आखिरकार सत्‍ता को स्‍वीकार करनी पड़ी जनता की प्रभुसत्‍ता

अन्ना आन्दोलन की जीत ने देश में काफी समय बाद जनता की प्रभुसत्ता को स्थापित किया है। इस आन्दोलन ने पुनः साबित किया कि सत्ता और सरकार चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो उसे सच और इस सच के साथ खड़ी हुई जनता की भावनाओं के सामने झुकना पड़ता है। इस आंदोलन ने पिछले बीस वर्षों के आर्थिक सुधार के दौर में देश में पैदा हुई इस निराशा की भावना के कि कुछ नहीं हो सकता, को भी एक हद तक कम करने का काम किया। कम्युनिस्ट घोषणा पत्र में मार्क्स ने लिखा था कि पूंजीवाद विकास के क्रम में मात्र उन हथियारों को ही पैदा नहीं करता बल्कि उन्हें चलाने वालों को भी पैदा करता है, जो उसके विनाश का कारण बनते है।

दिल्‍ली में लोकतंत्र का गला घोंटा गया : अखिलेंद्र

भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलनरत लोगों पर कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के द्वारा हुआ लाठीचार्ज और अनशनरत बाबा रामदेव की गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है और यह प्रमाणित करता है कि देश आपातकाल की ओर बढ़ रहा है। यह बयान आज जन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ बाबा रामदेव के नेतृत्व में आंदोलनरत लोगों पर हुए दमन की कड़ी निंदा करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि रामदेव को ठग और बेईमान बताने वाले कांग्रेस के नेताओं को देश को बताना चाहिए कि जब वह यह बात पहले से ही जानते थे तो आखिर क्या वजह थी कि केन्द्र सरकार के आला मंत्री पलक पांवड़े बिछाए हवाई अड्डे पर जाकर उनका स्वागत कर रहे थे और आज आखिर कौन सा ऐसा खतरा पैदा हो गया कि आधी रात को लोगों पर दमन ढाया गया व बाबा रामदेव को गिरफ्तार किया गया।