आठ साल में 9.18 करोड़ से 365 करोड़ क़ी संपत्ति बनाई जगन रेड्डी ने

प्रदीप श्रीवास्‍तवआन्ध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के कडप्पा लोकसभा एवं पुलिवेंदुला विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के लिये हो रहे उप चुनाव पर न केवल प्रदेश क़ी जनता क़ी निगाहें लगी हैं अपितु कांग्रेस क़ी प्रतिष्ठा का सवाल भी बना हुआ है. पुलिवेंदुला में जेठ व भयो (जेठ वाईएस राजशेखर रेड्डी के बड़े भाई वाईएस विवेकानंद एवं भयो वाईएस राजशेखर रेड्डी क़ी पत्नी श्रीमती विजय लक्ष्मी) के बीच टक्कर है.  पता हो कि कांग्रेस से नाराज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वाईएस राजशेखर रेड्डी के सांसद बेटे वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कडप्पा लोकसभा सीट एवं उनकी मां श्रीमती वाईएस विजयलक्ष्मी ने पुलिवेंदुला विधान सभा सीट से पार्टी में अनदेखी के चलते त्याग पत्र दे दिया था. जिसके कारण आठ मई को वहाँ पर उपचुनाव हो रहे हैं. इस बार मां एवं बेटे दोनों ही कांग्रेस के झंडे के नीचे चुनाव न लड़कर स्वयं क़ी बनाई वाईएस कांग्रेस पार्टी के बैनर तले ही चुनाव लड़ रहे हैं.

कडप्पा लोकसभा सीट के लिये जगन के सामने कांग्रेस के डीएल रविन्द्र रेड्डी व पुलिवेंदुला विधान सभा के लिये जगन क़ी मां के सामने जगन के चाचा वाई एस विवेकानंद रेड्डी अपना भाग्य अजमा रहे हैं. वहीं कडप्पा लोकसभा से तेलगु देशम पार्टी के एमवी मैसूरा रेड्डी एवं पुलिवेंदुला विधान सभा के लिये बीटेक रवि अपना भाग्य अजमा रहे हैं. पिछली बार माँ एवं बेटे को स्व. मुख्यमंत्री वाईएसआर का लाभ जरुर मिला था, लेकिन इस बार वह लाभ शायद ही मिल सके.  कयोंकि इस बार स्व. वाईएसआर के बेटे जगन क़ी संपत्ति को लेकर विपक्षी पार्टियों ने हल्ला बोल दिया है. विपक्ष का कहना है कि सन 2004 के चुनाव में वाईएस राजशेखर रेड्डी ने अपने हलफनामे में कुल 9.18 करोड़ क़ी संपत्ति बताई थी, जब कि सन 2011 के उप चुनाव में जगन मोहन रेड्डी ने अपने हलफनामे में कुल संपत्ति 365 करोड़ रुपये बताई है.

प्रश्न यह उठ रहा है कि पिछले चुनाव में उनके पास कुल 9.18 करोड़ क़ी मलकियत थी जो मात्र आठ वर्षों में 365 करोड़ कैसे पहुंच गई. सन 2009 में स्वयं जगन रेड्डी सांसद बनने से पहले अपनी संपत्ति 77 .40 करोड़ रुपये दिखाई थी. उनहोंने 2009 – 10  में 3,59,59,731 रुपये आयकर का भुगतान किया. इसी वर्ष उन्‍होंने 80 करोड़ रुपये अग्रिम आयकर का भुगतान भी कर दिया है. आधिकारिक रूप से जगन मोहन रेड्डी के पास आज जो संपत्ति है उसकी कीमत 365,68,55,224 रुपये है. यह भी सच है कि मात्र आठ वर्षों में इतनी बड़ी रकम अर्जित कर लेना हर किसी को आश्चर्यचकित कर सकता है. इस तरह देखें तो पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ने राजनीति में एक नया इतिहास ही रचा है. जगन क़ी संपत्ति को लेकर तेलगु देशम पार्टी के सांसद नामा नागेश्वर राव कहते हैं कि कडप्पा उपचुनाव में अपनी संपत्ति के बारे में गलत सूचनाएं देने वाले जगन मोहन रेड्डी को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए. वे इस बात की शिकायत चुनाव आयोग से भी करेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सांसद नामा नागेश्वर राव के पास 173  करोड़, कांग्रेस के सांसद लगड़पाटी राजगोपाल के पास 120 करोड़ एवं कांग्रेस के ही एक अन्य सांसद जी विनोद के पास कुल 75 करोड़ क़ी संपत्ति है.

