बीटीवी से रवींद्र कैलासिया का इस्‍तीफा, नवदुनिया जाएंगे

दैनिक भास्‍कर के चैनल बीटीवी से खबर है कि रवींद्र कैलासिया ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे इस चैनल के संपादक थे. रवींद्र अपनी नई पारी दैनिक जागरण समूह के अखबार नवदुनिया के साथ करने जा रहे हैं. नईदुनिया का भोपाल में नवदुनिया के नाम से प्रकाशन होता है. रवींद्र को यहां पर न्‍यूज एडिटर बनाया जा रहा है. संभावना है कि वे 1 मार्च को अपनी जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे.

रवींद्र कैलासिया मध्‍य प्रदेश के तेजतर्रार तथा जानेमाने पत्रकार हैं. बीटीवी से इनका जाना भास्‍कर समूह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. रवींद्र कैलासिया लगभग तीन दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्‍होंने अपने करियर की शुरुआत 84 में नईदुनिया के साथ की थी. नवदुनिया के साथ ये घर वापसी कर रहे हैं. इसके अलावा इन्‍होंने चौथा संसार, नवभारत, दैनिक भास्‍कर, पत्रिका को भी लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं. उल्‍लेखनीय है कि पिछले दिनों भास्‍कर समूह ने हैथवे से अपना टाइअप खतम कर लिया था, जिसके बाद से ही बीटीवी का संचालन बंद होने के कगार पर था. 

पढिए.. कैसे तीन मीडियाकर्मियों ने दिया पत्रिका को झटका

बिलासपुर से खबर है कि तीन तीन मीडियाकर्मियों ने पत्रिका को झटका दे दिया. इनमें से दो सब एडिटर तथा एक पेजमेकर शामिल है. बताया जा रहा है कि सब एडिटर दिलीप यादव तथा दीपक देवांगन तथा पेजमेकर रवि वैष्‍णव ने सात फरवरी को नईदुनिया, बीना को बिना कोई सूचना दिए पत्रिका ज्‍वाइन कर लिया था. लंबे समय तक चले मोलभाव के बाद तीनों ने सेवा शर्तों और वेतन तथा भत्‍तरों के संबंध में ठोंक बजाकर बात कर ली थी.

दिलीप यादव स्वयं रायपुर जाकर पत्रिका के स्टेट एडिटर गिरीराज शर्मा से मिले थे. इसके बाद जयपुर से आफर लेटर मंगाया गया था. इस पर तीनों ने सात व आठ फरवरी को पत्रिका के कार्यालय में काम किया था, लेकिन 9 फरवरी को नाटकीय ढंग से अचानक तीनों ने पत्रिका को ठेंगा दिखा दिया और वापस नईदुनिया आ गए. तीनों के नईदुनिया लौटने पर किसी ने सुबह का भूला कहा तो किसी ने लौट के बुद्धु घर आए कहकर चुटकी ली. दूसरी ओर पत्रिका कार्यालय में मनहूसियत भरी खामोशी छा गई. तीनों को ज्वाइनिंग देने वाले संपादक अनिल केहले और तीनों को संपादक से मिलवाने वाले सज्जन का चेहरा देखते ही बन रहा था. तीनों के इस करतब की चर्चा विभिन्न मीडिया समूहों के अलावा राजनेताओं और प्रबुद्ध लोगों में भी होने लगी.  

कोई कहता अच्छा हुआ दूसरों को धोखा देने वालों के साथ ऐसा ही होना चाहिए तो कोई कहता पत्रिका को ईंट का जवाब पत्थर से मिल गया. पत्रिका वालों ने शहर के कई पत्रकारों के साथ छल किया है. किसी को दो-तीन दिन काम लेने के बाद चलता कर दिया तो किसी से दो माह तक काम लेने के बाद कह दिया कि नई नियुक्ति पर रोक लगा दिया है. बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम से जहां पत्रिका की भद्द पीट गई है वहीं नई दुनिया के संपादक सुनील गुप्ता की बांछे खिल गई है.

प्रदीप सौरभ बने नेशनल दुनिया के संपादक

नेशनल दुनिया से खबर आ रही है कि वरिष्‍ठ पत्रकार एवं उपन्‍यासकार प्रदीप सौरभ अखबार के साथ जुड़ गए हैं. उन्‍हें अखबार का संपादक बनाया गया है. प्रदीप सौरभ 1 फरवरी से अपना कार्यभार ग्रहण कर लेंगे. प्रदीप सौरभ दिल्ली के चर्चित व बेहतरीन पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं. इलाहाबाद के रहने वाले प्रदीप सौरभ करीब 28 वर्षों से हिंदुस्तान अखबार के साथ जुड़े हुए थे. शशि शेखर के प्रधान संपादक बनने के बाद उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया था.

