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ग्रामीण पत्रकारिता पर प्रभाष जोशी स्मृति पुरस्कार की घोषणा

[caption id="attachment_2215" align="alignleft"]श्रद्धांजलि सभा में विष्णु त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और प्रताप सोमवंशीश्रद्धांजलि सभा में विष्णु त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और प्रताप सोमवंशी[/caption]कानपुर प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि दी गई : कानपुर प्रेस क्लब ने मूर्धन्य पत्रकार प्रभाष जोशी की स्मृति में ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार देने की घोषणा की। यह घोषणा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनूप वाजपेयी ने की। स्वर्गीय जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत पत्रकार की आत्मा गांवों में बसती थी। निर्भीक और उत्कृष्ट पत्रकारिता करने वाले ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को हर साल पांच हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार पाने वाले पत्रकार का नाम तय करने के लिए समिति भी घोषित की गई। पुरस्कार का प्रस्ताव अमर उजाला के कौशल किशोर ने रखा जिसे सर्वसम्मत से मान लिया गया।

श्रद्धांजलि सभा में विष्णु त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और प्रताप सोमवंशी

श्रद्धांजलि सभा में विष्णु त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और प्रताप सोमवंशीकानपुर प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि दी गई : कानपुर प्रेस क्लब ने मूर्धन्य पत्रकार प्रभाष जोशी की स्मृति में ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार देने की घोषणा की। यह घोषणा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनूप वाजपेयी ने की। स्वर्गीय जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत पत्रकार की आत्मा गांवों में बसती थी। निर्भीक और उत्कृष्ट पत्रकारिता करने वाले ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को हर साल पांच हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार पाने वाले पत्रकार का नाम तय करने के लिए समिति भी घोषित की गई। पुरस्कार का प्रस्ताव अमर उजाला के कौशल किशोर ने रखा जिसे सर्वसम्मत से मान लिया गया।

इससे पूर्व प्रेस क्लब नवीन मार्केट में शनिवार को आयोजित शोक सभा में पत्रकार प्रभाष जोशी (72) के  निधन पर गहरा शोक व्यक्त और श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों का तांता लगा रहा। वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी ने कहा कि प्रभाष जी के जाने से खाली हुए स्थान की भरपाई कर पाना मुश्किल है। प्रभाष जी वर्तमान और भविष्य की पत्रकारिता पर पैनी नजर रखते थे। खेल के साथ आर्थिक मामलों तक का विश्लेषण कर लेते थे। उनका स्वभाव सरल था। बच्चों जैसी जिज्ञासा रहती थी। इसलिए उन्हें आदर्श मानकर आज के युवा पत्रकारों को सीख लेनी चाहिए।

 श्रद्धांजलि सभा में बोलते अमर उजाला, कानपुर के संपादक प्रताप सोमवंशी.प्रभाष जोशी के सानिध्य में लंबे समय तक पत्रकारिता कर चुके वरिष्ठ पत्रकार सत्य प्रकाश त्रिपाठी का गला बोलने से पहले ही रूंध गया। वह विचार तक नहीं व्यक्त कर सके और फूट फूटकर रो पड़े। टूटे उखड़े स्वर में कहा कि पत्रकारिता का एक युग चला गया। अमर उजाला के स्थानीय संपादक प्रताप सोमवंशी ने कहा कि मृत्यु एक सच है, लेकिन इतनी जल्दी बाबा (प्रभाष जोशी) चले जाएंगे, सोचा नहीं था। बाबा ने असहमति का हमेशा आदर किया। खेल को समाजशास्त्र के नजरिए से देखते थे। कहते थे कि प्रतिभावान व्यक्ति चाहे वह जिस स्तर का हो, बुलंदियों पर पहुंचता है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा ने दिवंगत पत्रकार प्रभाष जोशी के व्यकि्तत्व और उनके घुमंतू स्वभाव पर बोलते हुए कहा कि युवा पत्रकार उन्हें आदर्श बनाए तो उंचाइयों तक पहुंच सकता है। अनूप वाजपेई की अध्यक्षता में शोक सभा हुई। विसर्जन महामंत्री कृष्ण कुमार त्रिपाठी कुमार, संचालन मंत्री सुनील गुप्ता ने किया। इस मौके पर कौशल किशोर, राकेश वाजपेयी, शैलेश अवस्थी, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पुरुषोत्तम द्विवेदी, अमित यादव, संजय सिंह, सुरेन्द्र त्रिवेदी, हाजी मोहम्मद इरफान, संतोष सिंह, देव कुमार समेत चैनलों के भी पत्रकार मौजूद थे।

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