वरिष्‍ठ पत्रकार किशोर मालवीय बने महुआ न्‍यूज के चीफ एडिटर

वरिष्‍ठ पत्रकार किशोर मालवीय महुआ न्‍यूज के चीफ एडिटर बन गए हैं. उन्‍होंने सोमवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है. ग्रुप एडिटर राणा यशवंत के इंडिया न्‍यूज में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर बनकर चले जाने के बाद यह पद खाली था. किशोर मालवीय के आने के बाद माना जा रहा है कि महुआ ग्रुप को मजबूती मिलेगी. इसके पहले वे सीएनईबी में सलाहकार संपादक के पद पर कार्यरत थे, परन्‍तु बीच में उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया था.

किशोर मालवीय कई महीनों से विभिन्न राज्यों में विभिन्न ग्रुपों से जुड़कर सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे. वे वायस आफ इंडिया में ग्रुप एडिटर भी रह चुके हैं. किशोर मालवीय ने करियर की शुरुआत 1990 में नभाटा, दिल्ली से की. 1997 में वे जी न्यूज से जुड़े. नलिनी के चैनल 'नेपाल-1' में हेड आफ न्यूज रहे. इंडिया टीवी में भी अच्छी खासी पारी खेली. इंडिया न्यूज में भी रहे. किशोर मालवीय कई कार्यक्रमों को होस्‍ट भी कर चुके हैं. उनके ऊपर महुआ को मजबूत करने की जिम्‍मेदारी रहेगी क्‍योंकि पिछले दिनों जिस स्थिति से महुआ समूह गुजरा है उसमें चैनल को किशोर मालवीय जैसे अनुभवी पत्रकार की ही जरूरत महसूस की जा रही थी.

मुश्किलों से मिली कुछ राहत : महुआ का यूपी-उत्‍तराखंड चैनल लांच

: बिहार में फिर हुआ नम्‍बर वन : काफी उठापटक के दौर से गुजर रहे महुआ न्यूज़ में एक साथ तीन खबरों ने यहां के माहौल को थोड़ी राहत पहुंचाई है। बुधवार (14 दिसम्बर) को महुआ मीडिया का यूपी उत्तराखंड न्यूज चैनल औपचारिक रूप से लांच हो गया। महुआ की परम्परा के मुताबिक न्यूजरूम में पूजन और हवन हुआ। सुबह 11 बजे पहला बुलेटिन हिट हुआ। पहले एंकर रहे दीप सिंह परिहार और आस्था कौशिक। न्यूज़रूम में लाइव किया प्रत्यूष ने।

चैनल लांचिंग पूजा में महुआ ग्रुप की डायरेक्टर श्रीमती मीना तिवारी और ग्रुप एडिटर राणा यशवंत सपत्नीक शामिल हुए। पूरी टीम सुबह से जुटी थी और सबके चेहरे खुशी के मारे खिले हुए थे। महुआ के यूपी-उत्तराखंड चैनल की प्लानिंग कई महीने पहले हो चुकी थी, लेकिन कुछ तकनीकी वजहों से ये अब जाकर लांच हो पाया। वैसे अभी ये सॉफ्ट लांचिंग है। करीब हफ्ते भर बाद ये पूरी तरह से लांच हो जाएगा और यूपी-उत्तराखंड के कोने कोने में देखा जा सकता है।

दूसरी खुशखबरी टीआरपी की है। महुआ का बिहार-झारखंड चैनल लगातार पांचवें हफ्ते नम्बर वन की कुर्सी पर कायम है। इस हफ्ते चैनल की टीआरपी 33 से बढ़कर 34 हो गई, वहीं प्रतिद्वंद्वी ई टीवी बिहार-झारखंड 28 से खिसककर 24 पर पहुंच गया है। सबसे बुरी हालत मौर्या टीवी की है। कभी ये नम्बर वन पर पहुंच चुका था, लेकिन इस हफ्ते बिहार में उसकी टीआरपी 7 पर पहुंच चुकी है।

