अमेरिकी कांग्रेस से ज्यादा काबिल है कांग्रेस पार्टी

आलोक कुमार अमेरिका में संसद यानी सीनेट को कांग्रेस कहते हैं। अपने यहां यह सबसे पुरानी सियासी पार्टी का नाम है। दोनों कांग्रेस में एक साम्य है। जिस नीति के लिए अमेरिका में सरकार चलाने वालों की पूरी सीनेट यानी कांग्रेस मिलकर काम करती है अपने यहां वैसी ही नीति और तकरीबन उसी किस्म का काम अकेली सियासी पार्टी के तौर पर कांग्रेस आसानी से कर लेती है। राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के बडे़ कामों की तुलना में अपने संसद का रोल गौण है। आजादी के बाद सरकार की सबसे बड़ी मुसीबत नब्बे की दशक के शुरुआत में आपरेशन ब्लू स्टार के वक्त आई थी। कांग्रेस की नीतियों ने जो बीज बोया था पाकिस्तान से आई हर किस्म की खाद ने नफरत की उस बीज को लहलहाते फसल में तब्दील कर दिया। तब अखबार की सुर्खियां जमीन पर पसरे खून की छीटें होती थीं। अखबार इंसान की आंखों में तैरती खौफ के मंजर की तस्वीरों से अटे रहते थे। अंदर के पन्नों पर आला समीक्षाएं होती कि संत जनरैल सिंह भिंडरवाले जैसे कई डाकुओं को खड़ा करने में कांग्रेस की अहम भूमिका रही।

माओवादियों के लिए चीन से संदेश

आलोक कुमारदो दिनों में बस्तर में तीन नक्सली हमले में 15 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। व्यवस्था के बागियों की यह करतूत चिंताजनक है। चिंता इसलिए भी बड़ी है कि इलाके में सेना प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत हो रही है और आने वाले दिनों में इलाके के सुरक्षा की कमान भारतीय सेना के हाथ आने वाली है। जाहिर है मुकाबला बागियों और सेना के बीच शुरू होने का खतरा है। सेना को सरकारी संपदा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विशेष अधिकार के साथ कड़ाई से सैनिक धर्म निभाने की अनुमति मिल गई है। अब बस सेना के हाथ कमान थमाने की औपचारिकता भर पूरी होनी है। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ के दंतेवाड़ा इलाके में संघर्ष भीषण होने वाला है।

आफत : और महंगा होगा पेट्रोल

आलोक कुमार प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन ने देश के वित्तीय घाटे के रोकथाम के लिए पेट्रोल की कीमत में फिर इजाफा करने की सलाह दी है। रंगराजन की सलाह के साथ ही सभी पेट्रोलियम पदार्थों के कीमत का इजाफा करने के लिए सरकारी तंत्र ने कसरत करना शुरू कर दिया है। आईए, महंगाई के मूल वजहों में से एक पेट्रोल की महंगाई को एक मिसाल से समझते हैं। मुख्यमंत्री नल्लारी किरण कुमार रेड्डी के राज्य की राजधानी हैदराबाद के पेट्रोल पंप पर 70 रुपए 70 पैसे प्रति लीटर की दर से पेट्रोल मिल रहा है। अब कीमत कहां पहुंचेगी और आम इंसान के जीवन को कितना दूभर कर देगी कहा नहीं जा सकता।

यूपी की बिसात पर भाई-बहन का रिश्‍ता

आलोक कुमार उत्तर प्रदेश में बिछी राजनीति के बिसात पर अजीबो-गरीब इत्तेफाक के साथ कई भाई और बहन के रिश्ते रोचक तरीके से दांव पर लगे हैं। कांग्रेस के अंदर से राहुल को किनारे कर प्रियंका बढेरा को सामने करने की बात उठ रही है। उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान या उसके बाद इसे बल मिल सकता है। युवराज राहुल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जादू नहीं चला तो कहा जा रहा है कि प्रियंका पर बड़ी जिम्मेदारी लाद दी जाएगी। भाई राहुल से बहन के रिश्ते को लेकर किसी विवाद के उभरने का राजनीतिक इंतजार लंबे समय से हो रहा है। राज्य का चुनाव कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के लिए आखिरी इम्तिहान साबित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सोनिया गांधी का अदृश्‍य भय

आलोक कुमारकिसी अपराध में सोनिया गांधी का नाम लेने से क्यों हिचकते हैं लोग? मेरे आग्रह भरे सवाल पर आप कह सकते हैं कि अपराध में संलिप्तता का पता ही नहीं लगता इसलिए सोनिया गांधी का नाम नहीं लेते लोग। लेकिन लंबे समय से अपराध की रिपोर्टिंग करने की वजह से अंदर ही अंदर लगता है कि अपराध के बाद अपराध के लाभान्वितों का शक के तौर पर भी तो नाम लेने की स्थापित परंपरा है। इस परंपरा के निर्वाह का अक्सर फायदा होता है। शक की अंगुली उठाई जाती है। जांच की जाती है। जांच के नतीजों के आधार पर दोषी या बरी करने का फैसला लिया जाता है। लेकिन कमाल है। यूपीए के सात सालों के शासन में नहीं के बराबर सुना है कि किसी मसले पर सोनिया गांधी पर अंगुली उठाई गई हो।