा जीतना होगा और इसके लिए कुछ समय की जरूरत होगी.

क्या है यह मामला 

फ्रेंच फोटोग्राफर जीन क्लाउड अरनॉल्ट पर लगे कथित यौन उत्पीडन के आरोपों के चलते अकादमी पर सवाल उठे. बता दें कि अरनॉल्ट की शादी अकादमी की एक पूर्व सदस्य के साथ हुई है. उनका नाम कैटरीना फ्रॉस्टेंसन हैं और वह कवयित्री हैं. यह पूरा मामला पिछले साल नवंबर में मी टू कैंपेन के दौरान सामने आया. उस दौरान करीब 18 महिलाओं ने जीन क्लाउड अरनॉल्ट पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाया. इसके बाद अवॉर्ड प्रदान करने वाली 18 सदस्यों वाली संस्था ने अरनॉल्ट की पत्नी और संस्था की सदस्य कैटरीना फ्रॉस्टेंसन को कमेटी से निकालने के लिए वोट किया. अब अरनॉल्ट और कैटरीना से अकादमी ने सारे कनेक्शन खत्म कर दिए हैं.