तीसरी और धांसू खुशखबरी बिहार न्यूज चैनल की है और बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान से जुड़ी हुई है। मंगलवार को शाहरुख अपनी फिल्म डॉन-2 के प्रमोशन के लिए पटना आने वाले थे। शाहरुख नहीं पहुंचे तो उनके चाहने वाले बेकाबू हो गए, पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद शाहरुख ने खुद इच्छा जाहिर की कि वो अपनी बात सिर्फ महुआ न्यूज के जरिए लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। चैनल पर उनका फोनो चला और शाहरुख ने जिंदगी में पहली बार 22 मिनट का फोनो किसी चैनल पर दिया और वो चैनल था महुआ न्यूज़। बाकी सभी चैनलों ने शाहरुख के फोन के लिए कोशिशें कीं, लेकिन कोई और कामयाब नहीं हो पाया। शाहरुख को पता था कि महुआ न्यूज़ पर वो आएंगे तो उनकी बात पूरे बिहार-झारखंड तक पहुंचेगी, इसीलिए उन्होंने अपनी बात रखने का जरिया महुआ न्यूज़ को चुना।

महुआ ने शत्रु से भी की ठगी, नहीं दिया केबीसी भोजपुरी का मेहनताना

प्रसिद्ध अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने सिने एंड टीवी कलाकार संघ (सिंटा) में महुआ चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका अरोप है कि चैनल ने 'कौन बनेगा करोड़पति' शो के भोजपुरी संस्करण का संचालन करने के लिए उनके मेहनताना की रकम अदा नहीं की है। मुहआ चैनल पर प्रसारित हुए प्रसिद्ध शो कौन बनेगा करोड़पति के भोजपुरी संस्करण का संचालन शत्रुघ्न ने ही किया था।

सिंटा के महासचिव धर्मेश तिवारी ने बताया कि शत्रुघ्न ने शिकायत दर्ज कराई है। अब संघ ने चैनल को सात दिन का समय दिया है। अब तक चैनल द्वारा कोई जबाव नहीं दिया गया है। बताया जाता है कि शत्रुघ्न ने शिकायत दर्ज कराने से पहले चैनल से भी बात की थी। शत्रुघ्न के अलावा शो में मेहमान के तौर पर आयी हेमा मालिनी, धर्मेंद्र, सोनाक्षी सिन्हा और गोविंदा जैसे कलाकारों को भी उनके द्वारा जीती हुई रकम अदा नहीं की गई है। यह राशि परमार्थ के लिए घोषित की गई थी।

तिवारी ने बताया कि फिलहाल सिन्हा ने ही इस मामले में उनके पास शिकायत दर्ज कराई है। तिवारी का कहना है कि नियमों के अनुसार चैनल को अब सात दिन का समय दिया गया है और यदि सात दिन की अवधि के भीतर चैनल की तरफ से कोई जवाब नहीं आता है तो उनको पुन: सूचना भेजी जाएगी। साभार : एजेंसी

महुआ बांग्‍ला ने 22 लोगों को निकाला, ऑफ एयर की तैयारी शुरू

: थमाया गया अलविदा का नोटिस, नया प्रोडक्‍शन बंद : कोलकाता: इनकम टैक्‍स की कार्रवाइयों ने लगता है जैसे पीके तिवारी की सारी अकड़ फूं कर दी है। यूपी-उत्‍तराखंड की तैयारियां तो हवा में उड़ चुकी हैं, उधर महुआ बांग्‍ला इंटरटेनमेंट का तिया-पांचा होने लगा है। कल शाम कोलकाता आफिस में काम कर रहे 22 कर्मचारियों को भी नौकरी से हटाने का नोटिस थमा दिया गया। जाहिर है कि अब यहां हड़कम्‍प मचा हुआ है।

महुआ चैनल अब महुआ पीकर मस्‍त दिखने लगा है। भारी तामझाम अब धरे के धरे नजर आ रहे हैं। ओलंपिक आयोजन जैसे धूमधाम से शुरू हुए इस चैनल से महुआ प्रबंधन अब तक करीब डेढ़ सौ लोगों की नौकरियां खाकर उन्‍हें गर्त में ढकेल चुका है। अभी कुछ ही समय पहले ही इस चैनल को कोलकाता से हटा कर नोएडा शिफ्ट करने के नाम पर पचास से ज्‍यादा लोगों को नौकरी से हटाया जा चुका था कि 22 अन्‍य कर्मचारियों को भी नौकरी से हटाया जा रहा है।

