ये दुनिया
शहीदों के मज़ारों पर जुड़ेंगे हर बरस मेले, वतन पे मरने वालों का यही बाक़ी निशां होगा। शहीद अशफ़ाक उल्लाह ख़ां की एक कविता...
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शहीदों के मज़ारों पर जुड़ेंगे हर बरस मेले, वतन पे मरने वालों का यही बाक़ी निशां होगा। शहीद अशफ़ाक उल्लाह ख़ां की एक कविता...