: फादर्स डे पर विशेष : ज़िन्दगी की शुरुआत तो होती है उन दो रिश्तों से जिनसे हम सब कुछ सीखते हैं, वो हैं हमारे माता और पिता.धरती पर आने के बाद जब हमारी आंखें खुलती है तो हमारे सामने यही दो शख्स होते हैं जो हमें जीने की राह सिखाते हैं. यही वो दो हैं जो हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. अभी हाल में ही कुछ दिनों पहले मदर्स डे बीता है. माँ शब्द का ज़िक्र हर जगह कविता, कहानी आदि में भरपूर तरीके से किया जाता रहा है और मदर्स डे पर मैंने अपनी माँ पर कुछ लाइन लिखी थी. उसी तरह आज फादर्स डे पर मैं कुछ बातें अपने पापा के बारे में लिखना चाहती हूँ. शायद हर किसी को अपने माता पिता सबसे ज्यादा अच्छे लगते है और उन्हें वो दुनिया से ज्यादा प्यारे भी होते हैं.
आज मैं बहुत खुश हूँ, जो मुझे ऐसे पापा मिले. मुझे बहुत प्यार और मेरी सबसे ज्यादा देखभाल करने वाले हैं मेरे पापा. मैं आपको ये बता दूं कि मेरे पापा बिलकुल एक नारियल की तरह हैं जो ऊपर से बिलकुल कठोर और अन्दर से बिलकुल नरम होता है. उन में वो हर बात है जो एक अच्छे इंसान में होनी चाहिए. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है जैसे साहस, आत्मसम्मान, निडरता आदि. आज मैं अपना कोई भी फैसला बिना उनकी मर्ज़ी के नहीं लेती. मैं अपने पापा से बहुत प्यार करती हूँ. बचपन से आज भी जब पापा बाहर से आते हैं तो मेरा सबसे पहला प्रश्न होता है पापा क्या लायें है मेरे लिए..?
अगर एक लड़की के मनोभाव से देखा जाये तो वो हमेशा अपने होने वाले जीवनसाथी में अपने पिता जैसी ही परछाईं देखना चाहती है. वो हमेशा चाहती है कि जैसे उसके पिता ने उसे सारी बुराइयों से दूर रखा, इतनी सुरक्षा प्रदान की उसी तरह वो भी उसके साथ वैसे ही रहे. एक परिवार में पिता अपनी बेटी को सबसे ज्यादा प्यार करता है शायद उसकी बेटी दूसरे घर की अमानत जो होती है. आज मुझे अपने पिता पर पूरा गर्व है और सबसे ज्यादा भरोसा है. पिता का साया तो सामान्य तौर पर एक छत की तरह होता है. ये साया बच्चों के साथ तब तक रहता है जब तक बच्चा अपनी ज़िन्दगी में कुछ बन न जाये. पिता अपना बच्चों की प्रेरणा ही नहीं बल्कि एक बहुत बड़ी शक्ति भी होता है. इनके अनुशासन में ही पूरा घर रहता है. कहते हैं ना कि भगवान से बड़ा दर्ज़ा होता है हमारे माता पिता का, तो मेरी यही दुआ है कि उनकी जोड़ी हमेशा ऐसे ही सलामत रहे और मेरे ऊपर उनका साया हमेशा बना रहे.
लेखिक नेहा श्रीवास्तव वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की छात्रा हैं. यह लेख उनके ब्लॉग मुझे कुछ कहना है से साभार लिया गया है.