कहने की जरूरत नहीं कि अपनी शुरुआत के बाद से ही बंगाल में सबसे निचले पायदान पर आ चुके इस चैनल को अब ऑफ एयर करने का महुआ प्रबंधन मन बना चुका है। इसके लिए सारी तैयारियां भी कर ली गयी हैं। नये कार्यक्रमों का निर्माण बंद कर दिया गया है और इसे पुराने रिले हो चुके कार्यक्रमों के बल पर चलाया जा रहा है। पीडित कर्मचारी दरअसल प्रबंधन के रवैये से बेहद त्रस्‍त हैं। उनका कहना है कि केवल अपने चिंटुओं पर भरोसा कर पीके तिवारी ने उन्‍हें तो भारी-भरकम वेतन पर रख लिया है, जबकि छोटे और जमीनी हकीकत पर काम करने वाले लोगों को सलटाने में जुटे हैं।

अमित, अंबरीश, जयप्रकाश एवं अभिजय इधर-उधर हुए

जालौन से खबर है कि ए2जेड प्रबंधन ने यहां रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे अमित सिंह गौर को कार्यमुक्‍त कर दिया है. उनकी जगह शशिकांत शर्मा को नया रिपोर्टर नियुक्‍त किया गया है. अमित काफी समय से चैनल से जुड़े हुए थे. दैनिक जागरण, नोएडा से खबर है कि सब एडिटर अंबरीश त्रिवेदी का प्रमोशन करके सीनियर सब एडिटर बना दिया गया है. बताया जा रहा है कि वे कुछ दिन पहले ही अमर उजाला से इस्‍तीफा देकर जागरण से जुड़े है.

टीवी 100 से खबर है कि जयप्रकाश शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी महुआ न्‍यूज से शुरू की है. उन्‍हें यहां प्रोड्यूसर बनाया गया है. वे यूपी-उत्‍तराखंड से लांच होने वाले चैनल को अपनी सेवाएं देंगे.

फोकस टीवी से खबर है कि अभिजय झा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी टाइम्‍स नाउ के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां प्रोड्यूसर बनाया गया है. अभिजय इसके पहले भी कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

पुनीत ने पी7 न्‍यूज एवं रवि ने महुआ न्‍यूज ज्‍वाइन किया

जनसंदेश न्‍यूज चैनल से पुनीत ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे एसाइनमेंट हेड के रूप में काम देख रहे थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी पी7 न्‍यूज, मुंबई के साथ शुरू की है. पुनीत को करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. पुनीत इंटरटेनमेंट बीट की खबरों को कवर करेंगे. जनसंदेश न्‍यूज से पहले वे इंडिया न्‍यूज के मुंबई ब्‍यूरो में बॉलीबुड करेस्‍पांडेंट के रूप में कार्यरत रहे थे. पुनीत लहरें को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

ईटीवी, जमशेदपुर से रवि झा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर रिपोर्टर कम कैमरामैन के पद पर कार्यरत थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी महुआ न्‍यूज के साथ शुरू की है. उन्‍हें जमशेदपुर का रिपोर्टर बनाया गया है. रवि की गिनती जमशेदपुर के तेजतर्रार पत्रकारों में की जाती है. रवि 2002 से ही ईटीवी से जुड़े थे. रवि ने करियर की शुरुआत 94 में इस्‍पात मेल के साथ की थी. इसके बाद वे आवाज पहुंचे. लोकल न्‍यूज चैनल थर्ड आई से जुड़े. इसके बाद बार्तालाप मेल तथा यूनिवर्सल मेल पत्रिका का संपादन किया. दैनिक जागरण को सेवा देने के बाद ईटीवी से जुड़ गए थे.

