”पता नहीं उस लड़की के मन में मुझसे कौन सा बैर था”

भूलना आदमी की व्यक्तिगत समस्या है। लेकिन नजर पड़ते ही आदमी याद आ जाता है। अभी-अभी सोशल नेटवर्किंग साइट के साथ ही एक न्यूज़ वेब पोर्टल पर द हिन्द समाचार लिमिटेड, जालंधर के तात्कालीन प्रबंध संपादक अविनाश चोपड़ा जी का एक कार्टून देखा। यह कार्टून क्या दर्शाता है और इसकी रचना के पीछे कार्टूनिस्ट की क्या मंशा है? इस जिरह में नहीं पड़ना चाहता।