आरोपी डीएसपी बोला- बस एक बार हुई थी पीटीसी न्यूज के पत्रकार से मुलाकात

डबवाली : डीएसपी पूर्ण चंद पंवार ने कहा कि मृतक पीटीसी न्यूज के पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज होने उपरात जाच के लिए एक बार ही सतीश से मुलाकात हुई थी। इसमें प्रताड़ित करने या रुपये मागने जैसी कोई बात नहीं हुई। जाच के दौरान सतीश कुमार के साथ कई गणमान्य लोग भी आए थे जो इसका गवाह है। इस बारे में मृतक सतीश के बड़े भाई स्व. सुशील के साले दीपक ने कहा कि हमने कोई षड्यंत्र नहीं रचा। खुद निधि ने सतीश और उनके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। हम तो मात्र गवाह के तौर पर साथ गए थे।

पीटीसी न्यूज के पत्रकार ने सुसाइड से पूर्व पीएम समेत कई लोगों को पत्र भेजा था

डबवाली (सिरसा) : मंडी डबवाली के पीटीसी न्यूज के पत्रकार सतीश कुमार ने रविवार सुबह बठिंडा (पंजाब) के रेलवे स्टेशन के समक्ष स्थित मार्केट में जहरीली वस्तु निगल कर खुदकुशी कर ली। कुछ देर बाद मृतक का बेटा अपने पिता को ढूंढते हुए घटनास्थल पर पहुंचा और बेहोशी की हालत में पिता को देख अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, इसमें नौ लोगों के नाम शामिल हैं इनमें डीएसपी स्तर के एक अधिकारी का नाम भी है। साथ ही प्रधानमंत्री व सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सहित आधा दर्जन मंत्रियों को भेजी गई डाक की रसीदें भी मिली हैं।

पीटीसी न्यूज के पत्रकार ने जहर खाकर जान दी, पुलिस वालों को जिम्मेदार ठहराया

एक दुखद सूचना आ रही है. ज्यादा डिटेल नहीं पता चल सका है. सिर्फ इतना मालूम हुआ है कि पीटीसी न्यूज, डबवाली के पत्रकार ने भठिंडा में जहर खाकर जान दे दी. सुसाइड नोट शव के पास मिला है. अपने सुसाइड लेटर में पत्रकार ने मौत के लिए डबवाली के डीएसपी, एसएचओ, एसआई और एचसी समेत कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. यह मामला इसलिए गंभीर है कि पत्रकार जब पुलिस वालों से परेशान होकर आत्महत्या कर ले रहा है तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी, यह समझा जा सकता है. जिस खाकी वर्दी को लोगों और समाज की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, वही खाकी वर्दी समाज और लोगों के लिए परेशानी का सबब हो चुका है. ये है सुसाइड लेटर…