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किस मूर्ख ने आपको एक झटके में हजार-पांच सौ के नोट बैन करने की सलाह दी!

प्रिय मोदी जी,

मैं और मेरा परिवार शुरू से ही भाजपा को वोट करते आये हैं | 2014 में भी आपको चुनने के लिए वोट दिया। पर अब सोच रहे हैं कि कही ग़लत फ़ैसला तो नहीं लिया था। पता नहीं किस मूर्ख ने आपको एक  झटके में देश में से 500-1000 के नोट बैन करने की सलाह दी और आपने बिना सोचे समझे मान भी ली। क्या आपको किसी ने यह नहीं बताया कि देश में 86% सरकुलेशन इसी करेन्सी की है? मैं एक छोटा दुकानदार हूँ। पिछले दस दिन से काम बिलकुल ख़त्म ही हो गया है। मेरे जैसे करोड़ों और कारोबारी हैं हमारे देश में। बात हमारे घाटे की नहीं है। बात तो यह है कि मेरे पास 8 लाख कैश पड़ा है और मुझे ऐसा लग रहा है जैसे देश का सारा काला धन मेरे पास ही हो। मैं डर रहा हूँ। लोग वैट बचाने के लिए हमसे बिल नहीं लेते और हमारी मेहनत और हक़ की कमाई भी काला धन बन जाती है।

प्रिय मोदी जी,

मैं और मेरा परिवार शुरू से ही भाजपा को वोट करते आये हैं | 2014 में भी आपको चुनने के लिए वोट दिया। पर अब सोच रहे हैं कि कही ग़लत फ़ैसला तो नहीं लिया था। पता नहीं किस मूर्ख ने आपको एक  झटके में देश में से 500-1000 के नोट बैन करने की सलाह दी और आपने बिना सोचे समझे मान भी ली। क्या आपको किसी ने यह नहीं बताया कि देश में 86% सरकुलेशन इसी करेन्सी की है? मैं एक छोटा दुकानदार हूँ। पिछले दस दिन से काम बिलकुल ख़त्म ही हो गया है। मेरे जैसे करोड़ों और कारोबारी हैं हमारे देश में। बात हमारे घाटे की नहीं है। बात तो यह है कि मेरे पास 8 लाख कैश पड़ा है और मुझे ऐसा लग रहा है जैसे देश का सारा काला धन मेरे पास ही हो। मैं डर रहा हूँ। लोग वैट बचाने के लिए हमसे बिल नहीं लेते और हमारी मेहनत और हक़ की कमाई भी काला धन बन जाती है।

कोई अपना पुश्तैनी घर बेचता है और सरकार द्वारा लगाई बेहिसाब स्टैम्प ड्यूटी बचाने के लिए रेजिस्ट्री कम क़ीमत की करवाता है पर बाक़ी सारा पैसा काला धन बन जाता है। ऐसे करोड़ों लोग हैं। पर क्या आपको हमारे  जैसे ऐसे लोगों के और नशा बेचने वाले तस्करों के काले धन में कोई फ़र्क़ नज़र नहीं आता? समय की ज़रूरत तो यह थी कि आप पहले अपनी टैक्स  की प्रणाली को सीधा करते, कम करते ता कि किसी को टैक्स छुपाने की ज़रूरत ही ना पड़ती। अब कुछ लोग भूल से पचास हज़ार से ज़्यादा या ढाईं लाख से ज़्यादा बैंकों में जमा करवा बैठेंगे। होगा यह कि अगले माह आयकर विभाग के अधिकारी भूखे भेड़ियों की तरह उनके पीछे पड़ जायेंगे। पर दुख की बात तो यह है कि उनको अम्बानी, आदानी, बादल और जनार्दन रेडी जैसे नज़र नहीं आते। जो विजय माल्या या ललित मोदी जैसे नज़र आए, उनका वह कुछ बिगाड़ नहीं पाए या बिगाड़ना नहीं चाहते।

कुछ दिन पहले जनार्दन  रेडी ने अपनी बेटी की शादी पर पाँच सौ करोड़ ख़र्च किये है। आप भी वहाँ आमंत्रित थे। क्या आप के आयकर विभाग ने रेडी को कोई नोटिस भेजा है? पचास हज़ार से ज़्यादा जमा करवाने वालों को तो धड़ा धड़ नोटिस भेजेंगे। मोदी जी, आप कहते हो कि इस से भ्रष्टाचार ख़त्म हो जाएगा। पर भाजपा शासित प्रदेश गुजरात और मध्य प्रदेश में अफ़सरों द्वारा नयी करन्सी में रिश्वत लेने की ख़बरें सुर्ख़ियाँ बनी हुई हैं। आप कहते हो कि इससे टेरर फ़ंडिंग ख़त्म होगी। किसे मूर्ख बना रहे हैं आप। क्या कभी कोई आतंकवादी भी बैंक में नोट बदलवाने आते हैं? अरे उन्हें चाहिये होंगे तो बह बैंक में डाका डाल लेंगे। आप कहते हो कि नक़ली नोट ख़त्म हो जायेंगे। पर मार्किट में 2000 के नक़ली नोटों की ख़बरें तो आनी भी शुरू हो गयी हैं। अपना पैसा ही निकालने के लिये बैंकों के आगे लाइन में घंटों धक्के खाने पड़ रहे हैं। मेरे पिता जी पाँच घंटे बैंक के बाहर खड़े हो कर ख़ाली हाथ वापिस आ गये। तीन दिन तक बीमार रहे। बैंकों में कैश नहीं है। बैंकों के आगे साठ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी और भी मरेंगे जब आयकर विभाग के नोटिस आयेंगे।

कौन होगा इन मौतों का ज़िम्मेदार? आप और आपकी ग़लत नीतियाँ हैं इन मौतों की ज़िम्मेदार। आप एक तानाशाह की तरह बर्ताव करना बंद करें। आप के हाथ इन बेगुनाहों के ख़ून से सने हैं। देश ने एक वार आप को चुन कर ग़लती कर ली। अब दोबारा ऐसी ग़लती नहीं होगी। मैं इस खुले पत्र के ज़रिए शपत्त लेता हूँ कि जब तक आप भाजपा में हैं तब तक मैं कभी भाजपा को वोट नहीं दूँगा। आप ने करोड़ों लोगों के कारोबार तबाह किए हैं और उनके बच्चों की रोटी छीनी है। भगवान आप को कभी माफ़ नहीं करेगा।

जय हिंद,
जय माता दी,

मधुर वर्मा
गुड़गाँव।

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