IAS अफसरों के करप्शन पर मोदी के मुकाबले अखिलेश कुछ ज्यादा ही मुलायम हैं

लखनऊ : भ्रष्ट आई.ए.एस. अधिकारियों के लिए यूपी एक अच्छी पनाहगाह हो सकती है क्योंकि जब लखनऊ के मानवाधिकार कार्यकर्ता और इंजीनियर संजय शर्मा ने नियुक्ति विभाग में एक आरटीआई दायर कर यूपी में तैनात आई.ए.एस. अधिकारियों के भ्रष्टाचार से सम्बंधित जानकारी लेनी चाही है तो सूबे की समाजवादी पार्टी की सरकार ने संजय को कोई भी सूचना नहीं दी है. बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि यूपी की अखिलेश सरकार ने इस मानवाधिकार कार्यकर्ता को इन अधिकारियों के भ्रष्टाचार से सम्बंधित वे सूचनाएं देने से भी इनकार कर दिया है जिन्हें केंद्र की मोदी सरकार ने सी.वी.सी. की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया हुआ है.

पत्नी को पति की तनख्वाह जानने का हक नहीं!

Dr Nutan Thakurउत्तर प्रदेश में सूचना का अधिकार कानून की क्या स्थिति है और नियमों को ताकपर रख कर किस तरह से फैसले लिए जाते हैं इसकी एक बानगी मै आप लोगो के समक्ष रख रही हूँ. यह पूरा मामला अपने आप में कई सवालों को समेटे हुए है. इस उदहारण को देखकर आप ही निर्णय करे कि क्या यह आदेश सही है? मामला कुछ इस प्रकार है- यू.पी पावर कारपोरेशन में कार्यरत अमित श्रीवास्तव नाम के एक कर्मचारी की पत्नी भावना श्रीवास्तव ने अपने पति के वेतन और भत्तो से सम्बंधित सूचना मांगी थी. साथ ही उसने सरकारी अभिलेखों में पति द्वारा अपने परिवार के सम्बन्ध में दी गई जानकारी की भी सूचना मांगी थी.