पता हो कि वाईएस के पुत्र जगन जहां एक तेलगु दैनिक साक्षी के साथ-साथ तेलगु समाचार चैनल साक्षी के मालिक भी है. इसके भारती सीमेंट के साथ रीयल स्टेट आदि में भी उन्‍होंने अपना धन लगा रखा है. मजे क़ी बात यह है कि इस बार कडप्पा लोकसभा एवं पुलिवेंदुला विधान सभा निर्वाचन में खड़े प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला पुरुष मतदाता नहीं अपितु महिला मतदाता करेंगी. कडप्पा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 13, 28, 869 मतदाता हैं. जिन में से 6, 80, 514 महिला मतदाता तथा 6, 48, 355 पुरुष मतदाता हैं. सात विधान सभा वाले कडप्पा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पर नजर डालें तो हर क्षेत्र में महिला मतदाताओं क़ी ही संख्या अधिक है.जैसे बदेवल में 93, 312 महिला व 90, 044पुरुष, कडप्पा में 1, 08, 336 महिला व 1, 04, 891 पुरुष मतदाता हैं. वहीं पुलिवेंदुला में 96,100 महिला एवं 93, 002 पुरुष मतदाता हैं. कमलापुर में 83,148 महिला तथा 79, 129 पुरुष मतदाता हैं. जम्मलममुदुगु में 1, 07, 681 महिला एवं 1, 00, 948 पुरुष मतदाता हैं.  जबकि प्रोदुत्तुर में 1, 02,172 महिला व 95, 686 पुरुष तथा मेदुकुर में 89, 765 महिला एवं 84, 655  पुरुष मतदाता हैं.

उल्लेखनीय है कि चुनाव प्रचार में जहां मुख्य लड़ाई भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस एवं जगन रेड्डी द्वारा नव गठित वाईएस कांग्रेस के बीच है, वहीं तेदेपा व वाईएस कांग्रेस के बीच एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का भी वाकया देखने को मिल रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान तेदेपा मुखिया नारा चन्द्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी के चुनाव चिन्ह पर कहा कि सीलिंग फैन का जमाना नहीं रहा, अब लोग एयर कंडीशन में या फिर एयर कूलर में रहते हैं. अ़ब सीलिंग फैन का उपयोग लोग तो केवल फांसी लगाने के लिये ही करते हैं. हालांकि बाबू के इस बयान का सभी राजनितिक दलों के लोगों ने निंदा क़ी है. सभी का कहना है कि आज भी गरीबों के घर में सीलिंग फैन ही होते हैं. पता हो कि आन्ध्र प्रदेश में होने वाली आत्महत्याओं में से अधिक मामले सीलिंग फैन से लटक कर ही होती हैं. बाबू के उपरोक्त बयान पर टिपण्णी करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि अ़ब साइकिल (तेदेपा का चुनाव चिन्ह) का जमाना लद चुका है, क्यों कि साइकिल कभी भी पंक्चर हो सकती है. इसलिये लोग साइकिल क बजाय मोटर साइकिल या फिर कार का इस्तेमाल करते हैं.

उधर दूसरी तरफ जगन का साथ देने वाले चार कांग्रेसी नेताओं पूर्व मंत्री श्रीमती कोंडा सुरेख (परकाला,विधायक), जी श्रीकांत रेड्डी, ए. अमरनाथ रेड्डी एवं सी. आदित्य नारायण रेड्डी को इसी माह की 21 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपूरी श्रीनिवास ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया था. जिस में उन्‍होंने एक सपताह के भीतर जवाब माँगा था. जिसके जवाब में चारों कांग्रेसी नेताओं ने बुधवार 27 अप्रैल को जवाब देते हुए कहा है कि उन्‍होंने पार्टी के खिलाफ कोई काम नहीं किया है.

इधर, राजनीतिक गलियारों से खबर आ रही है कि वाईएस के बड़े भाई व पुलिवेंदुला विधान सभा से चुनाव लड़ रहे विवेकानंद का चुनाव प्रचार कुछ अनोखे ढंग से हो रहा है. प्रचार के दौरान उनके काफिले में न तो सोनिया का न ही राहुल गाँधी क़ी तस्वीर होती है. कहते हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान वे उनका जरा सा भी उल्लेख भी नहीं करते. वे केवल वाईएस द्वारा किये गए जन-कल्याणकारी योजनाओं का हवाला देकर ही मतदाताओं से जिताने क़ी अपील कर रहे हैं. कडप्पा से सूत्रों ने बताया कि वे मतदाताओं से यहाँ तक कह रहे हैं कि वे पुलिवेंदुला विधान सभा से उन्हें तथा कडप्पा लोकसभा के लिये जगन मोहन रेड्डी को जिताएं. सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर जगन व विवेकानंद के बीच गुप्त समझौता हुआ है, लेकिन वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुलिवेंदुला विधान सभा क्षेत्र में अभी भी श्रीमती वाईएस विजयलक्ष्मी के प्रति मतदाताओं में सहानुभूति है और उनका चुनाव जीतना लगभग तय मना जा रहा है. बात जो भी हो, अब लोगों क़ी निगाहें आठ मई पर लगी है, आज के दिन मतदान होना है, और उसके बाद 13 मई पर,  जब चुनाव परिणाम घोषित होंगे.

लेखक प्रदीप श्रीवास्‍तव निजामाबाद से प्रकाशित हिन्‍दी दैनिक स्‍वतंत्र वार्ता के स्‍थानीय संपादक हैं.

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