: अपनी बात शुरू करने के पहले यह साफ़ करना चाहूँगा की मेरा इरादा न तो आमिर खान की काबिलियत और न ही “पीपली लाइव” पर कमेन्ट करने का है. दरअसल बात इस फिल्म की लागत को लेकर करना चाहूंगा. बताया जाता है कि “पीपली लाइव” पर तीन करोड़ रूपये का खर्च आया है, वहीं इसके प्रचार-प्रसार पर लगभग सात करोड़ खर्च किये गए हैं. यानी आमिर खान प्रोडक्शन को फिल्म दस करोड़ की पडी है. मैंने इस फिल्म को देखा है, उसके बाद ही मैं ये दावा कर रहा हूं कि “पीपली लाइव” जैसी फिल्म मेरे जैसा डायरेक्टर महज पांच लाख रूपये में (एचडी /ऐवीआई फोर्मेट में) बनाकर दे सकता है…कोई दे या न दे पर मैं तो इतनी ही कीमत में फिल्म बनाने का दावा कर सकता हूं.
इस फिल्म में जो लोकेशन, क्राउड और प्लेटफार्म तैयार किया गया है, उसे देखकर तो कहीं से नहीं लगता कि फिल्म की लागत तीन करोड़ पहुंची होगी. ओंकारदास (नत्था) और रघुवीर यादव (धनिया) की कास्टिंग रेट भी बॉलीवुड के स्टार रेट-कार्ड में नीचे से ही पढ़ने को मिलेगी. मुझे नहीं पता नसीरूद्दीन शाह और एक-दो वो कलाकार, जिन्होंने सीरियल्स में काम किया है, उन्होंने क्या रेट लिया होगा. फिल्म का एडिट पक्ष और कैमरा शूट जिस स्तर का है, वो भी इतनी बड़ी राशि खर्च हो जाने की वकालत नहीं करते. फिर भी बॉलीवुड के अपने खर्चे हैं, सो इंतजामात पर भारी खर्चा होने की सम्भावना हो सकती है, फिर भी “पीपली लाइव” की हू-ब-हू नक़ल लोकल कलाकारों के साथ मेरे जैसा फिल्मकार सिर्फ पांच लाख में बनाकर तैयार कर सकता है. चाहे तो आमिर खान इस दावे की परीक्षा ले सकते हैं.
लेखक प्रदीप शर्मा आंचलिक फिल्मकार हैं तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं.