पायनियर रांची देखेंगे अनुपम, महुआ पहुंचे दीप

इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स से खबर है कि अनुपम ने इस्‍तीफा दे दिया है. अनुपम एक बार‍ फिर पायनियर के साथ जुड़ गए हैं. वे रांची में पायनियर के ऑपरेशन की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. उल्‍लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही चंदन मित्रा ने झारखंड में अपने फ्रेंचायजी से काम वापस ले‍ लिया था. अब उनकी कंपनी खुद झारखंड में पायनियर का काम संभाल रही है. बताया जा रहा है कि अनुपम रांची में अखबार के एडिटोरियल और ऑपरेशन दोनों का काम देखेंगे. वे इसके पहले भी पायनियर को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

इंडिया टीवी से दीप परिहार ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर प्रोड्यूसर के पद पर थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी महुआ न्‍यूज के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां एसोसिएट एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर बनाया गया है. दीप इंडिया टीवी से पहले सहारा को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

महुआ न्‍यूज में प्रिंसिपल करेस्‍पांडेंट बने परवेज एवं अभिषेक सिन्‍हा

महुआ न्‍यूज यूपी-उत्‍तराखंड की लांचिंग की तैयारियों के बीच खबर है कि दो लोगों ने अपनी नई पारी शुरू की है. कभी आजतक के स्ट्रिंगर रहे परवेज को महुआ न्‍यूज, आगरा का प्रिंसिपल करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. परवेज फिलहाल जी छत्‍तीसगढ़ को अपनी सेवाएं दे रहे थे. इसके अलावा वे सीएनईबी को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. खबर है कि उन्‍होंने अपनी नई जिम्‍मेदारी संभाल ली है.

दूसरी खबर है कि आजतक, देहरादून के स्ट्रिंगर रहे अभिषेक सिन्‍हा भी महुआ न्‍यूज से जुड़ गए हैं. इन्‍हें भी देहरादून में प्रिंसिपल करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. गौरतलब है कि कुछ विवादों के बाद अभिषेक की आजतक से सेवाएं समाप्‍त हो गई थी. अभिषेक इसके पहले टीवी100 और जैन टीवी में भी काम कर चुके हैं. माना जा रहा है कि इन दोनों लोगों को महुआ से जोड़ने में आज‍तक के वरिष्‍ठों का अहम योगदान है. 

महुआ के केबीसी में जीते लोग बेहाल, कइयों को नहीं मिले पैसे

पटना : लगता है महुआ के पीछे विवादों का भूत पड़ गया है। अब तक आपाधापी और उठापटक तथा खर्चा कटौती के नाम पर चली उहापोह से ही छुटकारा नहीं मिल पाया था कि अब एक नया विवाद खड़ा हो गया। खबर है कि इस चैनल वाले 'के बनी करोड़पति' और 'के होबे कोटिपति' कार्यक्रम में अपनी क्षमता से रकम जीते लोग भुगतान पाने के लिए महीनों से दरदर भटक रहे हैं।

अमिताभ बच्‍चन वाले कौन बनेगा करोड़पति की सफलता को देखते हुए उसी तर्ज पर महुआ प्रबंधन ने भी माल पीटने के लिए इसका भोजपुरी और बांग्‍ला संस्‍करण शुरू किया था। बांग्‍ला कार्यक्रम की कमान प्रख्‍यात क्रिकेट खिलाड़ी एवं पूर्व भारतीय कप्‍तान सौरव गांगुली और भोजपुरी वाले कार्यक्रम की कमान जानेमाने फिल्‍म अभिनेता और राजनीतिज्ञ शत्रुघ्‍न सिन्‍हा को थमाई गयी थी। हालांकि खबर है कि महुआ प्रबंधन के लिए यह कार्यक्रम गले की हड्डी की तरह हो गया। इससे कमाई होना तो दूर, उल्‍टे अपनी टेंट से ही पैसे खिसक गये। जाहिर है कि इस सीरियल से जुड़े कई लोगों का भुगतान भी लटक गया।

लेकिन ताजा खबरों के मुताबिक इन कार्यक्रमों में हॉट-सीट तक पहुंच कर जीत हासिल किये लोगों को उनकी रकम का भुगतान ही नहीं किया गया। ऐसा एक के साथ नहीं, बल्कि ज्‍यादातर लोगों के साथ हुआ बताया जाता है। ताजा मामला है सीमा कुमारी का, जिसने 9 और 12 जुलाई के एपीसोड में रकम जीती थी। अब सीमा और उसके पिता जीती गयी रकम हासिल करने के लिए जमीन-आसमान तक की भागादौड़ी कर रहे हैं। सीमा ने इस कार्यक्रम में एक लाख साठ हजार रुपयों की रकम जीती थी।

