: अयोध्या मामले में फैसला आने से पूर्व प्रशासन सर्तक : हिन्दुवादी नेताओं ने शुरू किया हनुमन्त शक्ति जागृति : अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के बाद हाईकोर्ट में चल रहे मामले के निर्णय की तारीख निकट आ गई है। अयोध्या में तो सुरक्षा चाक-चौबंद है ही, इसे लेकर मथुरा जिला प्रशासन भी चौकस हो गया है। मथुरा में हिन्दुवादी संगठनों और मुस्लिम संगठनों में अजीब सी हलचल देखने को मिल रही है। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के बाद इस मामले में आपराधियों मामले में 23 लोगों के विरुद्ध आरोप तयकर दिये जाने व इसका निर्णय भी शीघ्र आने की सुगबुहाट से मथुरा में जिला प्रशासन भी किसी संभावित स्थिति को लेकर चौकन्ना हो गया है। हिन्दुवादी संगठनों की सक्रियता दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ मुस्लिम संगठनो में भी हलचल महसूस की जा सकती है।
अदालत के निर्णय आने से पहले ही जिला प्रशासन ने अस्थाई जेल का चयन भी कर लिया है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिये तैयारी शुरू कर दी है। हिन्दुवादी संगठन कुछ जगह पर हनुमंत शक्ति जागृत करने के लिये प्रतिदिन सुबह से बड़ी संख्या में हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे हैं, निर्णय के आने के बाद भी लगभग नवम्बर-दिसम्बर तक आयोजनों के माध्यम से हिन्दु जागृति का कार्य इसके माध्यम से किया जायेगा। मुस्लिम संगठनों में भी इस निर्णय के आने का इन्तजार है और वह भी इसे लेकर चिन्तित है।
जिला प्रशासन भी इस मामले की संवेदनशीलता देखकर खासा परेशान है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने बताया कि संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कराने के साथ गड़बड़ी फैलाने वाले लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। किसी भी अप्रिय हालात से निपटने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये जा रहे है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर राम लाल शर्मा ने भी स्वीकार किया कि अस्थाई जेल की व्यवस्था की जा रही है तथा इसके लिये स्थान का चयन भी कर लिया गया है। नगर में हिन्दुवादी संगठनों के सक्रिय लोगों की सूची बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। हर थाना क्षेत्र से पुलिसकर्मी घर-घर जाकर ऐसे सक्रिय लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जो किसी प्रकार की गड़बड़ी कर सकते हैं। यही क्रम देहात क्षेत्रों में भी चल रहा है। ऐसे लगभग चार सौ लोगों की सूची जनपद में तैयार करा ली गई है।
शहर में भी हिन्दुवादी संगठनों से जुड़े लगभग 150-200 लोगों को चिन्हित करके उनको सूचीबद्ध किया गया है। हिन्दुवादी संगठनों से जुड़े योगेश आवा के अनुसार जगह-जगह ऐसे अनुष्ठान करने की योजना है, जिससे हिन्दुओं में इस आंदोलन को लेकर जान फूंकी जा सके। जिसके तहत फैसला आने के पहले और बाद में भी नियमित हनुमान चालीसा पढ़ने और हवन यज्ञ करने का निर्णय लिया गया है। दूसरी तरफ मुस्लिम समाज में चर्चित तथा लोकदल नेता डा.युनूस कुरैशी ने बताया कि दस्तावेज के लिहाज से बाबरी मस्जिद के पक्ष में ही फैसला आने की उम्मीद है तथा हम अदालत के फैसले का स्वागत व आदर करते है। हमारे पक्ष में न होने पर भी हम किसी प्रकार विरोध नहीं करेंगे और मैं कहूंगा कि करना भी नहीं चाहिए, इसी प्रकार से फैसला यदि हमारे पक्ष में आया तो हमें खुशी का इजहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे दूसरे पक्ष को आघात लगेगा और उनको परेशानी भी होगी ऐसा हम नहीं चाहते।
मथुरा से सुनील शर्मा की रिपोर्ट.

