रिलायंस एवं अन्य निजी मोबाइल कम्पनियों के ग्राहकों से अक्सर ये शिकायतें सुनने को मिलती है कि उनकी जानकारी एवं अनुमति के बिना उनके नम्बर पर कोई सेवा शुरु कर दी गई है, जिसका भुगतान ना चाहते हुए भी उन्हें करना पड रहा है। मेरा रूममेट एक निजी कम्पनी में कम्प्यूटर ऑपरेटर है। 12 फरवरी को ऑफिस से खिन्न मन से वह आया और खाना बनाने की बजाय पूरे तैश में रिलायंस कस्टमर केयर को बुरा भला कहने लगा। लगभग दो घंटे तक वह काफी परेशान रहा और आखिर में बिना खाए सो गया। पूछने पर गुस्से में बताया, ‘‘ स्साला डेली दस रूपया काट लेता है!” मेरा रूममेट देशभर के उन लाखों पीडि़त लोगों में एक है, जो निजी मोबाइल कम्पनियों द्वारा छले जा रहे हैं। 16 फरवरी को भारतीय जनसंचार संस्थान में छुट्टी होने के कारण मैंने सुबह का अलार्म नहीं लगाया, लेकिन मेरे रिलायंस के नम्बर 9555204147 पर 51234 से आए एक एसएमएस ने मेरी नींद खोल दी।
एस एम एस कुछ यूं था- YOUR SUBSCRIPTION TO CRBT SERVICE HAS BEEN RENEWED AT RS. 10 FOR A PERIOD OF 10 DAYS. TO UNSUBSCRIBE SMS UNSUB 1003 TO 155223 (TOLL FREE). मैंने फटाफट रूममेट से रिलायंस कस्टमर केयर का नम्बर लिया और 198 पर कॉल किया। एक महिला ने कॉल लिया भूमिका बांधने के बाद उन्होंने मेरी शिकायत सुनी और कहा कि सर आप ने कॉलर ट्रयून एक्टिवेट करवाया है उसी का सर्विस चार्ज कटा है। मैंने उनसे कहा कि मुझे याद नहीं आ रहा कि मैने कब यह एक्टिवेट करवाया था, कृपया करके सेवा एक्टिवेट करने की तारीख बताएं। मैडम ने चिढ़ कर बुदबुदाया और कहा कि पढे़-लिखे लोग बहुत बनते हैं। जब मैं अड़ गया तो उन्होंने बताया कि गत 2 फरवरी को कम्पनी की ओर से वायस कॉल गया था और मैंने कोई बटन दबा दिया जिससे यह सर्विस एक्टिवेट हो गई। उसके बाद बिना पूछे ही मेम ने ये भी बडे़ कान्फिडेन्स से बता दिया कि 2 फरवरी को मेरा 1 रूपया, 12 फरवरी को 5 रूपया और आज 10 रूपया काटा गया है। मेरे ये पूछने पर कि अगला डिडक्शन कब होगा, मेम ने पोलाइटनेस के साथ कहा कि सर अगर आप चाहें तो कॉलर ट्यून डिएक्टिव कर सकते हैं। मेरे दोबारा पूछने पर उन्होंने कहा कि सर अगले डिडक्शन की जानकारी आपको एसएमएस से दी जाएगी। मैने फिर पूछा कि कॉलर ट्यून का मासिक शुल्क 45 रूपये है, इसे कम्पनी कैसे वसूलती है? मेम का सब्र टूट गया और फटकते हुए कहा कि आपने जो जानकारी मांगी थी वो मैंने दे दी, रिलायंस में कॉल करने के लिए धन्यवाद!