सीमा के पिता बिहार जल प्रदाय बोर्ड में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। नाम है प्रभाकर पाण्‍डेय। इंद्रपुरी कालोनी में रहने वाले प्रभाकर पाण्‍डेय की खुशी का तब पारावार नहीं रहा जब उनकी बेटी सीमा कुमारी को फास्‍टेस्‍ट फिंगर फर्स्‍ट में शामिल कर लिया गया। सात जुलाई के एपीसोड में वह कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची तो उस वक्‍त रामगढ़ के सरदार दलजीत सिंह खेल रहे थे। कोलकाता में शूट किये गये इस कार्यक्रम में लिए प्रभाकर और सीमा अपने खर्च पर ही कोलकाता पहुंचे थे। जाहिर है कि इस यात्रा पर ही उनका अच्‍छा-खासा खर्चा आ गया था। वैसे सरदार दलजीत को भी उनकी जीती रकम नहीं मिल सकी है।

बहरहाल, सीमा कुमारी ने इस कार्यक्रम में एक लाख साठ हजार रुपयों की जीत हासिल की, लेकिन उसे जीत के वक्‍त ही चेक अदा करने के बजाय बाद में देने का वायदा किया गया। हालांकि यह तरीका खेल के नियमों के प्रतिकूल था, लेकिन शायद प्रबंधकों की कोई व्‍यावहारिक दिक्‍कत हो, यह सोच कर सीमा और प्रभाकर पांडेय लौट आये। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जब चेक या रकम नहीं मिल सकी तो उन्‍होंने भागादौड़ी शुरू की। कहने की जरूरत नहीं कि यह भागादौड़ी अब तक जारी है, हालांकि इस बारे में वे लगभग सभी जिम्‍मेदार लोगों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। वैसे जानकारों का कहना है कि भोजपुरी और बांग्‍ला के इन कार्यक्रमों में जीते ज्‍यादातर लोगों के साथ भी यही हुआ है।

महुआ न्‍यूज के नेशनल पॉलिटिकल हेड बने अनुराग त्रिपाठी

अंग्रेजी न्‍यूज चैनल न्‍यूज एक्‍स से इस्‍तीफा देने वाले अनुराग त्रिपाठी महुआ न्‍यूज से जुड़ गए हैं. उन्‍हें महुआ न्‍यूज का नेशनल पॉलिटिकल हेड बनाया गया है. वे नोएडा स्थित चैनल के कार्यालय में बैठेंगे तथा यूपी से लॉच होने वाले चैनल के ऑपरेशन में अपनी भूमिका निभाएंगे. अनुराग पिछले तेरह सालों से इस फील्‍ड में सक्रिय हैं.

उन्‍होंने करियर की शुरुआत हिंदुस्‍तान टाइम्‍स से की थी. इसके टाइम्‍स ऑफ इंडिया ज्‍वाइन कर लिया. आजतक के सहारे इन्‍होंने इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा. इंडिया टीवी से भी जुड़े. इसके बाद तहलका को भी अपनी सेवाएं दीं. तहलका छोड़ने के बाद न्‍यूज एक्‍स ज्‍वाइन कर लिया. इन्‍हें यूपी-उत्‍तराखंड का ब्‍यूरो हेड बनाया गया. बाद में प्रबंधन ने इन्‍हें नेशनल ब्‍यूरो में बुला लिया था, जिसके कुछ समय बाद इन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया. अनुराग यंग जर्नलिस्‍ट अवार्ड समेत कई पुरस्‍कार भी पा चुक

महुआ के पटना-रांची कार्यालय में चाय बंद!

