: उदयपुर में ‘भारत में भविष्य’ विषयक गोष्ठी आयोजित : पड़ोसी मुल्कों के साथ अच्छे व मजबूत रिश्तों से ही विकास की ओर अग्रसर भारत सम्पूर्ण विश्व की एक मजबूत ईकाई बनेगा। यह विचार भारत के पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर ने डा.मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से उदयपुर में आयोजित ‘भारत में भविष्य’ विषयक गोष्ठी में व्यक्त किये। सलमान हैदर ने कहा कि विश्व को भारत के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। भारत की वैश्विक छवि, साख एवं क्षमताएं बढ़ी हैं, किन्तु भारत को निरन्तर सतर्क रहते हुए अपने पड़ोसी देशों एवं दुनिया के अन्य देशों के साथ लगातार संवादों को जारी रखना होगा। हैदर ने कहा कि भारत अपार संभावानाओं का देश है तथा अपने नवस्वरुप में उभर रहा है। भारत के सामने गंभीर चुनौतियां हैं, जिसका दृढता एवं सूझ-बूझ से मुकाबला करना होगा।
भारत-चीन व भारत-पाकिस्तान संबंधों पर हैदर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में इन मुल्कों में साझेदारी व समन्वय का एक माहौल बना है। भारत व चीन क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर साझा काम कर रहे हैं। पाकिस्तान में बाढ़ से हुए नुकसान के समय भारत की मदद से रिश्ते सुधारने की दिशा में एक मजबूत आयाम जुड़ा है। भारत के प्रति विश्व की राय, हमारी स्वयं की अपने प्रति राय तथा सम्मुख चुनौतियों व अवसरों, इन तीनों बिन्दुओं का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करते हुए हैदर ने कहा कि कानफ्लिक्ट के स्थान पर कापरेशन से ही सम्पूर्ण दक्षिण एशिया समृद्ध व विकासशील बनेगा। भारत को विभिन्न सभ्यताओं-संस्कृतियों का देश बताते हुए सलमान हैदर ने कहा कि भारत को एशिया की मातृ-सभ्यता माना जाता है। सामाजिक सदभाव एवं स्थायित्व के आधार पर ही भारत व पड़ोसी मुल्क सम्पूर्ण विश्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेंगें।
कश्मीर समस्या पर हैदर ने कहा कि भारत व पाकिस्तान दोनों मुल्कों में लोग यह मानने लगे हैं कि बातचीत जारी रखने से ही राह निकलेगी। इस संबंध में उन्होंने पाकिस्तान के एक पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का भी उल्लेख किया। एशियाई देशों के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं शिक्षा, स्वास्थ्य, आजिविका, पर्यावरण आदि पर ध्यान देने से ही कई समस्याओं का हल निकल आएगा।
अध्यक्षता करते हुए पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता ने कहा कि वर्तमान की अधिकांश समस्याएं एवं चुनौतियां आजादी के पश्चात की हमारी असफलताओं का परिणाम है। वैश्वीकरण एवं उदारीकरण का लाभ देश के सभी वर्गों तक पहुंचाना होगा, तभी सम्पूर्ण देश और जन का विकास सम्भव होगा। उन्होंने कहा कि बीसवीं शताब्दी की एकमात्र उपलब्धि भारत का प्रजातांत्रिक विकास है। मेहता ने भारत की विदेश निति, पड़ोसियों से सम्बन्ध तथा कूटनीतिक सफलताओं-विफलताओं पर भी चर्चा की।
ट्रस्ट सचिव नंद किशोर शर्मा ने उदयपुर के नागरिकों की ओर से हैदर का स्वागत किया। धन्यवाद ट्रस्ट अध्यक्ष विजय एस.मेहता ने ज्ञापित किया। शिक्षाविद प्रो.एम.एस.अगवानी, प्रो.ए.बी.फाटक, प्रो.एम.पी.शर्मा, डा.वेददान सुधीर, प्रो.अरुण जकारिया, प्रो.एस.बी.लाल, रवि भंडारी ने विभिन्न जिज्ञासों व प्रश्नों को हैदर के सम्मुख रखा। संवाद का संचालन नंद किशोर शर्मा ने किया।
उदयपुर से नितेश सिंह कच्छावा की रिपोर्ट.

