छोटे राज्‍यों का निर्माण होना चाहिए : बाबा रामदेव

प्रदीप श्रीवास्‍तवयोग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि सन 2014 के आम चुनाव के पहले ही मध्यावधि चुनाव होने की पूरी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं. यह बात भारत स्वाभिमान यात्रा पर निकले बाबा ने निज़ामाबाद में आयोजित योग शिविर के बाद इन पंक्तियों के लेखक के साथ एक विशेष बातचीत में कही. जब बाबा से यह पूछा गया कि क्या आप अगल चुनाव लड़ने का मान बना रहे हैं? इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि मैं स्वयं तो चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन मेरी पार्टी जरुर देश से भ्रष्टाचार मिटने के लिए लडे़गी. बाबा ने यह भी कहा कि बास आप जून तक प्रतीक्षा करें, उसके बाद भारत स्वाभिमान पार्टी के इरादों के बारे में पता चल जायेगा.

बाबा राम देव ने आगे कहा कि इस कांग्रेस के राज्य में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं ही टूट गयीं है. आप ही देखो देश का चार हजार लाख करोड़ धन विदेशी बैंक में जमा है. यह पैसा किसका है? इन्हीं भ्रष्ट राजनेताओं का ही न. आज 62 सालों से कांग्रेस ने देश की आर्थिक स्थिति को खोखला कर रखा है. उन्‍ंहोने यह भी कहा कि भारत मैं भ्रष्टाचार तभी मिटेगा, जब छोटे-छोटे नोटों का चलन होगा. जिससे कर चोरी पर भी नियंत्रण होगा.

देश में हिंदी की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर स्वामी रामदेव ने कहा कि जब तक हम अपनी राष्ट्र भाषा के प्रति जागरूक नहीं होंगे तब तक हिंदी को उसका उचित स्थान नहीं मिलेगा. आप जापान, चीन या फिर कोई दूसरे देश को लो, वहां पर उनकी पहली प्राथमिकता होती उनकी राष्ट्र भाषा रामूबाबाकी. यही कारण है कि जिस देश में राष्ट्र भाषा का सम्मान होगा, वह देश विकास करेगा ही, लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूँ कि विकास केवल भाषा से नहीं होता, विकास दिमाग से होता है. फिर हम भारतीयों के पास दिमाग की कमी कहाँ है.

जब बाबा रामदेव से यह पूछा गया कि आप पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि देश को बदलने के नाम पर आप अपनी राजनीतिक महत्त्वकांक्षा को पूरी करना चाहते है? इस पर बाबा का कहना था कि सत्य, तर्क व तथ्यों को झूठलाया नहीं जा सकता है. मैं जो कुछ बोलता हूँ तर्क के साथ, उसमें सच्चाई होती है. आज देश की सौ करोड़ की जनता मुझे अपन प्‍यार दे रही है, क्यों? यह सब बेबुनियादी बातें हैं.

आप योग राजनीति से नहीं योगनीति से समाज को बदलने की बात करते हैं, यह कैसे संभव है? इस प्रश्न पर बाबा ने कहा कि क्यों नही, सब संभव है. सीधे व सरल भाषा में कहूँ तो आज देश की जनता राजनीति से उब चुकी है, यही कारण है कि लोग अब योग के प्रति आकर्षित हो चुके हैं. जब जनता योग अपनाएगी तो वे स्वस्‍थ रहेगी, जब जनता स्वस्थ रहेगी तो समाज स्वस्थ रहेगा, जब समाज स्वस्थ रहेगा तो ( हँसते हुए) राजनीति भी स्वस्थ ही रहेगी.

जब बाबा राम देव से यह पूछा गया कि आप के द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए मुहिम के बाद आप से संत व साधु समाज नाराज हो गया है? इस पर बाबा ने अपनी चिर-परिचित मुस्कराहट के बीच कहा कि नहीं तो, कोई भी नाराज नहीं है. सभी साधु-संत मेरे साथ हैं. जो साधु-संत यदि नाराज भी हैं तो वे साधु-संत हैं ही नहीं.

अपने तेलंगाना यात्रा के दौरान बाबा रामदेव अपने हर योग शिविर में जय तेलंगाना का नारा दे रहे हैं, इस बारे में पूछे जाने पर कि सीमान्ध्रा में आप ने जय तेलंगाना का नारा नहीं दिया, क्यों? इस बाबा का कहना था कि जैसा देश-वैसा वेष. लेकिन जब बाबा से यह पूछा गया कि सीमान्ध्रा के लोग क्या तेलंगाना के गठन के विरोधी हैं? इस बाबा ने कहा कि नहीं वहां की जनता इसकी विरोधी नहीं है, विरोध तो सत्ता मैं बठे राजनेता कर रहे हैं, जिन्हें अपनी राजनितिक रोटियां सेंकनी है. वही विरोध कर रहे हैं. उन्हें डर है कि तेलंगाना बन गया तो उनके राजनीतिक क्षेत्र का दायरा छोटा हो जायेगा, वही लोग विरोध कर रहे हैं. मैं भी छोटे राज्यों का पक्षधर हूँ. मैं विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि तेलंगाना राज्य का गठन हो कर रहेगा.

लेखक प्रदीप श्रीवास्‍तव निजामाबाद से प्रकाशित हिन्‍दी दैनिक स्‍वतंत्र वार्ता के स्‍थानीय संपादक हैं.

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