जौनपुर : पत्रकारिता में महिमामण्डन से बचने की जरूरत है। किसी व्यक्ति विशेष के विषय में उसकी विशेषता को उसके कार्य क्षेत्र में ही पत्रकार दर्शित करें। अमिताभ बच्चन को मीडिया ने सिने महानायक की जगह सदी के महानायक के रूप में स्थापित कर दिया जो कि औचित्यपूर्ण नहीं हैं. इस सदी में अन्य क्षेत्र में भी बहुत से महानायक हुए हैं उनको नजर अंदाज़ किया किया गया हैं. लेखन में शब्दों का बहुत महत्व हैं उसके चयन में सावधानी बरतने की आवश्यकता हैं. उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुन्दर लाल ने कलेक्ट्रेट स्थित पत्रकार भवन में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित ‘हिन्दी पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में कही.
उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा प्रसारित की जाने वाली ख़बरों का दूरगामी परिणाम होता हैं इसलिए सदैव जाँच परख कर ख़बरों को जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए. संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी गौरव दयाल ने कहा कि पत्रकार प्रशासन के लिए आईना का काम करते हैं. पत्र प्रशासन को उसके दायित्व का समय-समय पर बोध कराते रहे है. मीडिया और प्रशासन के बेहतर ताल मेल से विकास को गति मिलती हैं. विशिष्ठ अतिथि पुलिस अधीक्षक एसके भगत ने कहा कि पत्रकारों की सक्रियता से पुलिस के कार्य में भी सहयोग मिलता है. हमें कमियों कि जगह सकारात्मक सोच के साथ काम करने की जरूरत हैं.
विषय प्रवर्तन करते हुए संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध स्तम्भकार, कार्टूनिस्ट व लेखक चंचल ने कहा कि पत्रकारिता जगत में कोई भी खबर लिखने के बाद समाज में उसके नकारात्मक व सकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ते हैं. इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार सियाराम यादव ने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्व को समझने की जरूरत है. अखबार पैसे वालों के हाथ पहुंचने से पत्रकारिता का मिशन दब गया हैं. अतिथियों का स्वागत संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह एवं संचालन महामंत्री डा. मधुकर तिवारी ने किया. इस अवसर पर डा. मनोज मिश्र, कपिल देव मौर्य, लोलारक दुबे, राजेन्द्र सिंह, शशि मोहन सिंह क्षेम, अखिलेश तिवारी अकेला, डा. भारतेन्दु मिश्र, चन्द्रेश मिश्र, हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, इन्दू सिंह, राकेश श्रीवास्तव, सभासद विनय सिंह, गुलाब चन्द, शिव मोहन श्रीवास्तव, शैल मौर्या, एचसी पुरोहित, मानस पाण्डेय आदि मौजूद रहे.
जौनपुर से दिग्विजय सिंह की रिपोर्ट.

