राजनीति-सरकार सत्ता मैं बैठे भ्रष्ट शिकारी इस देश का शिकार कर रहे हैं आदरणीय यशवंतजी, पता नहीं क्यों अपने काम से इतर जब भी मैं अकेला बैठता हूं... तो रह-रह कर देश के बारे मैं सोचने को... Bhadas4Media.comOctober 17, 2011