मैंने अगला कॉल कन्ज्यूमर हेल्पलाइन नम्बर 1800114000 पर किया। इन्दू नाम की महिला ने मेरा कॉल लिया। मैंने अपना शिकायत दर्ज कराया, जिसका नम्बर 263522/11 है। वहां से मुझे रिलायंस के नोडल अधिकारी अनुज बहुगुणा का मेल आईडी मिल गया। इसी बीच मैने निर्णय किया कि रिलायंस को कोर्ट में घसीटूंगा और मैंने फिर से रिलायंस कस्टमर केयर को कॉल लगाया। प्रदीप नाम के किसी सहायक ने कॉल लिया। मैंने इस बार उसे फिर से अपनी पूरी शिकायत सुनाई और अपने द्वारा दर्ज शिकायत संख्या जानना चाहा। प्रदीप ने बदले मे मुझे रिक्वेस्ट नम्बर दिया। व्यवहार बदलने पर मुझे शिकायत संख्या दी गई जो 147225889 है। मैंने प्रदीप से नोडल अधिकारी का मेल आ डी और कांटेक्ट नम्बर लिया। फोन काटने से पहले मैं प्रदीप से 2 फरवरी को मेरे नम्बर पर आए सभी कॉल के डिटेल जानना चाहा, लेकिन उन्होंने यह कह कर टाल दिया कि टेक्निकल एक्सपर्ट नहीं हैं, आप थोड़ी देर में फिर कॉल करें तो आपको डिटेल दी जाएगी। मैं पूरे दिन कॉल लगाता रहा लेकिन फिर कॉल नहीं लगा। शाम 6 बजे मेरा कॉल लगा। इस बार किसी लखबीर ने कॉल लिया। जब मैने उन्हें अपनी शिकायत बताई तो और 2 फरवरी के कॉल डिटेल मांगे तो वो सीधा मुकर गए और उन्होंने कहा कि हमारे पास रिकार्ड नहीं रहता है। मैंने उनसे कहा कि सुबह एक मेम और सर ने कहा है कि उनके पास रिकार्ड है और वो मुझे देंगे। लखबीर ने बात पलटते हुए तैश में कहा कि आपकी शिकायत ऑलरेडी दर्ज है 48 घंटे में आपको सूचित किया जाएगा।
शाम आठ बजे RM-Reliance से एसएमएस आया जो यूं था – Dear Reliance Customer As Per SR 147225889 Rs 10 is posted for wrong charging rest deduction is correct and CRBT services Unsubscribed. यानी चुराया हुआ पैसा अब मेरी मुट्ठी में था। अब चौंकाने वाली कुछ बातें मैं सार्वजनिक करता हूं। दरअसल मैं आइडिया यूज करता हू और रिलायंस का नम्बर रात में ग्यारह बजे के बाद ही लगाता हूं और सूर्योदय से पहले वापस आइडिया लगा लेता हूं। अगर रिलायंस के द्वारा कही गयी इस बात पर विचार किया जाए तो साफ है कि दो तारीख की रात को कम्पनी लोगों को कॉल करती है, जिससे कम्पनी इनकार कर चुकी है। चलिए मान लिया कि किसी कारणवश मैं सवेरे सिम चेंज करना भूल गया। 2 फरवरी को बुधवार था और भारतीय जनसंचार संस्थान में मैं क्लास एटेंड कर रहा था। मैं नोकिया 2600 क्लासिक यूज करता हूं, जो तीन साल पुराना है और कॉलेज में रिलायंस का नेटवर्क नहीं पकड़ता है।
अब अंतिम और प्रमाणिक सच। 2 फरवरी को श्रमजीवी एक्सप्रेस से एक विशेष मेहमान को लेने मैं प्लेटफार्म पर गया था। मैं ट्रेन आने के समय पर जंक्शन पर पहुंच गया था। यानी मैं सवेरे आठ बजे दिल्ली जंक्शन पर था और ट्रेन का अपडेट उस मेहमान से लगातार ले रहा था। मेरे रिलायंस के नम्बर पर बैलेंस दिसंबर से ही माइनस में था। इसकी पुष्टि खुद कम्पनी वालों ने की है। मेरे पास रिकार्डिंग मौजूद है जो समय आने पर मैं न्यायालय में पेश करूंगा। बरेली में हुई दुर्घटना के कारण ट्रेन काफी देर से आई और उस मेहमान, जो श्रमजीवी एक्सप्रेस के एसी 3 टायर के सीट नम्बर 35 पर थे, के साथ मैं पूरे दिन था। इस दरम्यान रिलायंस का सिम मेरे पर्स में सुरक्षित था। स्पष्ट है कि कम्पनी ने मेरे मोबाइल से मेरा पैसा चोरी किया है और मेरे हल्ला बोलने पर वापस किया है। मैं भारत के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वह रिलायंस की सेवा का बहिष्कार करके रिलायंस के खिलाफ हल्ला बोलें ताकि ये चोर कम्पनी किसी और को अपना शिकार नहीं बना सके।
जय हिन्द, जय भारत।
योगेश शीतल आईआईएमसी में पत्रकारिता के छात्र हैं.

