कुरान की सबसे छोटी प्रति उस्‍मानाबाद में!

प्रदीपधार्मिक ग्रन्थ कुरान की सबसे छोटी मुद्रित प्रति महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में रहने वाले साधारण परिवार के अलिमोदीन काजी साहब के पास है. जिनको यह प्रति उनके पर दादा से मिली थी, जो हैदराबाद के निजाम के यहाँ काम करते थे. बताते हैं कि कुरान कि यह प्रति लगभग ईसा पूर्व 610 से 632 के बीच है. जिसकी लम्बाई 2.5 सेंटी मीटर एवम चौड़ाई 1 .7 सेंटी मीटर है. जिस सफ़ेद कागज पर कुरान कि आयते छपी हैं.  उसकी मोटाई 0.6 सेंटी मीटर है. अलिमोदीन के अनुसार इस छोटे से कागज पर कुरान कि आयते लिखी गयी है वह 1.9 सेंटी मीटर ऊंचाई एवं 1.3 सेंटीमीटर चौड़ाई का भाग है. जिसमे सभी सुरह एवं आयतें छपी हैं, मसलन सभी 114 सुराहा एवं 30 आयतें.

भ्रष्‍टाचार के कीचड़ से निकली खुशियां

पदमपति अव्यवस्थाओं का महाकुम्भ समाप्त हुआ. जिन लोगों के जिम्मे राष्ट्रकुल खेलों की बागडोर रही, उन लोगों ने तो राष्ट्रीय अपमान कराने में कोई कोर क़सर नहीं रख छोड़ी थी, मगर उन्नीसवें राष्ट्रमंडल खेलों से राष्ट्र अपमानित नहीं, गौरवान्वित हुआ, चाहे वह अभिभूत कर देने वाले उद्‌घाटन या समापन समारोह की अनुपम भव्यता रही हो या लम्बी छलांग लगाते हुए पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहने वाले भारत के खिलाड़ियों का हैरतअंगेज प्रदर्शन..! अब यह सब एक सुखद यथार्थ है। आयोजन समिति के मुखिया सहित अन्य समस्त खेल प्रशासक इन खेलों की गंभीरता को शायद नहीं समझ सके थे और उनकी सोच (ऐसी नकारात्मक उम्मीद) तो यह थी कि खिलाड़ी इतना लचर प्रदर्शन करेंगे कि सारे देश में थू-थू होगी और उस शोर में उनकी चोरी दब जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खिलाड़ियों ने जिसका खाया, उसका गुण गाया।