अभी कुछ दिन पहले राष्‍ट्रीय सहारा के ऑफिस में चाय के बाद पानी मिलना बंद हुआ था. अब महुआ के पटना ऑफिस में भी चाय मिलना बंद हो गया है. कर्मचारी तो कर्मचारी अब मेहमानों के चाय पर भी रोक लगा दी गई है. मेहमान को बुलाना है तो अपना चाय-पानी कराइए. चैनल अब चाय-पानी का खर्चा नहीं उठाएगा. दरअसल कोलकाता और मुंबई कार्यालय में खर्च की कटौती के बाद अब पटना कार्यालय में खर्च कटौती का फरमान जारी कर दिया गया है.

महुआ के सूत्रों के अनुसार दो दिन पहले नोएडा से पटना कार्यालय में एक आदेश आया है, जिसमें कार्यालय में चाय खर्च पर रोक लगा दिया गया है. बताया जा रहा है कि महुआ के अंदर के हालात बेहतर नहीं हैं. यही कारण है कि खर्च में लगातार कटौती की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि खर्च में पटना के साथ रांची कार्यालय को भी यह फरमान सुना दिया गया है. बहरहाल पिछले छह महीने से स्ट्रिंगरों का पैसा न देना, उसके बाद दो महानगरों में बोरिया बिस्‍तर समेटना तथा बाद में बिहार-झारखंड के ब्‍यूरो कार्यालय में खर्च कटौती का फरमान जारी करना बताता है कि चैनल के हालात ठीक नहीं है. आगे-आगे देखिए क्‍या होता है?

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

महुआ न्‍यूज से विनोद पांडेय का इस्‍तीफा

महुआ न्‍यूज से खबर है कि विनोद पांडेय ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर प्रोड्यूसर थे तथा आउटपुट हेड तथा प्रोग्रामिंग हेड के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी निभा चुके थे. नए प्रबंधन ने नहीं बन पाने के कारण उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा सौंप दिया. दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि उनसे इस्‍तीफा मांगा गया था. विनोद पांडेय महुआ की लांचिंग टीम के सदस्‍य थे. विनोद महुआ से पहले भी कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

प्रशांत का महुआ न्‍यूज एवं पंकज का कशिश न्‍यूज से इस्‍तीफा

महुआ न्‍यूज, रांची से खबर है कि प्रशांत कुमार ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर क्राइम रिपोर्टर थे. प्रशांत महुआ की लांचिंग के समय से जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि प्रशांत नोएडा में एसाइनमेंट के खराब व्‍यवहार तथा नए प्रबंधन की उपेक्षा के चलते नाराज चल रहे थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी कशिश न्‍यूज के साथ शुरू की है. कशिश में अच्‍छी सेलरी तथा अच्‍छे पद पर ज्‍वाइन किया है. खबर है कि महुआ के स्ट्रिंगर भी नाराज चल रहे हैं. उन्‍हें छह माह से पैसा नहीं मिला है.

कशिश न्‍यूज से खबर है कि पंकज कुमार ने यहां से इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर वीडियो एडिटर थे. बताया जा रहा है कि वे चैनल हेड गंगेश गुंजन के रवैये से नाराज थे. वे काफी समय से कशिश से जुड़े हुए थे. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू करने जा रहे हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.  

महुआ से इस्‍तीफा देने वाले विवेक बहल ने टर्नर इंटरनेशनल ज्‍वाइन किया

महुआ के सीईओ पद से इस्‍तीफा देने वाले विवेक बहल ने नई पारी टर्नर इंटरनेशनल के साथ शुरू की है. विवेक ने यहां पर चीफ कंटेंट ऑफिसर के पद पर ज्‍वाइन किया है. वे एक नवम्‍बर से अपनी नई जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे. विवेक मुंबई में ही बैठेंगे तथा टर्नर के इंटरटेनमेंट चैनल इमैजिन टीवी, कार्टून नेटवर्क, पोगो और वार्नर ब्रदर्स का डेवलपमेंट और कंटेंट स्‍ट्रेटजी देखेंगे. वे अपनी रिपोर्टिंग टर्नर ब्राडका‍स्टिंग सिस्‍टम एशिया पैसेफिक इंक के चीफ कंटेंट ऑफिसर मार्क आयर्स को करेंगे.

