गोरखपुर जर्नलिस्‍ट प्रेस क्‍लब का हाल बेहाल, वेलफेयर फंड के पैसे में भी लूट

एक कहावत है कि जिस खेत को उसकी मेड़ ही खाने लगे, तो उस खेत का भगवान ही मलिक होता है। कुछ ऐसा ही गोरखपुर में गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब नामक संस्था में हो रहा है, जहां और कुछ हो या ना हो, पत्रकारों के हित पर डाका तो जोरदार पड़ रहा है। यहां अभी 16 अक्तूबर को चुनाव हुए हैं, पर नयी कार्यकारिणी अभी नया कुछ कर ही नहीं पायी, उसे तो पिछली कार्यकारिणी के कारनामों को ही भुगतना पड़ रहा है। तीन मामले ही पूरी कहानी बयां करने को काफी हैं।