पेट्रोल-डीजल में फिर लगी आग, महंगाई के चक्रब्यूह में गरीब फंसा

फिर पेट्रोल डेढ़ रुपये और डीजल पैतालीस पैसे महंगा हो गया। महंगाई दिन-दुनी रात-चौगुनी बढ़ रही है। अभी वैलेन्टाइन वीक आया था उसमें सातों डे के गिफ्ट खरीदने वालों ने महंगाई की मार झेली। गिफ्ट की दुकानों पर एकाएक महंगाई देवता पधार गये। लोग कहने लगे की अब प्यार भी महंगा हो गया। महंगाई अपने नये-नये आयामों को लांघ रहा है। कुछ सप्ताह पहले खाद्य तेलें महंगी हुई थी। परती जमीन, फ्लैट, मोबाईल इंटरनेट पर बात करना महंगा हुआ। आये दिन महंगाई बढ़ती ही जा रही है। आजादी पश्चात 90 से दशक से शुरू हुये वैश्वीकरण की आंधी की हवा के झोंके महंगाई को साथ-साथ लेके अभी भी उड़ रही है।