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वीडियोकान कंपनी का प्रचार कर घिरे बाबा रामदेव

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के हाईस्कूल मैदान, जांजगीर में आयोजित योग शिविर के मुख्य प्रयोजक की भूमिका निभाने वाली वीडियोकान कंपनी के प्रचार-प्रसार को लेकर योग गुरू बाबा रामदेव पत्रकारों के सवालों में घिर गए। उन्होंने पहले तो कंपनी द्वारा जिले में पावर प्लांट लगाने की जानकारी से इनकार किया, लेकिन सवालों में घिरता देख खुद को पाक साबित करने के लिए उन्होंने कहा कि दानदाता की जात-धर्म नहीं देखी जानी चाहिए। दानदाता कोई भी हो सकता है, हर किसी दानदाता की जानकारी बाबा स्वयं तो नहीं रख सकते हैं। योग शिविर में बाबा रामदेव ने लोगों को योग की शिक्षा देने के साथ-साथ वीडियोकान कंपनी का प्रचार भी किया था। कार्यक्रम के शुरुआत से अंत तक कई बार उन्होंने कंपनी तथा कंपनी के डायरेक्टर संदीप कंवर को इस आयोजन के लिए साधुवाद दिया। इस मसले पर पत्रकारों ने बाबा से कई सवाल किए।

बाबा रामदेव

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के हाईस्कूल मैदान, जांजगीर में आयोजित योग शिविर के मुख्य प्रयोजक की भूमिका निभाने वाली वीडियोकान कंपनी के प्रचार-प्रसार को लेकर योग गुरू बाबा रामदेव पत्रकारों के सवालों में घिर गए। उन्होंने पहले तो कंपनी द्वारा जिले में पावर प्लांट लगाने की जानकारी से इनकार किया, लेकिन सवालों में घिरता देख खुद को पाक साबित करने के लिए उन्होंने कहा कि दानदाता की जात-धर्म नहीं देखी जानी चाहिए। दानदाता कोई भी हो सकता है, हर किसी दानदाता की जानकारी बाबा स्वयं तो नहीं रख सकते हैं। योग शिविर में बाबा रामदेव ने लोगों को योग की शिक्षा देने के साथ-साथ वीडियोकान कंपनी का प्रचार भी किया था। कार्यक्रम के शुरुआत से अंत तक कई बार उन्होंने कंपनी तथा कंपनी के डायरेक्टर संदीप कंवर को इस आयोजन के लिए साधुवाद दिया। इस मसले पर पत्रकारों ने बाबा से कई सवाल किए।

एक संवाददाता ने पूछा कि आपके मुख्य उद्देश्यों में कृषि को बढ़ावा देना शामिल है, जबकि आप स्वयं इस जिले में सैकड़ों एकड़ भूमि पर पावर प्लांट स्थापित करने जा रही वीडियोकान कंपनी के पक्ष में बोल रहे हैं। इस पर उन्हें जवाब देते नहीं बना। वे बार-बार यह कहते रहे कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि कंपनी इस जिले में पावर प्लांट लगा रही है, लेकिन यह भी कहने से नहीं चूके कि योग शिविर को आयोजित कराकर बाबा रामदेवकंपनी के कर्ताधर्ता संदीप कंवर ने समाज के लोगों के लिए एक अच्छा काम किया है। योगगुरू ने कहा कि दानी कई प्रकार के होते हैं, सभी की जात, धर्म देखना ठीक नहीं है। कुछेक लोग ही गलत होते हैं, जिसकी सजा पूरे समाज को भुगतनी पड़ती है। बाबा रामदेव ने कहा कि अब आगामी शिविरों में वे पावर व बड़ी कंपनियों से दूर ही रहेंगे। वे लोगों में स्वाभिमान जगाने के लिए काम कर रहे हैं।

वे खुद को पाक साफ बताने के लिए बार-बार यह कहते रहे कि भारत स्वाभिमान मंच का मूल ध्येय लोगों के स्वाभिमान को जगाना है, जिसके लिए देश भर में स्वाभिमान यात्रा निकालकर जमाखोरों व पूंजीपतियों के खिलाफ विरोध का शंखनाद किया गया है। विदेशों में जमा काले धन की वापसी को उद्देश्य बताने तथा दूसरी ओर योग शिविर के माध्यम से पूंजीपतियों को बढ़ावा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत स्वाभिमान ट्रस्ट लोगों के सहयोग से भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में जुटी हुई है। ट्रस्ट के मुख्य उद्देश्यों में विदेशों में जमा 300 लाख करोड़ धन की वापसी, कृषि को बढ़ावा देना, गरीबों को उनका हक दिलाना शामिल है। इन उद्देश्यों को लेकर छोटे रूप में शुरू हुआ जनआंदोलन आज बड़ा रूप ले चुका है तथा लोग इस आंदोलन से स्वयं जुड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति से कोई सरोकार नहीं है, लेकिन वे गलत लोगों से सत्ता छीनने के लिए यह कदम उठा रहे हैं, ताकि कोई स्वच्छ छवि का व्यक्ति प्रतिनिधित्व करे।

उन्होंने कहा कि भले ही उनके कुछेक कार्यकर्ता व पदाधिकारी गलत हो सकते हैं, लेकिन योगगुरू रामदेव अपने लक्ष्य पर चलकर देश से बुराई को मिटाने में जुटे हुए हैं, जिन्हें भौतिक सुख सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है। बाबा रामदेव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि छत्तीसगढ़ में पावर प्लांट लगने से कृषि कार्य पर असर पड़ेगा, इस संबंध में वे प्रधानमंत्री व अन्य नेताओं से चर्चा करेंगे और यदि आवश्यकता हुई तो हस्ताक्षर आंदोलन भी चलाएंगे। योगगुरू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग लगना गलत नहीं है, लेकिन पूरे देश व प्रदेश का औद्योगिकरण किया जाना जनजीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। पत्रकारवार्ता के बाद उन्होंने उत्सव वाटिका में कार्यकर्ता सम्मेलन में योग शिविर के आयोजन को लेकर पदाधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही गहरी नाराजगी भी जताई कि उन्हें आखिर मुख्य आयोजक वीडियोकान पावर प्लांट के संबंध में क्यों जानकारी नहीं दी गई। बाबा के तेवर को देखकर पदाधिकारी सहम गए।

लेखक राजेंद्र राठौर जांजगीर-चांपा में पत्रिका के जिला प्रतिनिधि हैं.

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