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पश्चिम बंगाल के चुनाव आयुक्त ने राजनैतिक दबाव के कारण दिया इस्तीफा

कोलकाता: नगर निगम चुनाव में हुई हिंसा के मद्देनजर राजनीतिक दलों के दबाव के चलते पश्चिम बंगाल के राज्य चुनाव आयुक्त एस आर उपाध्याय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जबकि निगम चुनाव की मतगणना होनी अभी बाकी है। फिलहाल राज्यपाल के एन त्रिपाठी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलापन बंधोपाध्याय को पश्चिम बंगाल का अंतरिम राज्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है।

कोलकाता: नगर निगम चुनाव में हुई हिंसा के मद्देनजर राजनीतिक दलों के दबाव के चलते पश्चिम बंगाल के राज्य चुनाव आयुक्त एस आर उपाध्याय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जबकि निगम चुनाव की मतगणना होनी अभी बाकी है। फिलहाल राज्यपाल के एन त्रिपाठी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलापन बंधोपाध्याय को पश्चिम बंगाल का अंतरिम राज्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है।

       उपाध्याय ने यहां राजभवन में राज्यपाल के एन त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद कहा, ‘‘मैंने इस्तीफा दे दिया क्योंकि मैंने महसूस किया कि मुझे अवश्य इस्तीफा देना चाहिए।’’ हालांकि, उनसे जब यह पूछा गया कि मतगणना टालने और कुछ वार्डों में पुनर्मतदान की घोषणा करने के बाद क्या एसईसी के रूप में इस्तीफा देने के लिए उन पर कोई दबाव था, उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उपाध्याय ने यह भी कहा कि ‘‘किसी भी फैसले को प्रभावित करने के लिए किसी राजनीतिक पार्टी से कोई दबाव नहीं होना चाहिए। यह सही तरीका नहीं है।’’
     राज्यपाल ने कहा, ‘‘उपाध्याय कल करीब पौने चार बजे मेरे पास आए और उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। मैंने इस्तीफा प्राप्त कर लिया। उन्होंने इसके लिए जोर दिया और मैंने उसे राज्य सरकार की टिप्पणी के लिए भेज दिया। फिलहाल मुझे सरकार का विचार नहीं मिला है।’’  राज्य सरकार ने परिवहन विभाग के प्रधान सचिव अलापन बंधोपाध्याय का नाम अंतरिम एसईसी के तौर पर भेजा। त्रिपाठी ने बताया, ‘‘राज्य सरकार ने अलापन बंधोपाध्याय का नाम एसईसी के तौर पर भेजा। मैंने उसे मंजूरी दे दी।’’
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उपाध्याय के इस्तीफे और अंतरिम एसईसी के रूप में बंधोपाध्याय की नियुक्ति पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया तथा आशा जताई कि जो कोई एसईसी का प्रभार संभालेगा वह कार्यक्रम के मुताबिक नौ अक्तूबर को मतगणना कराएगा। विपक्षी पार्टियों ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इसने सत्तारूढ़ पार्टी के फतवे के मुताबिक एसईसी पर काम करने का दबाव डाला।
माकपा राज्य सचिव एवं विपक्षी नेता सुर्जय कांत मिश्रा ने बताया, ‘‘यह राज्य सरकार का दबाव था कि एसईसी इस्तीफा दें। यह अभूतपूर्व है।’’ भाजपा सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि एसईसी का इस्तीफा भाजपा के इस आरोप को स्थापित करता है कि तृणमूल कांग्रेस के शासन के तहत कोई स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव नहीं करा सकता।
उपाध्याय का कदम दर्शाता है कि उन्होंने राज्य सरकार से किस तरह का दबाव झेला होगा। प्रदेश कांग्रेस नेता मानस भुइंया ने कहा कि एसईसी को काफी पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था। यह इस्तीफा दर्शाता है कि किस तरह से मूलभूत लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक नियम तृणमूल कांग्रेस शासन के तहत जोखिम में है। बिधाननगर और आसनसोल में शनिवार को हुए नगर निकाय चुनावों को लेकर तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने उपाध्याय की आलोचना की थी। दरअसल, चुनाव में हिंसा और धांधली हुई थी।

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