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संगीत-सिनेमा

पाकिस्तानी सारा संग अध्ययन की ‘इश्क क्लिक‘

प्रभुनाथ शुक्ल

वालीवुड के बड़े पर्दे पर ‘लव‘ पर आधारित ‘इश्क क्लिक‘ 22 जुलाई को पूरे देश भर के सिनेमा घरों में रीलिज होने जा रही है। फिल्म का टेलर और म्यूजिक टीवी चैनलों और यूट्यूब पर धमाल मचा रहा है। फिल्म का प्रोमो और गीत ‘माना तुझी को खुदा‘ खूब चर्चित हो चुका है। अब तक करोड़ों लोग इस गीत को पसंद कर चुके हैं। फिल्म लव और रोमांस से भरी पड़ी है। फिल्म प्रेम और उसके अनसुलझे रहस्यों पर आधारित है। लव इंसान को किस गहराईयों तक पहुंचाता है इस फिल्म में यह सब आपको देखने को मिलेगा। फिल्म का अधिकांश हिस्सा दार्जिलिंग, मुंबई के अलावा दिल्ली और गुजरात में भी फिल्माया गया है।

प्रभुनाथ शुक्ल

वालीवुड के बड़े पर्दे पर ‘लव‘ पर आधारित ‘इश्क क्लिक‘ 22 जुलाई को पूरे देश भर के सिनेमा घरों में रीलिज होने जा रही है। फिल्म का टेलर और म्यूजिक टीवी चैनलों और यूट्यूब पर धमाल मचा रहा है। फिल्म का प्रोमो और गीत ‘माना तुझी को खुदा‘ खूब चर्चित हो चुका है। अब तक करोड़ों लोग इस गीत को पसंद कर चुके हैं। फिल्म लव और रोमांस से भरी पड़ी है। फिल्म प्रेम और उसके अनसुलझे रहस्यों पर आधारित है। लव इंसान को किस गहराईयों तक पहुंचाता है इस फिल्म में यह सब आपको देखने को मिलेगा। फिल्म का अधिकांश हिस्सा दार्जिलिंग, मुंबई के अलावा दिल्ली और गुजरात में भी फिल्माया गया है।

फिल्म में नायक की मुख्य भूमिका में वालीवुड के मशहूर अभिनेता शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन हैं। अध्ययन की भूमिका एक महत्वाकांक्षी पेशेवर फोटोग्राफर की है। समुन असल जिंदगी में भी एक अच्छे फोटाग्राफर और एंकर रहे हैं। फोटोग्राफी उनकी जिंदगी का मकशद रहा है। दार्जिंलिंग की पहाड़ियों में एक क्लिक पाकिस्तानी अभिनेत्री सारा लोरेन यानी पहाड़ी लड़की का दिल जीत लेती है और यहीं से शुरु हो जाती है फिल्म ‘इश्क क्लिक‘ की लव स्टोरी। फिल्म निर्माता और संगीतकार सतीश अजय के अनुसार सारा पहाड़ की रहनेवाली एक अनाथ लड़की की भूमिका में है। उसकी परवरिश चर्च के एक पादरी की देखरेख में होती है।

फिल्म की कहानी एक आम आदमी की महत्वाकांक्षा, जिंदगी की उड़ान और बनते बिगड़ते रिश्तों पर आधारित है। फिल्म पूरी तरह पारिवारीक है। फिल्म के गानों में हाट और सेक्सी सीन का छौका लगा है, जो आज की भारतीय फिल्मों की परंपरा रही है। फिल्म की म्यूजिक और संगीत के साथ सांग सुपरहिट हैं क्योंकि इस फिल्म में बतौर संगीतकार सतीश अजय की जोड़ी पहली बार इस फिल्म का निर्माण कर रही है। फिल्म संगीत की दुनिया में यह जोड़ी सफल चेहरा बन चुकी है।

फिल्म की मुख्य भूमिका में पाकिस्तानी अदाकारा सारा लोरेन हैं। भारत और पाकिस्तान से हमारे रिश्ते हमेंशा तल्ख रहते हैं। लेकिन वालीवुड में यह तल्खी नहीं मिलती है। खास तौर पर पाकिस्तानी अभिनेत्रियों को लेकर। सरहद की बंदिशों को तोड़ कर पाकिस्तानी अभिनेत्रियों को रुपहले पेर्दे पर लाया जाता है। हालांकि भारतीय फिल्म निर्माताओं की यह परंपरा कोई नयी नहीं है। जेबा बख्तियार और दूसरी अभिनेत्रियों की वालीवुड फिल्मों में एक लंबी फौज है। बतौर फिल्म सारा लोरेन की यह तीसरी फिल्म है। उनकी इंटी वालीवुड में पूजा भटट की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘कजरारे‘ से हुई थी। इसमें नायक की भूमिका में हिमेश रेशमियां थे। उनकी दूसरी फिल्म ‘मर्डर 3‘ थी।