प्रदीप सौरभ लंबे समय तक हिंदुस्‍तान के नेशनल ब्यूरो में कार्यरत रहे हैं. उन्‍होंने 'तीसरी ताली' एवं 'मुन्‍नी मोबाइल' समेत कई उपन्‍यास भी लिखे हैं. प्रदीप सौरभ को देश-विदेश में कई सम्‍मान प्राप्‍त हो चुका है. अब प्रदीप सौरभ के नेशनल दुनिया से जुड़ने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि आलोक मेहता का दौर अब थमने वाला है. अखबार की दिन प्रतिदिन बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पहले से ही कयास लगाया जा रहा था कि प्रबंधन आलोक मेहता का विकल्‍प तलाश रहा है. हालांकि प्रदीप सौरभ ने संपादक के पद पर ज्‍वाइन किया है जबकि आलोक मेहता प्रधान संपादक हैं, लेकिन माना जा रहा है कि प्रबंधन ने उनसे किनारा करने के लिए ही प्रदीप सौरभ को अपने साथ जोड़ा है.


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इंटरनेट मीडिया बन रहा है पाठकों की पहली पसंद : बेटरमैन

: दूरदर्शन एवं डायचेवेले के बीच समझौता : नई दिल्ली। जर्मन रेडियो की हिंदी सेवा डॉयचेवेले के महानिदेशक एरिक बेटरमैन को लगता है कि बमुश्किल अगले दो दशकों में प्रिंट मीडिया के दिन लद जाएंगे। दुनिया की आबादी का एक बेहद छोटा हिस्सा ही अखबार प़ढ़ेगा। इंटरनेट मीडिया तेजी से युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। बेटरमैन एशियन ब्रॉडकास्टर्स सम्मेलन को संबोधित करने के सिलसिले में दिल्ली में हैं। उन्होंने इस दौरान डॉयचेवेले और दूरदर्शन के बीच व्यापक सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किए।

जर्मनी का अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर डॉयचेवेले अगले सप्ताह से ही इंटरनेट पत्रिका शुरू कर रहा है। अगले साल के शुरू से भारत में अंग्रेजी में 24घंटे के वेब टीवी शुरू करने की भी उसकी योजना है। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में डॉयचेवेले अपने 4500 पार्टनर के साथ अपनी वैश्विक पहुंच को अंजाम देगा। "नईदुनिया" के दफ्तर में एक मेहमान के तौर पर आए बेटरमैन ने मीडिया के भविष्य एवं उसमें आ रहे बदलावों से जु़ड़े सवालों के जबाव दिए। बेटरमैन ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में "नईदुनिया" के पोर्टल "वेबदुनिया" की खूबियों को समझने की भी कोशिश की।

बेटरमैन ने बताया कि डॉयचेवेले दूरदर्शन के डीटीएच प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से ही 24 घंटे का न्यूज एवं सूचना चैनल प्रसारित कर रहा है, लेकिन ताजा समझौते के बाद दोनों के बीच सहयोग का क्षेत्र व्यापक हो जाएगा। डीडी और डीडब्ल्यू के बीच सह-निर्माण, प्रशिक्षण, साझे कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में सहयोगा होगा। दूरदर्शन नेटवर्क पर डॉयचेवेले के चुनिंदा टीवी प्रोग्राम भी प्रसारित होंगे। दोनों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, लाइफ स्टाइल, वैश्विक मुद्दों, व्यक्तित्व एवं घटनाओं के टीवी कार्यक्रमों को लेनदेन होगा। वे टेलीविजन के साझा कार्यक्रमों की संभावनाओं की प़ड़ताल कर उन्हें अंजाम देंगे। इस करार पर बेटनमैन के साथ दूरदर्शन के महानिदेशक त्रिपुरारीशरण ने हस्ताक्षर किए।

बेटरमैन ने कहा कि डॉयचेवेले के वेब टीवी प्रोजेक्ट में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं बड़ी भूमिका निभाने वाली हैं। भारत हमारे लिए बहुत महत्व का देश है। भारत के लिए इंटरनेट रेडियो एवं वेबसाइट के क्षेत्र में डॉयचेवेले ने दीर्घकालीन योजना बनाई है। उन्होंने चीन में डॉयचेवेले को प्रसारण में आ रही कठिनाइयों की चर्चा करते हुए कहा कि डॉयचेवेले के लिए भारत उच्च प्राथमिकता वाला देश है। उन्होंने कहा कि डॉयचेवेले के कार्यक्रमों में तिब्बत से जु़ड़ी खबरों की प्रचुरता चीनियों को बहुत खलती है, इसलिए वहां हमारे लिए इंटरनेट पर बहुत बंदिशें हैं। उन्होंने बताया कि डॉयचेवेले भारत एवं दुनिया के अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अपने वेबसाइट की सामग्रियों की गुणवत्ता ब़ढ़ाएगा। साभार : नई दुनिया