: सुरेश कलमाड़ी को पत्र : कॉमनवेल्थ के लिए फ्रिज से लेकर पुराने कपड़े तक किराए पर उपलब्ध : आमदनी में से कमीशन देने का ऐलान : आदरणीय सुरेश कलमाड़ी जी, नमस्कार। मैं एक अदना सा पत्रकार हूं। इतनी तनख्वाह मिलती है कि घर चल जाता है, लेकिन कॉमनवेल्थ की तैयारियों पर हो रहे खर्चे को लेकर लालच आ रहा है। सोचता हूं कि बहती नदिया में हाथ धुल जाता तो थोड़ा भला हो जाता। और इसके लिए आपको तहे दिल से भी शुक्रिया अदा करता, लेकिन आप तो इतने बड़े और रसूखदार हैं कि पहुंच ही आसान नहीं है। आपका फोन नंबर तो है, लेकिन अपने मोबाइल से फोन करने में डर लगता है, कल को बात उल्टी ना पड़ जाए। वैसे जितने रसूखदार लोग आपके साथ खेलों की तैयारियों का खेल कर रहे हैं, उससे लगता नहीं है कि कल को कुछ उल्टा होगा, और अगर हुआ भी तो आप तो संभाल ही लेंगे।
आपके पास समय कम होगा, इसलिए सीधे मुद्दे पर आता हूं। दरअसल जितने किराए पर खेलों के लिए सामान जुटाया जा रहा है, उसने मुझे आकर्षित किया है। मेरे पास भी एक फ्रिज है, 165 लीटर का, जितने में आपने सौ लीटर का किराए पर लिया है, उतने पर ही मैं दे दूंगा। एक कंप्यूटर भी है, खेलों के दौरान डाटा एंट्री के काम आ सकता है, चाहें तो वो भी किराए पर ले सकते हैं, जो भी बनेगा दे दीजिएगा। हालांकि मैं एक लाख रूपये किराए की उम्मीद कर रहा हूं।
एक टीवी भी है, जिसमें एयरटेल का कनेक्शन लगा है, आप चाहें तो खेल गांव में लग सकता है, ब्रांडेड है, यही कोई बाइस हजार का किराया दे दीजिएगा। इससे ज्यादा नहीं लूंगा। चाय बनाने के लिए गैस चूल्हा और सिलेंडर भी चाहिए तो वो भी तीस हजार तक में दे दूंगा। इसके अलावा अगर खिलाड़ियों के रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सस्ते कपड़े चाहिए तो उसमें भी मैं काम आ सकता हूं, सिर्फ अठाइस हजार रूपये के किराए पर दे सकता हूं। दो कमरे और एक हॉल वाला घर है, खिलाड़ियों को ठहराने के काम आ सकता है, इसके लिए मैंने चार लाख रूपये सोचे हैं, अगर जंचे तो बात कीजिएगा।
जो कमीशन होगा, वो दिया जाएगा। इसमें शर्म की कोई बात नहीं है, भारत सरकार भी तो कमीशन देती है खरीद फरोख्त करने में तो फिर किराए पर लेने में कमीशन क्यों नहीं बनेगा। क्योंकि इसी से तो घर चलना है। सोचिएगा, बताईगा। मेरा नंबर है 09811343224। मैं गंभीर हूं। जंचे तो फोन करें।
लेखक राजन कुमार अग्रवाल टीवी पत्रकार हैं.