विवेक महुआ के साथ कंटलटेंट सीईओ की भूमिका निभा रहे थे, परन्‍तु वहां की खराब स्थितियों के चलते उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया था. विवेक इससे पहले एक्‍जीक्‍यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के रूप में स्‍टार नेटवर्क से जुड़े हुए थे. वे कई अन्‍य संस्‍थानों को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वे पिछले ढाई दशकों से इस फील्‍ड में कार्यरत हैं.

बड़े पत्रकार मनाएंगे दिवाली, स्ट्रिंगरों की रहेगी काली

: जनसंदेश चैनल, मौर्य टीवी, जीएनएन न्‍यूज, हमार टीवी, महुआ, आर्यन टीवी के कई स्ट्रिंगरों को नहीं मिला पेमेंट : केंद्र सरकार ने अखबार तथा एजेंसियों के पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारियों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को कुछ बदलाव के साथ मानकर दिवाली का तोहफा दिया है. पर स्ट्रिंगर के रूप में काम करने वाले पत्रकारों की कौन सुनेगा. जनसंदेश चैनल, मौर्य टीवी, महुआ न्‍यूज, जीएनएन न्‍यूज, हमार टीवी, आर्यन जैसे चैनलों को अपनी सेवा देने वाले अनेकों स्ट्रिंगरों को दिवाली पर बोनस मिलना तो दूर उनको मिलने वाला पेमेंट अब तक नहीं दिया गया है. नवदुनिया के पत्रकार भी प्रबंधन के रवैये दुखी हैं.

इन चैनलों के कई स्ट्रिंगरों ने ई-मेल भेजकर भड़ास4मीडिया को अपना दर्द भेजा है. हालांकि इन लोगों को बिना सेलरी वाली नौकरी जाने का भी डर है और इनके अनुरोध पर हम इन लोगों का नाम नहीं दे रहे हैं, पर इनके पत्र को प्रकाशित कर इनकी आवाज इन तथाकथित चैनलों के प्रबंधन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. जनसंदेश चैनल के स्ट्रिंगर ने अपने मेल में लिखा है कि जनसन्देश चैनल ने शायद इस बात की कसम खा रखी है कि स्ट्रिंगर से काम कराओ मगर पैसे के नाम पर सिर्फ आश्वासन देते रहो. पहले पुनीत कुमार ने करीब 17 महीने का पेमेन्ट एक साथ कराने के नाम पर काट-छांट कर कराने का आश्वासन देकर स्ट्रिंगरों को राजी कर लिया और पेमेन्ट सेटलमेण्ट के नाम पर आधा पैसा दे दिया गया. कहा गया कि शेष पैसा अगले 15 दिन में पूरा करा दिया जायेगा. फिर 1 दिन में तीन-तीन खबर मांगने लगे, पर पेमेंट आज तक नहीं दिया.

मार्च 2011 तक का पेमेन्ट सेटेलमेन्ट में जोडा गया, जिसका 50 हजार रुपये हुए उसका सेटेलमेन्ट कर दिया 10 हजार में. दिये 5000 और कहा कि 15 दिन में पूरा पैसा दे दिया जाएगा पर आज तक नहीं मिला. मार्च 2011 से अब तक के पेमेन्ट का तो कोई पता ही नहीं. असाइनमेंट से चैनल चलता रहे इस लिये प्रमोशन का लॉलीपाप देकर चैनल चलाया जा रहा है. यूपी के चुनाव को मिशन मानने वाले चैनल के लोग कब समझेंगे कि पैसा नही देंगे तो चुनाव में उनके नेताओं की गली मोहल्लों की सभा एसाइनमेंट तक कौन पहुंचायेगा, क्योंकि खबर इनको स्टार न्‍यूज, आजतक से भी पहले चहिये होती है.

