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कुरान की सबसे छोटी प्रति उस्‍मानाबाद में!

प्रदीपधार्मिक ग्रन्थ कुरान की सबसे छोटी मुद्रित प्रति महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में रहने वाले साधारण परिवार के अलिमोदीन काजी साहब के पास है. जिनको यह प्रति उनके पर दादा से मिली थी, जो हैदराबाद के निजाम के यहाँ काम करते थे. बताते हैं कि कुरान कि यह प्रति लगभग ईसा पूर्व 610 से 632 के बीच है. जिसकी लम्बाई 2.5 सेंटी मीटर एवम चौड़ाई 1 .7 सेंटी मीटर है. जिस सफ़ेद कागज पर कुरान कि आयते छपी हैं.  उसकी मोटाई 0.6 सेंटी मीटर है. अलिमोदीन के अनुसार इस छोटे से कागज पर कुरान कि आयते लिखी गयी है वह 1.9 सेंटी मीटर ऊंचाई एवं 1.3 सेंटीमीटर चौड़ाई का भाग है. जिसमे सभी सुरह एवं आयतें छपी हैं, मसलन सभी 114 सुराहा एवं 30 आयतें.

प्रदीप

प्रदीपधार्मिक ग्रन्थ कुरान की सबसे छोटी मुद्रित प्रति महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में रहने वाले साधारण परिवार के अलिमोदीन काजी साहब के पास है. जिनको यह प्रति उनके पर दादा से मिली थी, जो हैदराबाद के निजाम के यहाँ काम करते थे. बताते हैं कि कुरान कि यह प्रति लगभग ईसा पूर्व 610 से 632 के बीच है. जिसकी लम्बाई 2.5 सेंटी मीटर एवम चौड़ाई 1 .7 सेंटी मीटर है. जिस सफ़ेद कागज पर कुरान कि आयते छपी हैं.  उसकी मोटाई 0.6 सेंटी मीटर है. अलिमोदीन के अनुसार इस छोटे से कागज पर कुरान कि आयते लिखी गयी है वह 1.9 सेंटी मीटर ऊंचाई एवं 1.3 सेंटीमीटर चौड़ाई का भाग है. जिसमे सभी सुरह एवं आयतें छपी हैं, मसलन सभी 114 सुराहा एवं 30 आयतें.

कुरानयह कुरान वास्तविक कुरान की कॉपी है, जो अबतक प्राप्त सबसे छोटी बताई जाती है. जिसे अलिमोदीन साहब एक छोटे सी डिब्बी में रखते हैं. उनके मुताबिक उनके परदादा से उनके दादा को बाद में अब्बू को यह मिला. परदादा निजाम के यहाँ मुलाजिम हुआ करते थे. जिनके पास उस्‍मानाबाद के लगभग तीस गाव की जागीर थी. जहाँ पर वह निकाह नमाज़ अदा करने दायित्व निभाते थे. वे बताते हैं कि वे पिछले साठ सालों से इसे देखते आ रहे हैं. अलिमोदीन के मुताबिक दुनिया में मिली अबतक कि यह सबसे छोटी कुरान क़ी प्रति है. कुरान अरबी भाषा में है, जिसे पढ़ने के लिए लेंस क़ी जरुरत होती है. अलिमोदीन के पास कुरान क़ी दुर्लभ प्रति होने से उस्मानाबाद लोगों में भी प्रसन्त्ता है. वे हर दो साल के बाद इसे निकलते हैं और पढते हैं.

लेखक प्रदीप श्रीवास्‍तव निजामाबाद से प्रकाशित हिन्‍दी दैनिक स्‍वतंत्र वार्ता के स्‍थानीय संपादक हैं.

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