‘गुंडा’ का भव्य मंचन

पूर्वापोस्ट की ओर से महाकवि जयशंकर प्रसाद की पुण्यतिथि पर उनकी अमर कहानी ‘गुंडा’ पर आधारित नाटक का भव्य मंचन हुआ। श्रीराम सेंटर, मंडी हाउस, नई दिल्ली में शाम 6.30 बजे नाटक का मंचन हुआ। इस नाटक मंचन में मुख्य अतिथि केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीडॉ महेश शर्मा और विशेष आमंत्रित अतिथि संत विवेकदास आचार्य जी, महंत कबीर मठ शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म श्री रामबहादुर राय, चेररमैन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद वीरेंद्र सिंह, डॉ शकील उज्जवला अंसारी, सदस्य राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग, उपेन्द्र कुमार( IAS ) पूर्व सचिव, भारत सरकार और बीके मौर्य ( IPS ), एडीजी, यूपी पुलिस शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरूआत परिचर्चा से हुई… सबसे पहले सभी अतिथियों ने महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया… मुख्य अतिथि केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने बनारस की संस्कृति और सभ्यता को बनाए रखने की बात कही…अपनी धर्मपत्नी के बनारस निवासी होने पर खुद को बनारस से जुड़ा हुआ होने पर गर्व महसूस किया…साथ ही ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों जिससे भारतीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास प्रतिष्ठित हो रहा है के लिए पूर्वापोस्ट की सराहना की कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म श्री रामबहादुर राय ने जयशंकर प्रसाद की कृति गुंडा का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे इतिहास में लोगों ने अपनी स्वतंत्रता एवं संस्कृति के लिए त्याग और बलिदान दिया है.

अंग्रेजों ने कैसे आजादी की लड़ाई में शामिल लोगों को ‘अराजक’ और ‘गुंडा’ कहकर इतिहास को अपने हिसाब से लिखा है.. भदोही से बीजेपी सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी होने पर गौरवान्वित महसूस किया…साथ ही युवाओं को महाने कवियों की कहानियां और जीवनी पढ़ने के लिए प्रोत्याहित किया.आज इंटरनेट का युग है इसपर सभी पाठन सामग्री है, ऐसे महान लोगों के बारे में जाने और अपनी संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाइए..

उपेन्द्र कुमार, पूर्व सचिव, भारत सरकार ने इस मौके पर कहा कि काशी से जो भी चीच जुड़ती है प्रसिद्ध हो जाती है, वह बनारस की साड़ी हो, बनारस का पान, बनारस का गुंडा या बनारस के सांसद पीएम मोदी हों….बीके मौर्य, एडीजी, यूपी पुलिस ने कहा कि उस समय में सेनानियों को अंग्रेजों ने गुंडा कहा लेकिन आज के कानून में गुंडा भाषा की परिभाषा बदल चुकी है….. 1781 में वॉरेन हेस्टिंग के खिलाफ बनारस के लोगों के विरोध पर आधारित गुंडा कहानी का नाट्य मंचन हुआ। नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन हैप्पी रणजीत ने किया। संगीत संदीप शर्मा ने दिया। जी टीवी के सीरियल अम्मा की नायिका कंचन अवस्थी और शौर्य शंकर प्रमुख भमिका में थें।

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