बातों बातों में हादसों के उत्सव कौन चाहता है कि वो कभी-कभी हादसे की चपेट में आए। मगर हादसे भी आदमी के मन की परवाह कब करते हैं। उनका जब... Bhadas4Media.comJuly 12, 2011
बातों बातों में रेडियोएक्टिव साहित्यकार और रेडियो के लंकेश अपने लपकू चंपक जुगाड़ीजी आजकल रेडियो एक्टिव साहित्यकार हो गए हैं। यूरेनियम-जैसे रेडियो एक्टिव पदार्थ में और रेडियोएक्टिव साहित्यकार में सिर्फ इतना फ़र्क होता... Bhadas4Media.comDecember 21, 2010
बातों बातों में हवासिंह और उनकी हवा-हवाई जब से हवासिंह किसी ऊपरी हवा के प्रभाव में आए हैं बेचारे की तो हवा ही खराब हो गई है। और हवा हुई भी... Bhadas4Media.comDecember 15, 2010
बातों बातों में माल से मालामाल एक समय था हमारे देश में, जब लोग इज्जतदार हुआ करते थे। आजकल लोग मालदार होते हैं। इज्जत उन्हें बतौर गिफ्ट-हैंपर माल के साथ... Bhadas4Media.comNovember 9, 2010
बातों बातों में विनाश काले विपरीत बुद्धि विनाश काले विपरीत बुद्धि। जी हां, जब सत्यानाश होना होता है तो अच्छे-अच्छे अक्लमंद भी उलट बुद्धि हो जाते हैं। चाहे नर हो या... Bhadas4Media.comNovember 8, 2010
बातों बातों में बेटा अकादमी के चूहे का… वह आज भी दफ्तर से बिना काम किये शान से वेतन उठा रहा है। दफ्तर में वह कभी काम करता है यह कहकर... Bhadas4Media.comOctober 30, 2010