बलात्कारी पुलिस अधिकारी को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजने की घोषणा

Himanshu Kumar : छत्तीसगढ़ के एक और बलात्कारी पुलिस अधिकारी को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजने की घोषणा करी गई है. इस बलात्कारी पुलिस अधिकारी का नाम है एसआरपी कल्लूरी. लेधा नामक एक आदिवासी महिला के साथ कल्लूरी और उसके सिपाहियों ने एक माह तक बलात्कार किया था. कल्लूरी साहब ने लेधा के गुप्तांगों में मिर्चें भर दी थीं. लेधा ने जिला जज के सामने अपने बयान में यह सब दर्ज करवाया था. लेकिन कल्लूरी ने पीड़ित महिला लेधा और उसके परिवार पर दबाव बनाना शुरू किया तो मानवाधिकार कार्यकर्ता उस बलात्कार के मामले को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में ले गये.

कमर मटकाने और क्रिकेट खेलने वालों को क्यों मिलता है पदम भूषण और पदम श्री जैसे पुरस्कार?

बी.पी. गौतम :  इत्ती बात तो समझ आ गई कि पत्रकारिता से रोटी के साथ पुरस्कार भी नहीं मिलना है, जबकि कमर मटका कर बड्डा आदमी बनने के साथ पदम् भूषण और पदम् श्री की उपाधि आसानी से मिल सकती है … देखो न, फिल्म फेयर अवार्ड की तरह ही फिल्म वालों ने पदम् भूषण और पदम् श्री झटक लिए … कमर मटकाना महान काम है, क्रिकेट खेलना महान काम है, कपड़े सिलना भी महान काम है और पचास से अधिक लड़कियों का संग करने के बाद मर जाना भी महान काम है … अरे कोई है, जो मुझे कमर मटकाना सिखा दे…

थी..हूं..रहूंगी के लिए वर्तिका नंदा को ऋतुराज सम्मान

डॉ.वर्तिका नंदा को प्रतिष्ठित परम्परा ऋतुराज सम्मान से सम्मानित किया गया है.  वर्तिका जी को यह सम्मान उनके कविता संग्रह 'थी.. हूं… रहूंगी' के लिए मिला। सम्मान समारोह दिल्ली में हुआ। यह कविता संग्रह महिला अपराध पर आधारित है। इस विषय पर लिखा जाने वाले यह अपने तरह का अनूठा कविता संग्रह है। हर साल यह सम्मान दिया जाता है। वर्तिका नंदा को पुरस्कार देने का निर्णय तीन सदस्यी निर्णायक मंडल ने की। इसमें राजनारायण बिसारिया, डा. अजित कुमार और डॉ. कैलाश वाजपेयी शामिल थे।