मौर्य न्‍यूज यूपी को सेवाएं देने वाले स्ट्रिंगर लिखते हैं कि यशवंतजी, आपको यह पत्र भेज रहा हूँ ताकि यूपी के स्ट्रिंगरों का दर्द आप मौर्य टीवी प्रबंधन तक पहुंचा कर दीपावली पर हमारे दुःख को साझा कर सकें. हमारा नाम आप सार्वजानिक नहीं करेंगे इस विश्‍वास के साथ आपको बता रहा हूँ कि यूपी में अपना कदम बढ़ाने के लिए मौर्य टीवी ने पूरे प्रदेश में स्ट्रिंगर रखे. चैनल को पहचान और मुकाम दिलाने के लिए स्ट्रिंगरों ने न सिर्फ कड़ी मेहनत की बल्कि खबरें भी खूब भेजीं, लेकिन मौर्य टीवी ने खबरें चलायी तो जरूर लेकिन स्ट्रिंगरों को पारिश्रमिक देने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया. यूपी भर के स्ट्रिंगरों द्वारा एक साथ खबरें भेजना बंद करने पर प्रबंधन ने दीपावली से पहले तक पारिश्रमिक देने का आश्वासन दिया. अब दीपावली भी आ गयी लेकिन पैसा नहीं आया. मौर्य में काम करने वाले स्ट्रिंगर अब परेशान हैं कि बिना पैसे कैसे मनाये दिवाली. चैनल के मुखिया प्रकाश झा क्या नहीं जानते कि स्ट्रिंगरों की काली होती दीवाली पैसे की जरूरत पड़ती है. मौर्य टीवी से जुड़े स्ट्रिंगरों को पैसा कब मिलेगा? अभी कुछ नहीं पता है.

जीएनएन न्‍यूज के छत्‍तीसगढ़ के स्ट्रिंगर का कहना है कि जीएनएन न्‍यूज के लांचिंग से पहले से हमलोग इस चैनल से जुड़े हुए हैं. शुरू में सब ठीक रहा तो हम लोगों ने मन लगाकर काम किया, पर जब इस चैनल की लांचिंग हुई है तब से हमलोगों का पैसा चैनल प्रबंधन ने नहीं दिया है. पैसे के बारे में बात करने पर बस आश्‍वासन मिलता है कि इतने तारीख को दिया जाएगा, उतने तारीख को दिया जाएगा. हम इस मजबूरी में छोड़ नहीं रहे कि जितना दिन मेहनत किया कम से कम उतने दिन का पैसा तो मिल जाए. छत्‍तीसगढ़ के अलावा दूसरे प्रदेशों के कई स्ट्रिंगरों को भी इन्‍होंने पैसा नहीं दिया है. वैसे इसके पहले भी एक स्ट्रिंगर का मेल आने पर भड़ास4मीडिया ने कंसल्टिंग एडिटर अमिताभ भट्टाचार्य से संपर्क किया था तो उन्‍होंने कहा था कि सभी को दिवाली का गिफ्ट तथा पैसे भेजे जा रहे हैं, पर एक बार फिर मेल आने के बाद ऐसा लग रहा है कि प्रबंधन ने अभी तक सभी स्ट्रिंगरों का पैसा नहीं दिया है. 

इसी तरह से एक दो लाइन के मेल भेजकर हमार टीवी, आर्यन टीवी और महुआ के स्ट्रिंगरों ने कहा है कि उन्‍हें पेमेंट दिए जाने के आश्‍वासन तो दिए जा रहा है पर पेमेंट नहीं दिया जा रहा है. इन लोगों ने बताया कि इन्‍हें न्‍यूनतम दो महीने से लेकर अधिकतम आठ महीने तक का पेमेंट नहीं दिया गया है. दिवाली पर उम्‍मीद थी कि सभी चैनल पेमेंट कर रहे हैं तो हमारे चैनल भी हमारा बकाया दे देगा पर निराशा ही हाथ लगी है. नवदुनिया अखबार के पत्रकार ने पत्र भेजकर कहा है कि प्रबंधन कर्मचारियों का बोनस खा गया. ईएसआई कटौती की लिमिट पन्‍द्रह हजार सेलरी वालों की है और बोनस केवल दस हजार तक की सेलरी वाले कर्मचारियों को दिया गया.

यह तथ्‍य कई चैनलों के स्ट्रिंगरों द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित है. लिहाजा इसमें कुछ कमी-बेसी हो सकती है. इस संदर्भ में जिसको कुछ कहना है वो मेल भेजकर या नीचे कमेंट बाक्‍स में अपनी बात लिख सकता है.