तीसरी बार वह ‘इश्क क्लिक‘ में बतौर अभिनेत्री एक अनाथ पहाड़ी लड़की और माडल की भूमिका में आएंगी। फिल्म की कहानी लव की पराकाष्ठा पर आधारित हैं। इसमें नायक अध्ययन और नायिका लोरेन लव के लिए किसी हद तक जाती दिखती हैं। जबकि सारा इस फिल्म में एक माडल की किरदार निभा रही हैं। असल जिंदगी में भी वह एक माडल रही हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि यह फिल्म अभिनेता अध्ययन सुमन की निजी जिंदगी के प्रेम संबंधों पर आधारित है। क्योंकि अध्ययन रीयल लाइफ में भी एक माडल फोटोग्राफर हैं। जबकि निर्माता सतीश अजय इस बात से इनकार करते हैं।

फिल्म की कहानी किसी की निजी जिंदगी से ताल्लुक नहीं रखती है। हलांकि उन्होंने यह माना है कि यह फिल्म एक पहाड़ी लड़की की जिंदगी की सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म की खासियत यह है कि नायक और नायिका अध्ययन सुमन और सारा लोरेन की भूमिका भी रुपहले पर्दे पर मैच करती दिखती है। क्योंकि असल जिंदगी में भी दोनों का किरदार मिलता है। अध्ययन एक अच्छे और पेशागत फोटोग्राफर रहे हैं जबकि सारा माडलिंग करती रही हैं। अभिनेता अध्ययन सुमन अब तक जश्न, हिम्मतवाला, और हार्टलेस जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। जबकि सारा को माडलिंग और लिखने का भी शौंक है। कहा तो यह भी जा रहा है कि फिल्म में पहाड़ी लड़की और माडल का किरदार निभाने के लिए उन्होंने सीन की डिमांड के लिए नेपाली भी सीखा है। फिल्म में एक फोटोग्राफर की महत्वाकांक्षा दिखायी गयी है।

आज के पेशागत युवाओं की जिंदगी को पर्दे पर बखूबी उतरा गया है। जहां जिंदगी होड़ में रिश्ते बिखरते और टूटते दिखते हैं। हालंकि फिल्म में रिश्तों की मर्यादा और उनकी जीवन में अहमियत का भी विशेष खयाल रखा गया है। फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री लिए जाने पर संगीतकार और निर्माता सतीश अजय का जबाब रहा कि फिल्म की कहानी में एक ‘इनोसेंट‘ लड़की की डिमांड थी। जिसका चेहरा बेहद खिला-खिला और मासूम चाहिए था। यह फिल्म और किरदार के लिए आवश्यक था। सारा में यह सब खूबियां थी जिसके लिए अमने उनका चयन किया। जब यह सवाल पूछा गया कि दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं। मौजूदा स्थिति में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बेहद तल्खी है। आपकी फिल्म 22 जुलाई को रीलीज होने वाली हैं। इस स्थिति में क्या पाकिस्तानी नायिका का विरोध नहीं होगा।

इस पर निर्माता सतीश का कहना था कि कला की कोई सीमा नहीं होती है। कला सरहद की सीमा से बाहर है। कला का सभी आदर करते हैं। इस मामले में भारत की अपनी अलग पहचानन है। विरोध नहीं होना चाहिए। हिंदुस्तान में कला और कलाकार का बेहद सम्मान किया जाता है। हमारे संस्कृति और संस्कार इस तरह के नहीं हैं। फिल्म में अंकित तिवारी, इरफान, नीति मोहन और शलमली जैसे चिर्चित गायकों ने सुर दिया है। फिल्म का निर्देशन अनिल बालानी कर रहे हैं। इसके पहले वे रक्तबीज का निर्देशन कर चुके हैं। काशी और पूर्वांचल के लोगों के साथ यूपी के लिए यह गौरव की बात हैं।

मुंबईया वालीवुड की संगीत की दुनिया में जिस तरह लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी मशहूर है। उसी तरह इस फिल्म के संगीतकार और निर्माता के रुप में ‘सतीश अजय‘ की कामयाब जोड़ी का नाम इंडस्टी के हर जुबान पर है। काशी बाबा की नगरी यह उपलब्धि यहां के लिए गौरव की बात है। एलबम और रीयलटी शो के साथ वालीवुड की दुनिया में 10 साल से यह जोड़ी छायी है। दोनों युवा वाराणसी के रहने वाले हैं। काशी की गलियों से निकले गंगा किनारे वाले छोरेे मुंबईया फिल्मी दुनिया में धूम मचा रहे हैं।

सतीश अजय की जोड़ी अब तक पुलिसवाला, रेन, रक्तबीज जैसी चर्चित और सफल फिल्मों में अपने संगीत का लोहा मनवा चुकी है। पहली बार काशी के दोनों लाल ‘इश्क क्लिक‘ जैसी अच्छी बजट की फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। फिल्म की संगीत में निर्देशन की विशेष झलक देखने को मिल रही है। सारा और अध्ययन पर फिल्म का यह गाना ‘माना तुझी को खुदा‘ बेहद लोकप्रिय हो रहा है। फिल्म पर सेंसर की कैची नहीं चली है। एक बार में फिल्म को बगैर टिप्पणी के प्रमाण मिल गया है। यह फिल्म पूरी तरह पारीवारिक है और परिवार के साथ देखने लायक है। दर्शकों को यह फिल्म जरुर पंसद आएगी।

लेखक प्रभुनाथ शुक्ल स्वतंत्र पत्रकार हैं.

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