RTI : Centre framing policy for PIL by Govt servants

An RTI information by Department of Personnel and Training (DOPT) has revealed that Government of India is framing policy about Public Interest Litigations being filed by All India Service and other government servants. In a PIL filed by IPS officer Amitabh Thakur, Lucknow bench of Allahabad High Court had directed the Central and UP Government on 09 April 2014 to formulate policy as regards government servants filing PILs.

Amitabh had sought information about the compliance of the High Court order. To this, Rajesh Kumar Yadav, Under Secretary, DOPT has said that the DOPT has initiated the process and has asked Home Ministry to provide certified copy of the High Court order, so that further action can be taken.  

आरटीआई पर पीआईएल करने पर केंद्र बना रहा नीति 

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा आरटीआई में दी गयी एक सूचना से यह तथ्य सामने आया है कि भारत सरकार अखिल भारतीय सेवा और अन्य सेवाओं के कर्मियों द्वारा जनहित याचिका दायर करने के सम्बन्ध में एक नीति तैयार कर रहा है. आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच ने 09 अप्रैल 2014 को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को सरकारी सेवकों द्वारा जनहित याचिका दायर करने के सम्बन्ध में एक स्पष्ट नीति बनाने के आदेश दिए थे.

अमिताभ ने डीओपीटी से हाई कोर्ट के आदेश के पालन के सम्बन्ध में आरटीआई में सूचना मांगी थी. इस पर राजेश कुमार यादव, अनु सचिव, डीओपीटी ने कहा है कि डीओपीटी ने इस सम्बन्ध में अपनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और उसने गृह मंत्रालय से हाई कोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति देने हेतु पत्र भेजा है.    

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