खुर्शीद के गांव में पत्रकार और आईएसी कार्यकर्ताओं पर पथराव

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के गुस्से का असर अब इंडिया अगेंस्ट करप्शन(आईएसी) के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर दिखने लगा है। फर्रुखाबाद से ख़बर मिली है कि डॉक्टर जाकिर हुसैन ट्रस्ट पर लगे आरोपों से गुस्साए खुर्शीद समर्थकों ने सर्वेक्षण करके लौट रहे आईएसी कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार से धक्का-मुक्की की और पथराव भी किया।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के पत्रकार अभिनंदन सिंह और स्थानीय संयोजक लक्ष्मण सिंह की अगुवाई में आईएसी के सदस्य गुरुवार को केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के कायमगंज क्षेत्र स्थित पैतृक गांव पितौरा से लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन पर पत्थर बरसाए। घटना के शिकार हुए आईएसी सदस्यों का कहना है उन्होंने सीनियर अधिकारियों को इस बारे में बता दिया है।
 
संपर्क किए जाने पर अपर पुलिस अधीक्षक ओ  पी सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में टेलिफोन पर जानकारी मिली है और उन्होंने आईएसी कार्यकर्ताओं से इस सिलसिले में लिखित शिकायत दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। (नभाटा)

अन्‍ना का ब्‍लॉगर हुआ बागी, अब खोलेगा सबकी पोल

नई दिल्ली। अन्ना हजारे के ब्लॉगर राजू पारुलकर ने खुलकर टीम अन्ना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजू पारुलकर ने टीम अन्ना के सदस्यों पर गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्‍होंने टीम अन्ना के अहम सदस्यों अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण, किरण बेदी और मनीष सिसौदिया पर तीखे वार करते हुए इनका पर्दाफाश करने की धमकी दी है। राजू पारुलकर ने कहा है कि वे कल प्रेस कांफ्रेंस करके सारे राज खोलेंगे।

मामले की शुरुआत अन्‍ना हजारे द्वारा पत्रकारों को नई दिल्ली में यह बताने से हुई कि पत्रकार रहे पारुलकर ने कोर कमेटी को भंग करने की बात कैसे कही? वे इस बारे में पारुलकर से बात करेंगे। मैं न तो उन्हें वेतन देता हूं न वे मेरे कर्मचारी हैं फिर भला वे ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं? पारुलकर ने अपने मन से सब बातें लिखी हैं, मैं इस पर कार्रवाई करुंगा। पारुलकर ने कहा कि उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अन्‍ना के टीम के सदस्‍य अपने हित साध रहे हैं और मुझे मंत्रियों का एजेंट बताया जा रहा है।

वैसे राजू पारुलकर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि महाराष्ट्र के एक केंद्रीय मंत्री के इशारे पर वे टीम अन्ना और अन्ना के खिलाफ गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। कहा जा रहा है कि पिछले काफी समय से इस मंत्री की पूरी टीम अन्ना के गांव में डेरा डाले हुए हैं और अन्ना के सहयोगियों को अपने झांसे में लेकर जनलोकपाल आंदोलन की हवा निकालने की कोशिश कर रही है।