प्रभुजी, बड़ा आसान है दो शब्‍द बोलना, पर सच्‍चाई देखिएगा तो आंखें फट जाएंगी

मेरी कोई जाती दुश्मनी नहीं है.. प्रभु चावला से। न कभी होगी। यह दुर्भाग्य है,  देश के उन संस्थानों का जो नई पीढ़ी को बताने और सिखाने के लिए इस तरह के पत्रकारों से उन्हें रु-ब-रु कराया जाता है। देश में सुरेश डुग्गर। राम बहादुर राय। और भी बहुत पत्रकार हैं। जो नई पीढ़ी को सही दिशा और ज्ञान के अलावा पत्रकारिता की पवित्रता को समझा सकते हैं। लेकिन नहीं। हालांकि प्रभुजी तो सीधी बात करते रहे हैं…। मैं भी सीधी बात करता हूं… हिम्मत हो तो आएं आगे.. मीडिया के वो मठाधीश… दे जबाब उन लाखों स्ट्रिंगरों का। जो जान पर खेलकर स्टोरी करते हैं। और उसमें स्‍ि‍क्रप्‍ट के साथ शब्दों से थोड़ा उलटफेर करके एअरकंडीशन में बैठने वाले टीआरपी बटोरते हैं। प्रमोशन भी ले लेते हैं। कोई नहीं आएगा सामने। लेकिन एक शर्त है.. जो सामने आए उसमें एक पवित्रता होनी चाहिए..।

पंचायत चुनाव : मुखिया बनन के लिए गर्म गोश्‍त का चढ़ावा

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव चल रहा है। चारों ओर चिल्ल-पों मची है। सबलोग मुखिया बनना चाहते हैं। इसके लिए सभी तरह के हंथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जिसमें धनबल और बाहुबल तो आम बात है। क्योंकि मुखिया, सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि बनने का फायदा लोगों ने इन पांच सालों में देख लिया है। अब चुनाव जीताऊ हथकंडे में एक और हथकंडा शामिल हो गया है। वह है चमड़ी का। समझे नहीं आप। गर्म गोस्त का। अब जो शख्स अपने आपको को वोट मैनेजर कहता है उसे शराब, कबाब के साथ शहर में शबाब की भी व्यवस्था की जा रही है। मात्र तीन दिनों में मुजफ्फरपुर शहर के आवासीय इलाकों में चलने वाले दो सेक्स रैकेट गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस कांड में जो महिलाएं और पुरुष गिरफ्तार हुए हैं उनके बयान काफी चौंकाने वाले हैं।

पहले चरण स्पर्श… फिर जान से मारने की धमकी

बिहार। विकसित राज्य। विकास प्रदेश। महिलाओं को आरक्षण। रोजाना विदेशी लोगों से मुख्यमंत्री की मुलाकात। ढेरों सारे सम्मान। कौन कह सकता है कि पंचायत चुनाव में गुंडई चल रही है। जी हां.. खुलेआम गुंडई। अभी बिहार के गांवों का माहौल गरम है। चाय, पान और पाउच की दुकान पर भीड़ बढ़ गई है। बक्सर जैसे इलाके में चर्चा है कि इस बार दुसधा को वोट नहीं देना है। ऐ बार चमरा के लइकवा के वोट दिआई। बड़ी जाति के लोगों का राज है। वे फिर से मलिकार बन गए हैं। उनके दरवाजे पर फिर से नथुनी दुसाध, मानरुप पासवान, अशोक चमार की भीड़ लगने लगी है। क्योंकि इनकी बीबीयां पंचायत चुनाव लड़ रही हैं। सबको चुनाव में सफलता चाहिए।