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अपराधी बिल्डर के साथ भाजपा नेताओं की फोटो

: जबलपुर में दैनिक पीपुल्स समाचार में 15 अगस्त को छपे विज्ञापन से मध्य प्रदेश भाजपा में मची खलबली : जबलपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक अपराधी ने अखबार में प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ अपना फोटो छापकर भाजपा में कलह मचा दी है. आज़ादी के दिन जारी किये गए इस विज्ञापन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास, जबलपुर महापौर प्रभात साहू और सांसद राकेश सिंह के साथ आरोपी डी.एम.मंसूरी ने अपने बेटे और भाई के फोटो छापे है. इस विज्ञापन के कारण प्रदेश की भाजपा सरकार और कार्यकारिणी में भूचाल आ गया है.

: जबलपुर में दैनिक पीपुल्स समाचार में 15 अगस्त को छपे विज्ञापन से मध्य प्रदेश भाजपा में मची खलबली : जबलपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक अपराधी ने अखबार में प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ अपना फोटो छापकर भाजपा में कलह मचा दी है. आज़ादी के दिन जारी किये गए इस विज्ञापन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास, जबलपुर महापौर प्रभात साहू और सांसद राकेश सिंह के साथ आरोपी डी.एम.मंसूरी ने अपने बेटे और भाई के फोटो छापे है. इस विज्ञापन के कारण प्रदेश की भाजपा सरकार और कार्यकारिणी में भूचाल आ गया है.

विज्ञापन में नेताओं के फोटो कैसे छापे गए इस बात को लेकर पूछताछ का दौर चालू हो गया है. यंहा तक की इस अपराधी के पिछले रिकार्ड को भी निकलवाया जा रहा है. शहर से प्रकाशित होने वाले एक दैनिक अखबार में छापे गए विज्ञापन की प्रति को भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में भेज दी है. इस विज्ञापन को शहर में रहने वाले डी.एम. मंसूरी नामक एक बिल्डर ने आजादी के दिन छपवाया था. इस बिल्डर और उसके भाई पर शहर के तीन थानों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज है.

लोगों का कहना है की ये बिल्डर कांग्रेस पार्टी का है और समय देखकर यह पैतरा बदल लेता है. यही कारण है की प्रदेश और जबलपुर में भाजपा की सरकार होने के कारण इसने भाजपा को अपना हमदम समझ कर यह विज्ञापन अखबार में छपवाया. डी.एम मंसूरी पर पिछले साल एक महिला के साथ बलात्कार का मामला भी अधारताल थाने में दर्ज है.बलात्कार मामले में ये बिल्डर महीनों फरार था और बाद में सी.एस.पी.गोहलपुर के समक्ष इसने आत्मसमर्पण कर दिया था.

इस सम्बन्ध में जब हमने इस बिल्डर से बात की तो उसका कहना था की उससे गलती हो गयी है उसे नहीं पता था की अखबार में कोई विज्ञापन छापने से पहले सम्बंधित व्यक्ति से सहमती लेनी पड़ती है. उसका ये भी कहना था की उसने ये जानबूझकर नहीं किया है. इधर भाजपा के पार्षद प्रदीप यादव का कहना है की इस बिल्डर ने पार्टी के नेताओ से विज्ञापन छापने की अनुमति नहीं ली है. इस बात से प्रदेश और शहर के काफी नेता खफा है. विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस विज्ञापन के कारण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी नाराजगी जताई है.

शहर के नेता ये जानकारी जुटाने में लगे हुए है की विज्ञापन वाली बात प्रदेश के शीर्ष नेताओं तक कैसे पहुंची. इन नेताओं को ऐसा लग रहा है कि कोई पार्टी का ही कार्यकर्ता पार्टी की छवि को ख़राब करने में लगा हुआ है, जिसका पार्टी के नेता पता लगाने में जुट गए हैं. आपराधिक मामले में लिप्त बिल्डर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है. जिला प्रशासन के लोग ये पता लगाने में जुटे है की अखबार में फुल पेज पर इस बिल्डर ने विज्ञापन किस कारण दिया.

सूत्रों का ये भी कहना है की ये विज्ञापन लाखों रुपये का है, जिसे बिल्डर ने अपनी पब्लिसिटी के लिए दिया है. इधर बिल्डर ने ये कहा है की उसने विज्ञापन के लिए अखबार को 15 हज़ार रुपये का भुगतान किया है. जबकि जानकारों का मानना है की अखबार के फुल साईज के एक पन्ने में दिए गए विज्ञापन की कीमत तक़रीबन दो लाख रुपये के आसपास है. फिलहाल इस मामले को लेकर भाजपा में काफी कलह मच गयी है कि आखिर इस विज्ञापन को छापने से पहले नेताओं की सहमती क्‍यों नहीं ली. अब देखना है की भाजपा द्वारा इस मामले पर क्या कार्यवाही की योजना बनाई जाती है.

लेखक आशीष विश्वकर्मा तीसरी आँख डाट काम के संपादक हैं.

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