Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

देश-प्रदेश

पान मसाला के पाउचों की कालाबाजारी कर लाखों की लूट

यूं तो मांग और आवक के आधार पर खाद्य पदार्थों की कृत्रिम कमी पैदा कर आम जनता की जेबों पर लम्बे समय से डाका डाला जा रहा है, परन्तु सुप्रीम कोर्ट के पान मसाला-गुटखा सम्बन्धी दिये गये आर्डर से देहरादून में कालाबाजारियों की लाटरी निकल पड़ी है। देहरादून प्रशासन की उदासीनता का लाभ उठाकर शार्टेज के नाम पर पान मसाला एवं गुटखा को दोगुने से भी अधिक कीमतों पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।पान मसाला एवं गुटखा के पाउच कभी ब्लैक में भी बिक सकते हैं शायद ऐसा इनको बनाने वाली निर्माता कम्पनियों ने भी नहीं सोचा होगा। परन्तु सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के कारण अब ऐसा भी हो रहा है कि पान मसाला एवं गुटखा के पाउच देहरादून की हर गली, चौराहे पर खुलेआम बगैर किसी भय के दोगुने-चौगुने दामों पर बेचे जा रहे हैं।

यूं तो मांग और आवक के आधार पर खाद्य पदार्थों की कृत्रिम कमी पैदा कर आम जनता की जेबों पर लम्बे समय से डाका डाला जा रहा है, परन्तु सुप्रीम कोर्ट के पान मसाला-गुटखा सम्बन्धी दिये गये आर्डर से देहरादून में कालाबाजारियों की लाटरी निकल पड़ी है। देहरादून प्रशासन की उदासीनता का लाभ उठाकर शार्टेज के नाम पर पान मसाला एवं गुटखा को दोगुने से भी अधिक कीमतों पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।पान मसाला एवं गुटखा के पाउच कभी ब्लैक में भी बिक सकते हैं शायद ऐसा इनको बनाने वाली निर्माता कम्पनियों ने भी नहीं सोचा होगा। परन्तु सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के कारण अब ऐसा भी हो रहा है कि पान मसाला एवं गुटखा के पाउच देहरादून की हर गली, चौराहे पर खुलेआम बगैर किसी भय के दोगुने-चौगुने दामों पर बेचे जा रहे हैं।

दरअसल कुछ समय पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आर्डर के माध्यम से पान मसाला एवं गुटखा के प्लास्टिक के पाउच में विक्रय पर रोक लगा दी। प्लास्टिक के पाउच पर रोक के आर्डर पर स्टाकिस्टों ने मार्केट में कृत्रिम शार्टेज पैदा कर जनता को खुलेआम लूटा और पाउच चौगुनी कीमतों तक पर बेचे गये। इसके बाद वर्तमान में प्लास्टिक के स्थान पर कागज के पाउच तो मार्केट में आ गये परन्तु स्टाकिस्टों से लेकर फुटकर विक्रेताओं तक को कालाबाजारी कर जनता को लूटने का जो चस्का लग गया था वह बरकरार बना रहा। नतीजतन कागज के पाउच मार्केट में आ जाने के बावजूद कालाबाजारी बदस्तूर जारी है।

जनाधिकारों की रक्षा के लिये गठित समसामयिक संगठन लोकमोर्चा ने कीमतों के सम्बन्ध में वरिष्‍ठ निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान, देहरादून को लिखित शिकायत देकर देहरादून में हो रही इस लूट पर कार्रवाई की मांग करते हुए कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। शिकायती पत्र देने के पश्‍चात प्रारम्भ में तो यह बताया गया कि अधिकतम मूल्य से अधिक मूल्य लिये जाने पर कार्रवाई का कोई अधिकार विभाग को प्राप्त नहीं है। परन्तु इस सम्बन्ध में सूचना के अधिकार के तहत लिखित जानकारी मांगे जाने पर विभाग ने रस्म अदायगी करते हुए अवगत कराया कि बीस दुकानदारों पर अधिक मूल्य लेने पर सम्बन्ध में कार्रवाई की गई है।

ज्ञातव्य है कि देहरादून में तकरीबन एक हजार दुकानों पर खुलेआम बगैर किसी भय के दुकानदारों के द्वारा दोगुनी कीमतों पर रजनीगन्धा, पान बहार, राजश्री जैसे पानमसाले व गुटखा के पाउचों का विक्रय किया जा रहा है। इन दुकानदारों का यह भी कहना है कि थोक विक्रेताओं द्वारा ब्लैक में ऊचे दामों पर माल दिया जा रहा है, इसलिये वह भी मजबूरी में मुद्रित मूल्य से दोगुनी कीमत ले रहे हैं। देहरादून में अनुमानतः दस लाख रुपया प्रतिदिन की पानमसाला एवं गुटखा की खपत है। थोक विक्रेता एवं दुकानदारों की मिलीभगत से दोगुनी कीमतें वसूले जाने से लगभग दो से तीन करोड़ रुपया प्रतिमाह कालाबाजारी कर लूट की जा रही है। जिलाधिकारी सचिव कुर्वे से लोकमोर्चा द्वारा जनहित में मांग की गई है कि खुलेआम हो रही इस लूट पर थोक विक्रेता से लेकर फुटकर विक्रेताओं पर एक वृहद अभियान चला कर प्रभावी कार्रवाई की जाये और इस कालाबाजारी को प्रश्रय देने वाले सरकारी अफसरों को दण्डित किया जाये।

देहरादून से आरटीआई मिशन के प्रदेश अध्‍यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

मेरी भी सुनो

अपनी बातें दूसरों तक पहुंचाने के लिए पहले रेडियो, अखबार और टीवी एक बड़ा माध्यम था। फिर इंटरनेट आया और धीरे-धीरे उसने जबर्दस्त लोकप्रियता...

राजनीति-सरकार

मोहनदास करमचंद गांधी यह नाम है उन हजार करोड़ भारतीयों में से एक जो अपने जीवन-यापन के लिए दूसरे लोगों की तरह शिक्षा प्राप्त...

साहित्य जगत

पूरी सभा स्‍तब्‍ध। मामला ही ऐसा था। शास्‍त्रार्थ के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि किसी प्रश्‍नकर्ता के साथ ऐसा अपमानजनक व्‍यवहार...

मेरी भी सुनो

सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने घटिया खाने और असुविधाओं का मुद्दा तो उठाया ही, मीडिया की अकर्मण्यता पर भी निशाना...