अतिक्रमण बनाम जाम का झाम और अखबार का काम

अरविंद कानपुर भी देश के अन्य प्रमुख और पुराने शहरों की ही तरह से अतिक्रमण की समस्या से बुरी तरह ग्रस्त है. शहर आने वाले देश और प्रदेश की जानी-मानी राजनैतिक, सामाजिक और प्रशासनिक पदों पर आसीन अति महत्वपूर्ण व्यक्तिओं को कानपुर आगमन पर इस समस्या के कारण सड़क के ‘जाम के झाम’  से अक्सर दो-चार होना पड़ता रहा है. जिला प्रशासन और कानपुर नगर निगम इस समस्या से निजात पाने के लिए तमाम प्रयासों के बावजूद जन-सहयोग की कमी के कारण कभी सफल नहीं हो पाया है. शहर के किसी भी एक मुख्य मार्ग या बाजार को पूरी तरह से अतिक्रमण-मुक्त अभी तक नहीं किया जा सका है.

अन्ना के समर्थन में “चौथा कोना” सड़क पर उतरा

अरविंद त्रिपाठीगणेश शंकर विद्यार्थी की कर्मभूमि रहे कानपुर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठे अन्ना हजारे के समर्थन में पत्रकारों का धरना आयोजित हुआ. इस धरने को “चौथा कोना” ने आयोजित किया था. ये कोई संस्था नहीं है बल्कि कानपुर के प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र ‘हेलो कानपुर’ का एक स्थायी स्तम्भ है. नवीन मार्केट के शिक्षक पार्क के इस धरने में कानपुर के सभी अखबारों और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों और छायाकारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. धरने का नेतृत्व शहर के जाने-माने कवि एवं पत्रकार प्रमोद तिवारी जी ने किया.